Ram Mandir Chori: राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर संसद परिसर में विपक्ष के प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश के संत समाज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अखिल भारतीय संत समिति और अयोध्या के कई संतों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा सांसद राहुल गांधी और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर सनातन परंपरा और साधु-संतों का अपमान करने का आरोप लगाया है। संत समाज ने सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष से मामले में कार्रवाई की भी अपील की है।
संसद परिसर में विपक्ष ने किया प्रदर्शन
संसद के मानसून सत्र के 10वें दिन शुक्रवार को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मुद्दे को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया।
इस दौरान बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में संसद पहुंचे। उनके हाथ में एक दानपेटी थी और वह संसद परिसर के मकर द्वार के पास जमीन पर बैठ गए।
प्रदर्शन के दौरान जब समाजवादी पार्टी के सांसद डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और अवधेश प्रसाद दानपेटी में चढ़ावा डालने का प्रतीकात्मक प्रयास करते, तो पप्पू यादव दानपेटी से पैसे निकालकर अपनी जेब में रखने का अभिनय करते।
बताया गया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी प्रतीकात्मक रूप से दानपेटी में रुपये डाले। इसके बाद पप्पू यादव दानपेटी लेकर जाने लगे, जिस पर अन्य विपक्षी सांसदों ने उन्हें रोकने और दानपेटी छीनने का नाटकीय प्रदर्शन किया।
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥
परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् ।
धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥इतिहास साक्षी है, सनातन का अपमान कभी अनुत्तरित नहीं रहता। विपक्ष को इसका भी उत्तर अवश्य मिलेगा… pic.twitter.com/CNYxEkY7II
— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) July 31, 2026
संत समाज ने जताई कड़ी आपत्ति
संसद परिसर में हुए इस प्रदर्शन पर वाराणसी स्थित अखिल भारतीय संत समिति ने कड़ी नाराजगी जताई।
समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन साधु-संतों का वेश धारण कर भगवा और सनातन परंपरा का प्रतीकात्मक इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
उन्होंने राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष से ऐसे सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने क्या कहा?
स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि संसद देश का एक पवित्र लोकतांत्रिक संस्थान है और उसका उपयोग किसी भी धार्मिक परंपरा या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं होना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान साधु-संतों की छवि को लेकर अनुचित प्रतीकात्मकता अपनाई।
संत समिति ने मांग की कि संबंधित नेताओं को पूरे देश के हिंदुओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष से इस मामले में उचित कार्रवाई करने की अपील भी की।
अयोध्या के संत राजू दास ने भी जताया विरोध
अयोध्या के संत राजू दास ने भी संसद परिसर में हुए प्रदर्शन पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने के लिए साधु का वेश धारण कर इस तरह का प्रदर्शन करना संत समाज और सनातन परंपरा का अपमान है।
राजू दास ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान जिस तरह का नाटकीय दृश्य बनाया गया, उससे साधु-संतों की छवि को ठेस पहुंची है।
संत समिति ने संसद की गरिमा का भी उठाया मुद्दा
अखिल भारतीय संत समिति का कहना है कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और वहां होने वाले विरोध प्रदर्शन भी गरिमा के अनुरूप होने चाहिए।
समिति ने कहा कि किसी राजनीतिक मुद्दे पर विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन धार्मिक प्रतीकों और साधु-संतों के वेश का इस्तेमाल विवाद का विषय बन सकता है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
राम मंदिर में चढ़ावे और उससे जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर संसद परिसर में यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया।
विपक्ष का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जबकि इस मुद्दे पर अलग-अलग पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
अब राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार
संसद परिसर में हुए इस प्रदर्शन के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है। एक ओर विपक्ष राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर संत समाज ने प्रदर्शन के तरीके पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सार्वजनिक माफी और कार्रवाई की मांग की है।
अब इस पूरे विवाद पर सरकार, विपक्ष और संबंधित पक्षों की आगे की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).