Crime News Hindi: वाराणसी के नमो घाट से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 17 साल के एक युवक की बाउंसर्स और प्राइवेट गार्ड्स ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह मामला सिर्फ मारपीट का नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का भी है। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।
क्या हुआ नमो घाट पर उस रात?
रविवार तड़के करीब 3 बजे सोनभद्र से आए 5 दोस्त नमो घाट घूमने पहुंचे थे।
- घाट पर मौजूद प्राइवेट गार्ड्स ने उन्हें रोक दिया
- इसी दौरान एक गार्ड और राजेश के बीच कहासुनी हो गई
- गार्ड ने गाली-गलौज शुरू की, जिससे विवाद बढ़ गया
दोस्तों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया और सभी वहां से दूसरी ओर चले गए।
वापस लौटने पर घेरकर की गई बेरहमी से पिटाई
जब सभी दोस्त वापस लौट रहे थे, तब:
- 10-12 गार्ड्स और बाउंसर्स ने उन्हें घेर लिया
- सभी के हाथ में लाठियां थीं
- उन्होंने पांचों दोस्तों को पीटना शुरू कर दिया
इस दौरान राजेश जायसवाल को सबसे ज्यादा मारा गया। वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवकों को अस्पताल ले जाया गया।
- राजेश को मंडलीय अस्पताल ले जाया गया
- डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया
- अन्य चार दोस्त भी घायल हुए
कौन था मृतक राजेश जायसवाल?
मृतक की पहचान राजेश जायसवाल उर्फ चिंटू (17) के रूप में हुई है।
- वह सोनभद्र का रहने वाला था
- परिवार का जिम्मेदार सदस्य था
- सब्जी की दुकान लगाकर घर का खर्च चलाता था
- तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था
राजेश शनिवार को दवा लेने वाराणसी आया था और दोस्तों के साथ घूमने नमो घाट गया था।
दोस्त ने बताई पूरी घटना
राजेश के दोस्त बृजेश गुप्ता के मुताबिक:
- गार्ड्स 10-12 की संख्या में लाठियां लेकर आए
- सभी दोस्तों को बेरहमी से पीटा गया
- खुद जान बचाकर भागना पड़ा
उन्होंने कहा कि CCTV फुटेज से पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
परिवार का आरोप और न्याय की मांग
राजेश के भाई अंकित जायसवाल ने कहा:
- राजेश ही परिवार का सहारा था
- उसकी मौत से पूरा परिवार टूट गया
परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है।
पुलिस कार्रवाई: 4 आरोपी गिरफ्तार, कंपनी पर भी शिकंजा
पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए:
- 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया
- पवन यादव
- मनीष यादव
- सूरज यादव
- राहुल यादव
- CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं
- सिक्योरिटी कंपनी के संचालक अनुज सिंह को भी हिरासत में लिया गया
सिक्योरिटी कंपनी की बड़ी लापरवाही उजागर
जांच में सामने आया कि:
- गार्ड्स को बिना बैकग्राउंड चेक के रखा गया
- कोई आधिकारिक प्रक्रिया नहीं अपनाई गई
- अनऑथराइज्ड लोगों को नौकरी दी गई
यह लापरवाही सीधे इस हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है।
घाट 24 घंटे खुला होने के बावजूद क्यों रोका गया?
कुछ दिन पहले ही पुलिस ने कहा था कि घाट 24 घंटे खुला है।
लेकिन इस घटना में गार्ड्स ने घाट बंद होने का हवाला देकर युवकों को रोका।
अब यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है कि:
- अगर घाट खुला था, तो गार्ड्स ने क्यों रोका?
- और कैसे विवाद इतना बढ़ गया कि हत्या तक पहुंच गया?
पुलिस का बयान
एसीपी विजय प्रताप सिंह के अनुसार:
- सभी आरोपी गार्ड्स को बिना वेरिफिकेशन के रखा गया था
- कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी
- पूरे मामले की गहन जांच जारी है
बड़ा सवाल: क्या सुरक्षित हैं पर्यटन स्थल?
इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि:
- क्या सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा के नाम पर अराजकता हो रही है?
- क्या प्राइवेट गार्ड्स बिना ट्रेनिंग और नियमों के काम कर रहे हैं?
एक छोटी सी बहस ने एक परिवार से उसका बेटा छीन लिया।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).