Same sex marriage: बिहार के जमुई जिले से एक ऐसी शादी सामने आई है, जिसने समाज, कानून और रिश्तों को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है। BPSC से चयनित सरकारी शिक्षिका नयनश्री कुमारी ने अपनी फुफेरी बहन राखी कुमारी का जेंडर चेंज कराने के बाद उससे शादी कर ली। यह मामला अब पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पटेश्वर नाथ मंदिर में हुई शादी
नयनश्री (22) और राखी कुमारी, जो जेंडर ट्रांजिशन के बाद राहुल (24) बन चुकी हैं, ने 31 मई 2026 को जमुई के लक्ष्मीपुर स्थित पटेश्वर नाथ मंदिर में शादी की।
शादी में सीमित लोग शामिल हुए और हिंदू रीति-रिवाजों के साथ वरमाला और अन्य रस्में निभाई गईं। इसके बाद दोनों राहुल के गांव पहुंचे, जहां पारंपरिक रस्में भी पूरी की गईं।
परिवार को नहीं थी पहले से जानकारी
राहुल की मां सुशीला देवी के मुताबिक, उन्हें इस शादी की जानकारी बाद में फोन के जरिए मिली। परिवार को दोनों के रिश्ते की भनक तक नहीं थी क्योंकि वे फुफेरी बहनें थीं।
परिवार ने बताया कि अगर यह लड़का-लड़की का मामला होता, तो शायद पहले ही शक हो जाता, लेकिन दोनों के बहन होने के कारण किसी को अंदाजा नहीं हुआ।
बचपन की दोस्ती से शुरू हुई प्रेम कहानी
नयनश्री और राखी बचपन से साथ पढ़ती और रहती थीं।
- 2019 में दोनों ने साथ में मैट्रिक पास किया
- 11वीं-12वीं में साथ कोचिंग ली
- ग्रेजुएशन भी एक ही जगह से किया
- हॉस्टल में एक ही कमरे में रहती थीं
इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता प्रेम में बदल गया।
पटना में पढ़ाई के दौरान बढ़ी नजदीकियां
2023 में दोनों ने BPSC की तैयारी के लिए पटना का रुख किया। परिवारों के अच्छे संबंध होने के कारण उन्हें साथ रहने की अनुमति मिल गई।
2025 में नयनश्री ने BPSC परीक्षा पास कर ली और TRE-3 के तहत शिक्षक के रूप में चयनित होकर लक्ष्मीपुर के एक प्राइमरी स्कूल में जॉइन कर लिया।
8 लाख का लोन लेकर कराया जेंडर ट्रांजिशन
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 6 महीने पहले राखी ने जेंडर ट्रांजिशन कराया और राहुल बन गईं।
इसके लिए नयनश्री ने अपने नाम पर लगभग 8 लाख रुपए का बैंक लोन लिया। बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन दिल्ली के AIIMS Delhi में कराया गया।
नयनश्री का मानना था कि अगर वह खुद ट्रांजिशन करातीं, तो उनकी सरकारी नौकरी पर असर पड़ सकता था।
शादी के बाद हुआ विवाद, घर से भागा जोड़ा
शादी के बाद जब यह बात परिवारों को पता चली, तो विरोध शुरू हो गया।
राहुल की बहन के मुताबिक, नयनश्री के परिवार वाले उनके घर पहुंचे और हंगामा किया। स्थिति बिगड़ने पर दोनों को पीछे के दरवाजे से भगा दिया गया।
फिलहाल, दोनों का कोई पता नहीं है और उनके फोन भी बंद हैं।
पड़ोसियों ने बताया स्वभाव
पड़ोसियों के अनुसार, नयनश्री बचपन से ही शांत और सरल स्वभाव की थीं।
उन्हें ज्यादा दिखावा या फैशन का शौक नहीं था और वह हमेशा राखी के साथ ही नजर आती थीं। गांव में उनका परिवार भी सादा और मिलनसार माना जाता है।
पुलिस का क्या कहना है?
हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन फिलहाल कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
पुलिस का कहना है कि दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं। अगर कोई शिकायत मिलती है, तो कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहता है भारतीय कानून?
भारत में समलैंगिक संबंध अपराध नहीं हैं, लेकिन शादी को लेकर कानून अलग है।
- 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया
- 2023 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इनकार किया गया
इसका मतलब है कि दो वयस्क आपसी सहमति से साथ रह सकते हैं (लिव-इन), लेकिन शादी को कानूनी मान्यता नहीं मिलती।
क्यों चर्चा में है यह मामला?
यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसमें रिश्ते, जेंडर ट्रांजिशन, कानून और समाज—चारों पहलू एक साथ जुड़े हुए हैं।
नयनश्री और राहुल की कहानी ने एक तरफ भावनाओं को छुआ है, तो दूसरी तरफ समाज और कानून पर बहस भी छेड़ दी है।