अलीगढ़ में पुलिस का बड़ा एक्शन: महिलाओं से तमंचे के बल पर लूट करने वाले दो कुख्यात बदमाश मुठभेड़ में ढेर
अलीगढ़ के ग्रामीण इलाकों में पिछले एक सप्ताह से महिलाओं के बीच दहशत का कारण बने दो शातिर बदमाश आखिरकार पुलिस मुठभेड़ में मार गिराए गए। तमंचे के बल पर महिलाओं से जेवर, नकदी और कीमती सामान लूटने वाले इस गैंग ने गांव-देहात में भय का माहौल बना दिया था। लगातार हो रही वारदातों से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा था और पुलिस पर जल्द कार्रवाई का दबाव भी था। आखिरकार अतरौली थाना क्षेत्र में आम के बाग में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने दोनों बदमाशों का अंत कर दिया।
ग्रामीण महिलाओं को बना रहे थे निशाना
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पिछले सात दिनों के भीतर अलीगढ़ के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं से लूट की एक दर्जन से ज्यादा घटनाएं सामने आई थीं। बदमाश सुनसान रास्तों, खेतों के किनारे और गांवों के बाहर महिलाओं को अकेला देखकर उन्हें तमंचा दिखाकर रोकते थे और फिर उनके गहने, नकदी और अन्य सामान लूटकर फरार हो जाते थे। लगातार हो रही इन घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में भय का माहौल पैदा कर दिया था।
पुलिस ने चलाया विशेष अभियान
घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सर्विलांस टीम, एसओजी और स्थानीय पुलिस को लगातार सक्रिय किया गया। पुलिस को सूचना मिली कि दोनों बदमाश अतरौली थाना इलाके में स्थित एक आम के बाग में छिपे हुए हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दबिश दी।
घेराबंदी होते ही शुरू कर दी फायरिंग
बताया गया कि पुलिस ने जब बदमाशों को घेरकर आत्मसमर्पण करने के लिए कहा तो उन्होंने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। काफी देर चली मुठभेड़ में दोनों बदमाश गोली लगने से घायल होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
कौन थे मारे गए बदमाश?
मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाश बेहद शातिर और पेशेवर अपराधी बताए जा रहे हैं।
रज़ा मोहम्मद
पहला बदमाश रज़ा मोहम्मद हापुड़ का रहने वाला था। उसके खिलाफ करीब 40 मुकदमे दर्ज थे। इनमें गैंगस्टर एक्ट के साथ-साथ 28 लूट के मुकदमे शामिल थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और कई जिलों की पुलिस को उसकी तलाश थी।
मुबीन
दूसरा बदमाश मुबीन बुलंदशहर के कोतवाली देहात क्षेत्र का निवासी था। उसके खिलाफ 27 मुकदमे दर्ज थे, जिनमें 18 मामले लूट से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार वह भी कई संगीन वारदातों में शामिल रहा था और लंबे समय से फरार चल रहा था।
दोनों पर था 50-50 हजार रुपये का इनाम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों अपराधियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। जिले की पुलिस के साथ-साथ रेंज स्तर से भी दोनों को पकड़ने के लिए इनाम घोषित किया गया था। लगातार वारदातों के कारण पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई थीं।
कई जिलों में फैला था अपराध का नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि दोनों बदमाश केवल अलीगढ़ ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों में भी सक्रिय थे। उनका तरीका लगभग एक जैसा था। वे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को अकेला देखकर उन्हें हथियार के बल पर लूटते थे और फिर तेजी से फरार हो जाते थे। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
पुलिस अधिकारियों का बयान
एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि दोनों बदमाश बेहद खतरनाक अपराधी थे और पिछले कई दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में आतंक फैला रहे थे। पुलिस लगातार उनकी तलाश में थी। उन्होंने बताया कि बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। मुठभेड़ में घायल हुए दोनों पुलिसकर्मियों का इलाज कराया जा रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
ग्रामीण इलाकों में राहत, लोगों ने ली चैन की सांस
दोनों बदमाशों के मारे जाने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने राहत की सांस ली है। लगातार हो रही लूट की घटनाओं से महिलाएं बेहद डरी हुई थीं। पुलिस कार्रवाई के बाद लोगों को उम्मीद है कि इलाके में अब अपराध का ग्राफ कम होगा और महिलाओं की सुरक्षा मजबूत होगी।
अपराध के खिलाफ कड़ा संदेश
इस मुठभेड़ को पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। लगातार बढ़ती लूट की घटनाओं के बीच पुलिस ने साफ संदेश देने की कोशिश की है कि महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अलीगढ़ पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में भी जुट गई है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी तरह से सुरक्षा बहाल की जा सके।