Taj Mahal Video: आगरा स्थित Taj Mahal परिसर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग ‘हरे कृष्णा-हरे राम’ का कीर्तन करते नजर आ रहे हैं। मामला सामने आने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने CISF से रिपोर्ट तलब कर जांच शुरू कर दी है।
मुख्य मकबरे के नीचे बैठकर किया गया कीर्तन
करीब 1 मिनट 2 सेकंड के वायरल वीडियो में 30 से 35 लोग मुख्य मकबरे के नीचे चमेली फर्श पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। एक व्यक्ति भगवा वस्त्र पहने नजर आता है, जबकि सामने महिलाएं और युवतियां बैठी हैं और कीर्तन चल रहा है।
Tajmahal मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी प्रिय पत्नी की याद में बनवाया था। कुछ लोग Tajmahal में कीर्तन करते हुए देखें गए हैं। पूर्व में ताजमहल के अंदर कई बार गंगाजल ले जाने, झंडा फहराने, और रील बनाने जैसी गतिविधियां भी पकड़ी गई हैं लेकिन ASI द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जाती है। pic.twitter.com/Edy4mUfMzX
— Madan Mohan Soni (@madanmohansoni) May 27, 2026
गाइड की आवाज भी आई सुनाई
वीडियो में बैकग्राउंड में गाइड की आवाज सुनाई दे रही है, जो ताजमहल और यमुना से जुड़ी जानकारी दे रहा है। इससे संकेत मिलता है कि उस समय सामान्य पर्यटक गतिविधियां भी जारी थीं।
ASI ने CISF से मांगी रिपोर्ट
ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक के अनुसार, वीडियो की जांच की जा रही है। यह स्पष्ट किया जा रहा है कि वीडियो हाल का है या पुराना। Archaeological Survey of India (ASI) ने सुरक्षा एजेंसी से पूरी रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
ताजमहल में क्या हैं नियम?
धार्मिक गतिविधियों पर सख्त रोक
ताजमहल में किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं है।
केवल शुक्रवार, रमजान और ईद के मौके पर नमाज की इजाजत दी जाती है।
सुरक्षा और एंट्री नियम
- बिना अनुमति हथियार लेकर प्रवेश वर्जित
- हर व्यक्ति की तलाशी अनिवार्य
- VIP और आम नागरिकों के लिए समान नियम
खाने-पीने और सामग्री पर प्रतिबंध
- खाने-पीने की चीजें ले जाना मना
- केवल पानी की बोतल की अनुमति
- झंडे और प्रचार सामग्री प्रतिबंधित
मुख्य गुंबद के नियम
- जूते पहनकर प्रवेश नहीं
- जूते उतारना या शू-कवर पहनना अनिवार्य
ताजमहल से जुड़े पुराने विवाद
‘तेजोमहालय’ विवाद
1965 में P. N. Oak की किताब में ताजमहल को शिव मंदिर बताया गया था, जिसे बाद में इतिहासकारों और ASI ने खारिज कर दिया।
कोर्ट में याचिकाएं और फैसले
- 2015: ताजमहल को मंदिर घोषित करने की मांग
- 2022: 22 बंद कमरों को खोलने की याचिका
अदालत ने दोनों याचिकाएं खारिज कर दीं
आधिकारिक स्थिति
ASI और अदालतों के अनुसार, ताजमहल एक मकबरा है, जिसे Shah Jahan ने बनवाया था।