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पीलीभीत: निजी फैक्ट्री चलाने की खातिर गैर चीनी मिलें बंद करवाना चाहते हैं मंत्री, सपा का सीधा आरोप

पीलीभीत में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर मंत्री संजय गंगवार घिरे। सपा ने निजी हितों के लिए चीनी मिलों को कमजोर करने का आरोप लगाया।

किसानों के हक, चीनी मिलों के भविष्य और करोड़ों के बकाये पर गन्ना मंत्री कटघरे में

गन्ना किसानों के हक पर डाका, निजी हितों के लिए रची जा रही साजिश : जग्गा

पीलीभीत। जिले की सियासत में गन्ना किसानों का मुद्दा एक बार फिर उबाल पर है। केजीएन स्थित पार्टी कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने गन्ना मंत्री संजय गंगवार पर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह अपने निजी हितों को साधने के लिए जिले की चीनी मिलों को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मझोला चीनी मिल पहले से बंद पड़ी है और अब ओसवाल चीनी मिल नवाबगंज को भी बंदी की कगार पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, ताकि उनकी निजी चीनी मिल को भरपूर गन्ना मिल सके और किसानों की मजबूरी को मुनाफे में बदला जा सके।

अपने ही विभाग पर नियंत्रण नहीं, फिर मंत्री पद पर बने रहने का क्या फायदा?

जगदेव सिंह जग्गा ने कहा कि प्रदेश का गन्ना विभाग संभालने वाले मंत्री अपने ही जिले के किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का गन्ना मूल्य महीनों से बकाया पड़ा है, लेकिन मंत्री की प्राथमिकताओं में किसानों का दर्द नहीं दिखाई देता। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति से अपना विभाग नहीं संभल रहा हो और जिसके कार्यकाल में किसान अपने हक के लिए भटक रहे हों, उसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए।

किराए के मकान से आलीशान महल तक का सफर सवालों के घेरे में

उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री संजय सिंह गंगवार जब पीलीभीत आए थे तब उनकी आर्थिक स्थिति सामान्य थी और वह किराए के मकान में रहते थे, लेकिन सत्ता और प्रभाव मिलने के बाद उन्होंने अकूत संपत्ति अर्जित कर ली। जग्गा ने कहा कि आज उनकी जीवनशैली और संपत्ति को देखकर आम जनता के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि उनकी संपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।

मंत्री सुख-सुविधाओं में व्यस्त, किसान बदहाली और कर्ज के दलदल में

किसानों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मंत्री ने अपने निजी सुख-साधनों का तो पूरा इंतजाम कर लिया, लेकिन पीलीभीत का किसान आज भी अपने पसीने की कमाई के लिए संघर्ष कर रहा है। गन्ना मूल्य का भुगतान न मिलने से किसान आर्थिक संकट झेल रहे हैं, खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और परिवारों पर बोझ बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद सरकार और जिम्मेदार मंत्री किसानों के दर्द को सुनने के बजाय आंखें मूंदे बैठे हैं।

जब किसानों का सब्र टूटा तो मंत्री आवास का क्या घिराव 

जग्गा ने कहा कि किसानों के बढ़ते आक्रोश का सबसे बड़ा प्रमाण पिछले सप्ताह देखने को मिला, जब गन्ना मूल्य भुगतान न मिलने से नाराज किसानों ने मंत्री के पीलीभीत स्थित आवास का घेराव कर दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य विरोध नहीं था, बल्कि उन किसानों की पीड़ा थी जो महीनों से अपने ही पैसे के लिए इंतजार कर रहे हैं। सरकार को समझ लेना चाहिए कि किसान अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि परिणाम चाहता है।

205 करोड़ रुपये बकाया, फिर भी किसानों के लिए नहीं जाग रही मंत्री की संवेदना

उन्होंने दावा किया कि बजाज चीनी मिल पर किसानों का लगभग 135 करोड़ रुपये और ओसवाल चीनी मिल पर करीब 70 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है। जग्गा ने आरोप लगाया कि किसानों को उनका हक दिलाने के लिए मंत्री ने कोई प्रभावी पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि जब करोड़ों रुपये का भुगतान अटका हो और जिम्मेदार लोग चुप्पी साध लें, तो किसानों के मन में संदेह पैदा होना स्वाभाविक है कि आखिर किसके हितों की रक्षा की जा रही है।

चीनी मिलों को कमजोर करने की कोशिश, किसानों के भविष्य पर सीधा हमला

जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिले की चीनी उद्योग व्यवस्था को सुनियोजित तरीके से कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि चीनी मिलें आर्थिक संकट और बकाया भुगतान के बोझ तले दबती चली जाएंगी तो इसका सबसे बड़ा नुकसान किसानों को होगा। यह केवल उद्योग का संकट नहीं, बल्कि हजारों किसान परिवारों की आजीविका और पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था से जुड़ा सवाल है।

2027 में सत्ता परिवर्तन का दावा, मझोला मिल फिर चलेगी

जगदेव सिंह जग्गा ने कहा कि वर्ष 2027 में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने और Akhilesh Yadav के मुख्यमंत्री बनने पर मझोला चीनी मिल को दोबारा चालू कराने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को उनका गन्ना मूल्य समय पर दिलाना पार्टी की प्राथमिकता होगी और किसी भी किसान को अपनी मेहनत की कमाई के लिए धरना-प्रदर्शन करने की नौबत नहीं आने दी जाएगी।

किसान हिसाब मांग रहा है, जनता जवाब देने को तैयार बैठी है

प्रेस वार्ता के अंत में जग्गा ने कहा कि पीलीभीत का किसान अब खामोश रहने वाला नहीं है। वह अपनी मेहनत, अपने पसीने और अपने अधिकारों का हिसाब मांग रहा है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि किसानों की समस्याओं की अनदेखी जारी रही तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी और किसानों के साथ हुए अन्याय का पूरा हिसाब लिया जाएगा।