Delhi Fire News: मालवीय नगर के होटल-रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग, 20 लोगों की मौत; 40 से ज्यादा घायल, जान बचाने के लिए इमारत से कूदे लोग
सुबह-सुबह आग ने मचाई तबाही, होटल और रेस्टोरेंट में फंसे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। इलाके में स्थित होटल फ्लोरिस स्टे और उससे जुड़े रेस्टोरेंट परिसर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में हालात इतने गंभीर हो गए कि अंदर मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। इस हादसे में 20 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 40 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। होटल के कमरों, गलियारों और अन्य हिस्सों में तेजी से फैले धुएं ने लोगों को घेर लिया। कई लोग मदद के लिए आवाज लगाते रहे, जबकि कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों और ऊपरी मंजिलों से छलांग तक लगा दी।
कुछ ही मिनटों में आग ने लिया विकराल रूप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुरुआत में लोगों को लगा कि यह सामान्य आग है, लेकिन कुछ ही देर में लपटें कई हिस्सों तक पहुंच गईं। आग के साथ फैले धुएं से स्थिति खतरनाक हो गयी भवन के भीतर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का रास्ता तक दिखाई नहीं दे रहा था।
बताया जा रहा है कि आग लगने के समय होटल में कई मेहमान ठहरे हुए थे। रेस्टोरेंट में भी लोगों की मौजूदगी थी। अचानक हुई इस घटना ने वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गयी।
जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे लोग
जब धुआं कमरों और सीढ़ियों तक पहुंच गया तो कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से बाहर निकलने का प्रयास किया। कुछ लोग खिड़कियों से लटकते दिखाई दिए, जबकि कुछ ने नीचे कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की।
मौके पर मौजूद लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद की। स्थानीय लोगों ने कई घायलों को बाहर निकालने और उन्हें अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।
दमकल विभाग ने शुरू किया बड़ा बचाव अभियान
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग पर नियंत्रण पाने के लिए दस से अधिक दमकल वाहनों को लगाया गया। पुलिस, आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों और एम्बुलेंस सेवाओं ने भी संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल रहीं हैं।
दमकल कर्मियों ने इमारत के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। बचाव अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को बाहर निकाला गया।
धुएं ने छीनी कई लोगों की जिंदगी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कई लोगों की मौत आग की लपटों से अधिक धुएं के कारण हुई। इमारत के भीतर धुआं इतनी तेजी से फैला कि लोगों को सांस लेने में कठिनाई होने लगी। कुछ लोग कमरों में ही फंस गए, जबकि कई लोग बाहर निकलने से पहले ही बेहोश हो गए।
अधिकारियों का मानना है कि यदि धुआं नियंत्रित रहता तो हताहतों की संख्या कम हो सकती थी। फिलहाल मृतकों की पहचान करने और उनके परिजनों को सूचना देने का काम जारी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जताया शोक
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मालवीय नगर में हुई यह दुर्घटना अत्यंत दुखद है और सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही अग्निशमन सेवा, पुलिस, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और एम्बुलेंस सेवाओं को तत्काल सक्रिय किया गया। उन्होंने कहा कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और राहत कार्यों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रधानमंत्री ने किया सहायता राशि का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
आग लगने की वजह अब भी जांच के दायरे में
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग किस कारण लगी। जांच एजेंसियां हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं। विद्युत व्यवस्था, रसोई क्षेत्र, अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और भवन के सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है।
यह भी देखा जा रहा है कि भवन में आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने राजधानी में होटलों, रेस्टोरेंटों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अग्नि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन न होने पर ऐसी घटनाएं बड़े हादसों में बदल जाती हैं।
अब यह भी जांच का विषय है कि संबंधित परिसर में सुरक्षा मानकों का पालन किस स्तर तक किया गया था और कहीं किसी प्रकार की लापरवाही तो इस हादसे की वजह नहीं बनी।
पीछे छोड़ गया कई परिवारों का दर्द
मालवीय नगर का यह अग्निकांड कई परिवारों के लिए ऐसी त्रासदी बन गया है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। कुछ लोगों ने अपने परिवार के सदस्य खो दिए तो कई लोग अस्पतालों में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं। अस्पतालों के बाहर परिजनों की बेचैनी और इंतजार पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को बयां कर रहा है।
राजधानी में हुआ यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि अग्नि सुरक्षा से जुड़ी छोटी-सी चूक भी कुछ ही मिनटों में दर्जनों जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है। फिलहाल राहत कार्य, इलाज और जांच की प्रक्रिया जारी है तथा पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।