3

Recent News

Mecca Emergency Alert: : मक्का में मिसाइल-ड्रोन हमलों का इमरजेंसी अलर्ट! जानिए कैसी है सुरक्षा? अगर हमला हुआ तो?

Mecca Emergency Alert: यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की झड़ी लगा दी है।…

Amazing News: 84 साल के करोड़पति नाना को चाहिए दुल्हन, सम्मेलन में हमसफर तलाशने पहुंचे 75-85 साल के 90 बुजुर्ग..

Amazing News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जिंदगी की दूसरी पारी के लिए हमसफर तलाशने का एक अनोखा सम्मेलन…

UPI New Rule: अब UPI फ्री नहीं? ₹2,000 तक नो चार्ज, ₹2,001 के बाद लगेगा MDR? जानिए पूरा मामला..

UPI New Rule: देश में UPI से पेमेंट करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। वित्त मंत्रालय ने…

UP Crime News: करोड़ों की चोरी का चौंकाने वाला खुलासा! 7 किलो सोना और 11 लाख कैश बरामद, जानिए कैसे सुलझा केस?

UP Crime News: मथुरा के कोसीकलां के सराफा बाजार स्थित ज्वेलरी शोरूम में हुई करोड़ों रुपये की चोरी के मामले…

Swatantra Bhardwaj को बड़ी राहत! कोर्ट से मिली 3 हफ्ते की अंतरिम जमानत; जानिए अब जेल से कब आएंगे बाहर?

Swatantra Bhardwaj: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग के पिता से कथित मारपीट के…

3

Recent News

Mecca Emergency Alert: यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की झड़ी लगा दी है।…

Amazing News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जिंदगी की दूसरी पारी के लिए हमसफर तलाशने का एक अनोखा सम्मेलन…

UPI New Rule: देश में UPI से पेमेंट करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। वित्त मंत्रालय ने…

UP Crime News: मथुरा के कोसीकलां के सराफा बाजार स्थित ज्वेलरी शोरूम में हुई करोड़ों रुपये की चोरी के मामले…

Swatantra Bhardwaj: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग के पिता से कथित मारपीट के…

Breaking News

Bharat Tiwari Encounter Case में बड़ा एक्शन, गोली चलाने के आरोपी बिहार STF जवान अक्षय कुमार गिरफ्तार..

Bharat Tiwari Encounter Case में बड़ा एक्शन, गोली चलाने के आरोपी बिहार STF जवान अक्षय कुमार गिरफ्तार..

Bharat Tiwari Encounter Case: बिहार के भोजपुर जिले में हुए चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। एनकाउंटर के दौरान गोली चलाने के आरोपी बिहार STF के जवान अक्षय कुमार को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है। भरत तिवारी की मां ने आरोप लगाया था कि आत्मसमर्पण करने के बाद सबसे पहली गोली अक्षय कुमार ने ही चलाई थी। पुलिस ने आरोपी जवान को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस गिरफ्तारी को मामले की जांच में अहम मोड़ माना जा रहा है।

आरोपी STF जवान अक्षय कुमार को कैसे पकड़ा गया?

जानकारी के मुताबिक, भरत तिवारी का एनकाउंटर 17 जून को हुआ था। मामले की जांच के दौरान आरोपी जवान अक्षय कुमार को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह जांच टीम के सामने पेश नहीं हुआ।

इसके बाद पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और सर्विलांस की मदद से उसका पता लगाया और देर रात गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं।

भरत तिवारी की मां ने लगाया था पहली गोली चलाने का आरोप

भरत तिवारी की मां आशा देवी ने शुरुआत से ही आरोप लगाया था कि उनके बेटे ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद सबसे पहली गोली STF जवान अक्षय कुमार ने चलाई।

गिरफ्तारी के बाद आशा देवी ने कहा,

“मुझे खुशी है कि पुलिस ने कार्रवाई की है। लेकिन सिर्फ एक गिरफ्तारी काफी नहीं है। एसडीएम, डीएसपी और उस दरोगा की भी गिरफ्तारी होनी चाहिए, जिनका नाम भरत ने लिया था। मुख्यमंत्री ने इंसाफ का भरोसा दिया है और मुझे उन पर विश्वास है।”

पिता बोले- जिसने पहली गोली चलाई, अब वही खोलेगा सारे राज

भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जो वादा किया था, वह अब पूरा होता नजर आ रहा है।

उन्होंने कहा,

“जिसकी गिरफ्तारी हुई है, उसी ने पहली गोली चलाई थी। अब वही पूरे मामले का सच बताएगा। मुख्यमंत्री ने कहा था कि किसी को नहीं छोड़ेंगे और अब उनका वादा पूरा होता दिख रहा है।”

भाभी ने कहा- न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी

भरत तिवारी की भाभी सुमन देवी ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि परिवार मुख्यमंत्री से मिलने गया था, जहां उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा दिया गया था। अब पहली गिरफ्तारी होने से उम्मीद जगी है कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

परिवार ने अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग दोहराई

परिजनों का कहना है कि यह गिरफ्तारी न्याय की दिशा में पहला कदम है।

उन्होंने मांग की है कि मामले में जिन अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका रही है, उनकी भी निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए। परिवार का मानना है कि पूरी सच्चाई सामने आने के बाद कई और जिम्मेदार लोगों की भूमिका उजागर हो सकती है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने बढ़ाए सवाल

भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद सबसे बड़ा विवाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर हुआ।

पोस्टमॉर्टम में यह पुष्टि हुई कि भरत को 5 गोलियां लगी थीं, जबकि पुलिस ने शुरुआत में दावा किया था कि उसे केवल 3 गोलियां लगी थीं। इस अंतर ने पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े कर दिए और जांच की मांग तेज हो गई।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद तेज हुई कार्रवाई

भरत तिवारी के परिवार ने 24 जुलाई को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी।

परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने उन्हें न्याय का भरोसा दिया था।

उसी दिन दो अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी और अब छह दिन बाद आरोपी STF जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी हो गई है।

आखिर भरत तिवारी एनकाउंटर पर क्यों उठे सवाल?

इस पूरे मामले में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनकी वजह से सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हुए।

1. भरत तिवारी पर कोई गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था

28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी पर हत्या, लूट, डकैती या किसी गैंग से जुड़े होने का कोई गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।

उसे एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता था, जो बाढ़, कटाव और विस्थापन जैसे मुद्दों पर प्रशासन के सामने गरीब और वंचित लोगों की आवाज उठाता था।

2. फेसबुक लाइव और सरेंडर के वीडियो ने बदली पूरी कहानी

घटना वाले दिन भरत तिवारी फेसबुक लाइव कर रहा था।

वीडियो में वह खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस और STF टीम के सामने खड़ा दिखाई देता है। वीडियो के अंत में वह अपनी पिस्टल दूर फेंक देता है और आत्मसमर्पण करने की बात कहकर लाइव बंद कर देता है।

इसी वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस के एनकाउंटर वाले दावे पर सवाल उठने लगे।

3. पुलिस की थ्योरी पर उठे कानूनी सवाल

पुलिस का दावा था कि भरत ने आत्मसमर्पण के बाद दोबारा पिस्टल उठाकर पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में उसके पैरों में गोली मारी गई।

हालांकि घटना के दौरान पुलिस और भरत के बीच करीब 200 मीटर की दूरी बताई गई, जबकि भरत के पास मौजूद अवैध पिस्टल की प्रभावी मारक क्षमता करीब 30 मीटर बताई गई।

इसी वजह से पुलिस के “आत्मरक्षा में गोली चलाने” वाले दावे पर गंभीर कानूनी और प्रशासनिक सवाल उठे।

17 जून को क्या हुआ था? जानिए पूरा घटनाक्रम

17 जून को भरत भूषण तिवारी ने फेसबुक लाइव शुरू किया था। वीडियो में वह एक सुनसान इलाके में दिखाई देता है, जहां उसके सामने भोजपुर पुलिस और बिहार STF की टीम मौजूद थी।

भरत वीडियो में कहता है कि वह कोई अपराधी नहीं है, फिर भी पुलिस उसे पकड़ने आई है। वह यह भी बताता है कि दोनों तरफ बुलेटप्रूफ जैकेट पहने पुलिसकर्मी हथियारों के साथ खड़े हैं।

वीडियो के आखिर में भरत अपनी पिस्टल पुलिस की ओर फेंक देता है और खुद को सरेंडर करने की बात कहते हुए फेसबुक लाइव बंद कर देता है।

पुलिस का दावा है कि लाइव बंद होने के बाद उसने फिर से पिस्टल उठाकर फायरिंग की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। इसी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई।

जांच में सामने आ सकते हैं नए खुलासे

STF जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी के बाद यह मामला एक नए मोड़ पर पहुंच गया है।

अब जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं और माना जा रहा है कि एनकाउंटर से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। परिवार को उम्मीद है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और यदि अन्य अधिकारी या पुलिसकर्मी भी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।