Pakistan में CJP आंदोलन: पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी का एक बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। पाकिस्तान इकोनॉमिक समिट में भाषण देते हुए उन्होंने अपने देश की मौजूदा व्यवस्था पर खुलकर सवाल उठाए। उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान का सिस्टम भ्रष्ट और कमजोर हो चुका है। इसी दौरान उन्होंने युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि “आप उन्हें यूथ कहें, कॉकरोच कहें या कुछ भी कहें, अगर वे एकजुट हो जाएं तो सब कुछ बदल सकते हैं।” अपने भाषण में उन्होंने भारत में हुए “कॉकरोच” आंदोलन का भी संदर्भ दिया और कहा कि अगर युवाओं की मांगें पूरी नहीं हुईं तो पाकिस्तान में भी ऐसा ही बड़ा विरोध देखने को मिल सकता है।
गृह मंत्री ने माना- सिस्टम करप्ट हो चुका है
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अपने संबोधन में कहा कि देश का मौजूदा प्रशासनिक ढांचा लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा है। उन्होंने कहा कि हम मानें या न मानें, लेकिन पाकिस्तान का सिस्टम भ्रष्ट हो चुका है और इसमें बड़े सुधार की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ सरकार बदलने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि पूरे सिस्टम को रीसेट करना होगा।
‘कॉकरोच’ वाले बयान से मची चर्चा
भाषण के दौरान मोहसिन नकवी ने युवाओं का जिक्र करते हुए कहा—
“आप उन्हें युवा कहें, कॉकरोच कहें या कुछ भी कहें, अगर वे एक साथ आ जाएं तो सब कुछ उलट-पुलट सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि युवा न्याय चाहते हैं, मेरिट चाहते हैं, रोजगार चाहते हैं और सरकारी नौकरियों में समान अवसर चाहते हैं। लेकिन पाकिस्तान अब तक उन्हें यह सब देने में सफल नहीं हो पाया है।
भारत के ‘कॉकरोच’ आंदोलन का भी किया जिक्र
अपने भाषण में मोहसिन नकवी ने भारत में हुए “कॉकरोच” आंदोलन का भी संदर्भ दिया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान के युवाओं की अपेक्षाएं पूरी नहीं हुईं तो देश में भी इसी तरह का बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।
उन्होंने सरकार और प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि हालात बिगड़ने से पहले युवाओं की समस्याओं का समाधान करना जरूरी है।
युवाओं की मांगें क्या हैं?
मोहसिन नकवी ने कहा कि पाकिस्तान के युवा कोई असंभव मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगें हैं—
- मेरिट के आधार पर नौकरी
- रोजगार के बेहतर अवसर
- न्यायपूर्ण व्यवस्था
- सरकारी नौकरियों तक समान पहुंच
- पारदर्शी प्रशासन
उन्होंने कहा कि अगर सरकार इन बुनियादी जरूरतों को पूरा नहीं करेगी तो युवाओं का गुस्सा बढ़ता जाएगा।
पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों का किया जिक्र
गृह मंत्री ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान इस समय कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने महंगाई, कमजोर अर्थव्यवस्था, बढ़ते कर्ज, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन समस्याओं का समाधान केवल राजनीतिक बयानबाजी से नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को व्यावहारिक सुधारों पर काम करना होगा।
70 साल पुरानी व्यवस्था पर उठाए सवाल
मोहसिन नकवी ने कहा कि पाकिस्तान की दशकों पुरानी प्रशासनिक व्यवस्था अब प्रभावी नहीं रह गई है। उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा कि मौजूदा ढांचा लोगों की जरूरतों को पूरा करने में विफल साबित हुआ है और इसमें आमूलचूल बदलाव की जरूरत है।
नए प्रशासनिक यूनिट बनाने का सुझाव
इकोनॉमिक समिट में बोलते हुए उन्होंने पाकिस्तान में नए प्रशासनिक यूनिट और नए प्रांत बनाने की भी वकालत की।
उन्होंने कहा कि प्रशासन लोगों के जितना करीब होगा, उतनी ही तेजी से न्याय और सरकारी सुविधाएं लोगों तक पहुंचेंगी।
भारत का उदाहरण दिया
अपने भाषण में मोहसिन नकवी ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि आजादी के समय भारत में कम प्रशासनिक इकाइयां थीं, लेकिन समय के साथ वहां राज्यों का पुनर्गठन किया गया ताकि शासन लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भी प्रशासनिक सुधारों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
राजनीतिक दलों और कारोबारियों से भी की अपील
गृह मंत्री ने पाकिस्तान के सभी राजनीतिक दलों से मतभेद भुलाकर एक साथ बैठने और देशहित में सुधारों पर सहमति बनाने की अपील की।
उन्होंने व्यापारिक समुदाय से भी कहा कि वे केवल चुनावी फंडिंग तक सीमित न रहें, बल्कि देश की नीतियों और सुधारों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
प्रधानमंत्री के लिए भी दिया संदेश
मोहसिन नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री चाहे कितनी भी मेहनत कर लें, लेकिन जब तक पूरे सिस्टम में सुधार नहीं होगा, तब तक स्थायी बदलाव संभव नहीं है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान को राजनीतिक बदलाव से ज्यादा संस्थागत और प्रशासनिक सुधारों की जरूरत है।
युवाओं को लेकर दी बड़ी चेतावनी
अपने भाषण के अंत में मोहसिन नकवी ने साफ कहा कि पाकिस्तान के युवाओं का धैर्य लगातार कम हो रहा है। अगर सरकार समय रहते उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, तो देश में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं की सबसे बड़ी मांग सम्मानजनक रोजगार, मेरिट आधारित व्यवस्था और पारदर्शी शासन है। सरकार को इन्हीं मुद्दों पर सबसे पहले काम करना होगा।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).