IPL सिर्फ दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी-20 क्रिकेट लीग ही नहीं, बल्कि अब दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स बिजनेस मॉडल में भी शामिल हो चुकी है। अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंक हुलिहान लोकी (Houlihan Lokey) की 2026 IPL Brand Valuation Study के मुताबिक, IPL की बिजनेस वैल्यू पहली बार 20.6 बिलियन डॉलर (करीब ₹2 लाख करोड़) तक पहुंच गई है। वहीं, लगातार दो सीजन की चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ब्रांड वैल्यू के मामले में IPL की सबसे कीमती टीम बन गई है। RCB पहली ऐसी फ्रेंचाइजी भी बन गई है जिसकी ब्रांड वैल्यू 300 मिलियन डॉलर के पार पहुंची है।
पहली बार IPL की बिजनेस वैल्यू 20.6 बिलियन डॉलर के पार
हुलिहान लोकी की 2026 रिपोर्ट के अनुसार, IPL की कुल बिजनेस वैल्यू 20.6 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹1.97 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। वहीं लीग की ब्रांड वैल्यू 4.3 बिलियन डॉलर यानी लगभग ₹41,100 करोड़ आंकी गई है।
यह IPL के इतिहास में पहली बार है जब लीग की आर्थिक कीमत इतनी ऊंचाई पर पहुंची है।
लगातार दूसरे साल 10% से ज्यादा की ग्रोथ
रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में IPL की बिजनेस वैल्यू में 11.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह लगातार दूसरा साल है जब लीग ने डबल डिजिट ग्रोथ (10% से अधिक) हासिल की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2008 में शुरू हुई IPL अब 10 टीमों वाली दुनिया की सबसे बड़ी टी-20 क्रिकेट लीग बन चुकी है। मीडिया राइट्स, स्पॉन्सरशिप, मर्चेंडाइजिंग और फ्रेंचाइजी निवेश ने इसे एक बेहद मजबूत कमर्शियल मॉडल बना दिया है।
बिजनेस वैल्यू और ब्रांड वैल्यू में क्या अंतर है?
अक्सर लोग बिजनेस वैल्यू और ब्रांड वैल्यू को एक ही मान लेते हैं, जबकि दोनों अलग-अलग चीजें हैं।
बिजनेस वैल्यू किसी लीग या कंपनी की कुल आर्थिक कीमत होती है। इसमें मीडिया राइट्स, स्पॉन्सरशिप, फ्रेंचाइजी की कमाई, कॉन्ट्रैक्ट और अन्य बिजनेस एसेट्स शामिल होते हैं।
वहीं ब्रांड वैल्यू केवल उस नाम और पहचान की कीमत होती है, जिसके दम पर कोई टीम या कंपनी अतिरिक्त कमाई कर सकती है। इसमें फैन फॉलोइंग, मर्चेंडाइज की बिक्री, स्पॉन्सरशिप और ब्रांड की लोकप्रियता का बड़ा योगदान होता है।
उदाहरण के तौर पर, RCB का नाम ही आज एक मजबूत ब्रांड बन चुका है। यही वजह है कि उसकी ब्रांड वैल्यू IPL में सबसे ज्यादा है।
2024 से 2026 तक लगातार बढ़ती रही IPL की वैल्यू
पिछले तीन वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि IPL की आर्थिक ताकत लगातार बढ़ रही है।
| वर्ष | बिजनेस वैल्यू | ब्रांड वैल्यू |
|---|---|---|
| 2024 | ₹1.57 लाख करोड़ | ₹32.5 हजार करोड़ |
| 2025 | ₹1.77 लाख करोड़ | ₹37.3 हजार करोड़ |
| 2026 | ₹1.97 लाख करोड़ | ₹41.1 हजार करोड़ |
सिर्फ दो वर्षों में लीग की बिजनेस वैल्यू में करीब ₹40 हजार करोड़ का इजाफा हुआ है।
RCB बनी IPL की सबसे वैल्यूएबल टीम
2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) IPL की सबसे मूल्यवान फ्रेंचाइजी बन गई है।
RCB की ब्रांड वैल्यू 312 मिलियन डॉलर (करीब ₹2,985 करोड़) आंकी गई है। पिछले साल के मुकाबले इसमें 16% की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
RCB पहली IPL टीम है जिसने 300 मिलियन डॉलर की ब्रांड वैल्यू का आंकड़ा पार किया है।
मुंबई, KKR और चेन्नई भी टॉप-4 में शामिल
RCB के बाद मुंबई इंडियंस (MI) दूसरे स्थान पर है। उसकी ब्रांड वैल्यू 264 मिलियन डॉलर (करीब ₹2,526 करोड़) पहुंच गई है।
तीसरे स्थान पर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) है, जिसकी ब्रांड वैल्यू बढ़कर 245 मिलियन डॉलर (करीब ₹2,344 करोड़) हो गई है।
वहीं चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) करीब 244 मिलियन डॉलर (₹2,334 करोड़) की ब्रांड वैल्यू के साथ चौथे स्थान पर बनी हुई है।
2026 में IPL टीमों की ब्रांड वैल्यू
| टीम | 2026 ब्रांड वैल्यू (₹ करोड़) | वृद्धि |
|---|---|---|
| रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) | 2,985 | 16.0% |
| मुंबई इंडियंस (MI) | 2,526 | 9.1% |
| कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) | 2,344 | 7.9% |
| चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) | 2,334 | 3.8% |
| सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) | 1,607 | 9.1% |
| राजस्थान रॉयल्स (RR) | 1,540 | 10.3% |
| पंजाब किंग्स (PBKS) | 1,511 | 12.1% |
| गुजरात टाइटंस (GT) | 1,502 | 10.6% |
| दिल्ली कैपिटल्स (DC) | 1,492 | 2.6% |
| लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) | 1,167 | 2.6% |
पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स ने भी दिखाई दमदार ग्रोथ
हालांकि RCB सबसे ऊपर रही, लेकिन पंजाब किंग्स ने भी 12.1% की शानदार ग्रोथ दर्ज की।
राजस्थान रॉयल्स की ब्रांड वैल्यू में 10.3%, जबकि गुजरात टाइटंस में 10.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
क्यों लगातार बढ़ रही है IPL की वैल्यू?
रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक अब सिर्फ क्रिकेट टीम नहीं खरीद रहे, बल्कि ऐसे बिजनेस में निवेश कर रहे हैं जिसकी कमाई लगातार बढ़ रही है।
इस साल RCB का वैल्यूएशन 1.78 बिलियन डॉलर और राजस्थान रॉयल्स का 1.65 बिलियन डॉलर रहा। दोनों का संयुक्त वैल्यूएशन 3.43 बिलियन डॉलर रहा, जो 2021 में लखनऊ और गुजरात फ्रेंचाइजी की संयुक्त बिक्री कीमत से भी दोगुने से अधिक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मीडिया राइट्स, डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्पॉन्सरशिप, मर्चेंडाइजिंग और IPL में केवल 10 फ्रेंचाइजी होने की वजह से इन टीमों की मांग लगातार बढ़ रही है। सीमित उपलब्धता भी उनकी वैल्यू को ऊपर ले जा रही है।
अब सिर्फ क्रिकेट लीग नहीं, ग्लोबल इन्वेस्टमेंट एसेट बन चुका है IPL
रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि IPL अब केवल एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं रहा। यह दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक मजबूत स्पोर्ट्स बिजनेस और ग्लोबल एसेट क्लास बन चुका है। लगातार बढ़ती कमाई और निवेशकों की दिलचस्पी आने वाले वर्षों में इसकी वैल्यू को और ऊंचाई तक ले जा सकती है।