Indian Hockey Team Jersey का रंग बदलने का फैसला अब खेल से निकलकर राजनीति के केंद्र में पहुंच गया है। हॉकी इंडिया ने पुरुष और महिला टीम की पारंपरिक नीली जर्सी की जगह भगवा (ऑरेंज) रंग की नई जर्सी लॉन्च की है, जिसे अगले महीने नीदरलैंड्स और बेल्जियम में होने वाले एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में पहना जाएगा। इस फैसले पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा ने सवाल उठाए हैं, जबकि हॉकी इंडिया का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह तकनीकी कारणों और खिलाड़ियों की सलाह के आधार पर लिया गया है।
हॉकी इंडिया ने नीली की जगह भगवा जर्सी लॉन्च की
हॉकी इंडिया ने भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम की नई जर्सी पेश की है, जिसका मुख्य रंग अब पारंपरिक नीले की बजाय भगवा (ऑरेंज) रखा गया है। यही जर्सी टीम अगले महीने 15 से 30 अगस्त तक नीदरलैंड्स और बेल्जियम में होने वाले एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के दौरान पहनेगी।
नई जर्सी सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा शुरू हो गई और मामला जल्द ही राजनीतिक बहस में बदल गया।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने साधा निशाना
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने जर्सी के रंग में बदलाव पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि केवल जर्सी ही नहीं बदली जा रही, बल्कि शिक्षा नीति के जरिए इतिहास बदलने की भी कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है और समझ रही है।
प्रियंका गांधी ने जंतर-मंतर पर जुटे युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी बातें पूरे देश की आवाज हैं।
आजादी की लड़ाई और RSS पर भी किया हमला
प्रियंका गांधी ने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर लड़ी गई थी और इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की कोई भूमिका नहीं थी।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में चलाया था और देश की आत्मा भाईचारे, प्रेम और एकता में बसती है, जिसे कोई खत्म नहीं कर सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि चाहे कितनी भी नफरत फैलाई जाए या हिंसा भड़काई जाए, भारत की मूल पहचान नहीं बदलेगी।
साथ ही उन्होंने राहुल गांधी द्वारा दिखाए गए एक युवक के शरीर पर मिले छर्रों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि आखिर ये छर्रे कहां से आए।
पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा भी फैसले से नाराज
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा ने भी नई जर्सी पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि हॉकी इंडिया ने पिछले कुछ वर्षों में कई अच्छे फैसले लिए हैं, लेकिन जर्सी का रंग बदलना निराशाजनक है।
रस्किन्हा ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम की पहचान हमेशा नीली जर्सी रही है और उन्होंने खुद कई साल तक गर्व के साथ नीली जर्सी पहनी है। उनके मुताबिक, फैंस भी टीम को नीले रंग में ही देखना पसंद करते हैं और भगवा रंग चुनने की कोई ठोस वजह समझ नहीं आती।
हॉकी इंडिया ने कहा- इसमें कोई राजनीति नहीं
विवाद बढ़ने के बाद हॉकी इंडिया ने साफ किया कि जर्सी के रंग का राजनीति से कोई संबंध नहीं है।
संस्था के अनुसार यह फैसला खिलाड़ियों, कप्तानों, कोच और सपोर्ट स्टाफ के साथ कई दौर की चर्चा के बाद लिया गया।
हॉकी इंडिया ने कहा कि मुख्य वजह पूरी तरह तकनीकी थी।
तकनीकी वजह से बदला गया जर्सी का रंग
हॉकी इंडिया के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच अब ज्यादातर नीले रंग की टर्फ पर खेले जाते हैं।
ऐसे में नीली जर्सी मैदान के रंग से काफी मिल जाती थी, जिससे खिलाड़ियों की पहचान करने में दिक्कत होती थी। इसी कारण खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने पीले या भगवा रंग का सुझाव दिया और आखिरकार भगवा रंग को मंजूरी दी गई।
पहले भी कई बार बदली जा चुकी है जर्सी
हॉकी इंडिया ने बताया कि भारतीय टीम की जर्सी पहली बार नहीं बदली गई है।
- 2014 हॉकी वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने पीली जर्सी पहनी थी।
- 2018 हॉकी वर्ल्ड कप में टीम आसमानी नीली जर्सी में उतरी थी।
संस्था का कहना है कि समय-समय पर टूर्नामेंट और तकनीकी जरूरतों के हिसाब से जर्सी में बदलाव होते रहे हैं।
नई जर्सी की डिजाइन का क्या मतलब है?
हॉकी इंडिया ने नई जर्सी को भारत की संस्कृति और विरासत से जोड़ते हुए बताया कि—
- भगवा रंग साहस, बलिदान और विजय का प्रतीक है।
- जर्सी पर बना मंडाला डिजाइन भारत की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।
- नेवी ब्लू हिस्से अशोक चक्र से प्रेरित हैं।
- जर्सी के सामने देवनागरी लिपि में “इंडिया” लिखा गया है, जो भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है।
दिलीप तिर्की बोले- खिलाड़ियों को पसंद नहीं आई तो बदल देंगे
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप कुमार तिर्की ने विवाद के बीच कहा कि नई ऑरेंज जर्सी खिलाड़ियों, कप्तानों, कोच और सपोर्ट स्टाफ की पसंद के आधार पर तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि यदि एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के बाद खिलाड़ियों को यह जर्सी पसंद नहीं आती है, तो भविष्य में इसके रंग में बदलाव करने पर भी विचार किया जा सकता है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).