UP News: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक दर्दनाक हादसा हो गया। कुंवरगांव थाना क्षेत्र के ललेई गांव में ग्राम देव की पूजा और भजन-कीर्तन के दौरान पीपल के पेड़ की एक बड़ी डाल अचानक टूटकर महिलाओं के ऊपर गिर गई। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
गुरु पूर्णिमा पर चल रही थी ग्राम देव की पूजा
बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ललेई गांव के गमा देवी मंदिर परिसर में हर साल की तरह ग्राम देव की पूजा, हवन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया था। गांव की करीब 20 से 25 महिलाएं मंदिर परिसर में ढोलक और मजीरे के साथ भजन-कीर्तन कर रही थीं।
इसी दौरान मंदिर परिसर में खड़े पीपल के पेड़ की एक बड़ी डाल अचानक टूटकर नीचे गिर गई और उसके नीचे बैठी महिलाओं को अपनी चपेट में ले लिया।
मौके पर ही एक महिला की मौत, दूसरी ने अस्पताल में तोड़ा दम
हादसे में 40 वर्षीय ऊषा पत्नी रामौतार की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद ग्रामीणों ने सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने 45 वर्षीय अमीर बानो पत्नी तसब्बर को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि अमीर बानो पूजा देखने के लिए वहां खड़ी थीं, तभी वह भी डाल की चपेट में आ गईं।
तीन महिलाओं का जिला अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में हरदेई, श्यामा देवी और रामलली घायल हुई हैं। तीनों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और हालात का जायजा लिया।
बंदरों की उछल-कूद से टूटी पीपल की डाल
कुंवरगांव थाना प्रभारी राजेश कौशिक ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 3:15 बजे पीआरवी 6625 के माध्यम से सूचना मिली कि गमा देवी मंदिर परिसर में पीपल के पेड़ के नीचे हवन और कीर्तन चल रहा था।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि पीपल की डाल पर बंदर उछल-कूद कर रहे थे। इसी दौरान डाल टूटकर नीचे गिर गई, जिससे उसके नीचे मौजूद महिलाएं दब गईं। हादसे में ऊषा देवी और अमीर बानो की मौत हो गई।
हर साल होती है गुरु पूर्णिमा पर पूजा
पुलिस के अनुसार, गांव में हर वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गमा देवी मंदिर में हवन, पूजा और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। इस बार भी गांव की महिलाएं बड़ी संख्या में पूजा में शामिल हुई थीं।
करीब 20 से 25 महिलाएं मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रम में भाग ले रही थीं, तभी यह हादसा हो गया।
एक साल से सूखी थी डाल, ग्रामीणों ने बताया पहले भी हटाने की हुई थी कोशिश
घटना के बाद ग्रामीणों ने बताया कि जो डाल टूटकर गिरी, वह करीब एक साल से सूखी हुई थी।
ग्रामीणों के मुताबिक, एक वर्ष पहले इस डाल को रस्सी बांधकर ट्रैक्टर से खींचकर गिराने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह नहीं टूटी। इसके बाद उसे उसी स्थिति में छोड़ दिया गया।
बताया जा रहा है कि पिछले एक साल में कई बार तेज आंधियां भी आईं, लेकिन डाल नहीं गिरी। बुधवार को बंदरों की उछल-कूद के दौरान अचानक वह टूट गई और यह दर्दनाक हादसा हो गया।
गांव में पसरा मातम, हादसे से हर कोई सदमे में
गुरु पूर्णिमा जैसे धार्मिक अवसर पर हुए इस हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। जिन महिलाओं के साथ लोग कुछ देर पहले तक भजन-कीर्तन कर रहे थे, वही कुछ ही पलों में हादसे का शिकार हो गईं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, जबकि घायलों का इलाज जारी है।