UP Shocking Case: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस से लेकर पूरे गांव को हैरान कर दिया। जिस युवक को परिवार ने मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था, वह शांति पाठ वाले दिन अचानक जिंदा घर लौट आया। इस घटना के बाद परिवार के साथ-साथ पुलिस भी सकते में आ गई। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया था, वह किसका था? पुलिस इसी गुत्थी को सुलझाने में जुटी है।
हाईवे किनारे मिला था अज्ञात शव
यह मामला औरैया जिले के अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के सैदपुर अड्डा गांव का है। 18 जुलाई को नेशनल हाईवे किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 20 जुलाई को गांव निवासी दशरथ सिंह ने शव की पहचान अपने छोटे भाई कमल सिंह रैदास के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
21 जुलाई को पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
पत्नी को था भरोसा कि पति जिंदा है
परिवार जहां कमल सिंह की मौत मान चुका था, वहीं उनकी पत्नी सुनीता को विश्वास था कि उनके पति जीवित हैं।
सुनीता के पास वह मोबाइल नंबर था, जिससे कमल सिंह समय-समय पर बात किया करते थे। उन्होंने उसी नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की। फोन लगने पर पता चला कि कमल सिंह ग्वालियर में हैं और पूरी तरह सुरक्षित हैं।
इसके बाद सुनीता ने उन्हें तुरंत गांव लौटने के लिए कहा।
शांति पाठ के दिन जिंदा घर लौटे कमल सिंह
जब कमल सिंह अपने गांव सैदपुर अड्डा पहुंचे, तब घर पर उनका शांति पाठ चल रहा था।
उन्हें अचानक अपने सामने देखकर परिवार के लोग, रिश्तेदार और गांव के लोग दंग रह गए। जिस व्यक्ति को मृत मानकर अंतिम संस्कार किया जा चुका था, वह खुद जिंदा घर के दरवाजे पर खड़ा था।
घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई।
डेढ़ साल से घर से बाहर थे कमल सिंह
जानकारी के अनुसार, कमल सिंह करीब डेढ़ साल से घर से बाहर रह रहे थे।
पहले वह पंजाब में नौकरी करते थे। इसके बाद ट्रक पर हेल्पर का काम किया और फिर ग्वालियर जाकर प्लंबर के रूप में काम करने लगे। इसी दौरान परिवार का उनसे सीधा संपर्क कम हो गया था।
अज्ञात शव मिलने के बाद परिजनों ने जल्दबाजी में उसकी पहचान कमल सिंह के रूप में कर ली।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल
पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि 18 जुलाई को मिले शव की पहचान परिजनों ने कमल सिंह के रूप में की थी। 25 जुलाई को उनकी पत्नी ने सूचना दी कि कमल सिंह जीवित हैं और घर लौट आए हैं।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जिस अज्ञात शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह आखिर किस व्यक्ति का था। शव की वास्तविक पहचान के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। अज्ञात शव की पहचान, पहचान प्रक्रिया में हुई चूक और अन्य सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
इस अनोखी घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। लोग हैरान हैं कि जिस व्यक्ति का अंतिम संस्कार हो चुका था, वह शांति पाठ वाले दिन जिंदा घर कैसे लौट आया।