अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) लगातार नए तथ्यों की पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान अब नकदी गिनती प्रक्रिया, रकम के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को भी खंगाला जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कई कर्मचारियों और कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है।
नकदी गिनती प्रक्रिया में सामने आईं गड़बड़ियां
एसआईटी सूत्रों के अनुसार मंदिर में चढ़ावे की नकदी गिनने और उसकी पारदर्शिता बनाए रखने की जिम्मेदारी कुछ कर्मचारियों पर थी। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि कई लोग अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाने में असफल रहे। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं प्रक्रिया में लापरवाही या किसी प्रकार की कथित हेरफेर तो नहीं हुई।
टिन्नू यादव समेत कई कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी
सूत्रों की मानें तो टिन्नू यादव सहित नकदी गिनने और रकम के प्रबंधन से जुड़े कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ होगी कि कार्रवाई कब और किस स्तर पर की जाएगी।
बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
जांच अब केवल मंदिर कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही है। कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। एसआईटी इस बात की जांच कर रही है कि क्या बैंक स्तर पर भी किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही हुई है। फिलहाल जांच एजेंसी हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद हुई नियुक्तियों की हो रही समीक्षा
एसआईटी टीम प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में हुई नियुक्तियों और प्रशासनिक फैसलों की भी समीक्षा कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक राम मंदिर में अलग-अलग व्यवस्थाओं के लिए करीब 800 कर्मचारी तैनात हैं। इनमें लगभग 200 कर्मचारी ट्रस्ट द्वारा नियुक्त किए गए हैं। जांच एजेंसी अब इन नियुक्तियों और जिम्मेदारियों से जुड़ी जानकारियां जुटा रही है।
पुराने कर्मचारियों की डिटेल जुटा रही जांच टीम
एसआईटी ने लंबे समय से मंदिर परिसर में काम कर रहे सुरक्षा अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की सूची भी मांगी है। कई ऐसे कर्मचारी सामने आए हैं जो वर्षों से मंदिर परिसर से जुड़े हुए हैं। जांच टीम उनकी तैनाती की अवधि, कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी एकत्र कर रही है।
अब केवल चोरी नहीं, प्रशासनिक लापरवाही भी जांच के केंद्र में
जांच का दायरा अब सिर्फ कथित चोरी तक सीमित नहीं है। एसआईटी अब निगरानी व्यवस्था, जवाबदेही और प्रशासनिक लापरवाही के पहलुओं को भी जांच रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच और तेज होगी और कुछ नए नाम भी सामने आ सकते हैं।
अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर साधा निशाना
इस मामले पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अयोध्या महापापियों के लिए कुरुक्षेत्र साबित होगी और जहां से भाजपाई राजनीति की शुरुआत हुई, वहीं उसका अंत भी होगा।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चढ़ावा, चंदा, दान और शिला से जुड़ी कथित घटनाओं का असर श्रद्धालुओं की भावनाओं पर पड़ा है। उनका कहना है कि इसका असर अयोध्या के स्थानीय कारोबार और आम लोगों की कमाई पर भी देखने को मिल सकता है।
स्थानीय स्तर पर बढ़ी चिंता और सवाल
मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं और सवाल उठ रहे हैं। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि जांच अभी जारी है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है। फिलहाल एसआईटी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस केस में और अहम जानकारी सामने आ सकती है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).