Commonwealth Games 2026: भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के आठवें दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 6 मेडल अपने नाम किए। इनमें 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल रहे। जूडो में भारत को ऐतिहासिक सफलता मिली, जहां अस्मिता डे ने देश को कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास का पहला जूडो गोल्ड दिलाया। उनके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीतकर भारत की खुशी दोगुनी कर दी। वहीं स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहे।
एक दिन में भारत ने जीते 6 मेडल
ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स के आठवें दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए:
- 🥇 2 गोल्ड
- 🥈 2 सिल्वर
- 🥉 2 ब्रॉन्ज
अपने नाम किए।
अब तक भारत के खाते में कुल 23 मेडल हो चुके हैं।
- 5 गोल्ड
- 12 सिल्वर
- 6 ब्रॉन्ज
इनके साथ भारत मेडल टैली में 10वें स्थान पर पहुंच गया है।
अस्मिता डे ने रचा इतिहास, जूडो में दिलाया भारत का पहला गोल्ड
भारत की 23 वर्षीय अस्मिता डे ने जूडो में इतिहास रच दिया। उन्होंने महिला वर्ग के फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वाच को हराकर भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास का पहला जूडो गोल्ड दिलाया।
मुकाबले की शुरुआत अस्मिता के लिए अच्छी नहीं रही। उन्होंने शुरुआती अंक गंवाया और एक पेनल्टी भी मिली। इसके बावजूद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर किया। इसके बाद गोल्डन स्कोर में निर्णायक अंक हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
🇮🇳 स्वर्णिम जीत, स्वर्णिम गौरव! 🥇
अस्मिता डे को गोल्ड मेडल जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
आपकी मेहनत, अनुशासन और अटूट संकल्प ने पूरे देश का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है। यह स्वर्ण पदक केवल आपकी जीत नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के सपनों और विश्वास की भी जीत है।
आपकी यह… pic.twitter.com/kkoHNjtAO0
— Saru (@Sunita_kumari_) August 1, 2026
हर्ष सिंह ने 15 मिनट बाद दूसरा गोल्ड जीतकर बढ़ाई खुशी
अस्मिता की जीत के महज 15 मिनट बाद भारत को दूसरा गोल्ड भी मिल गया।
23 वर्षीय हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को वाजा-अरी (10-0) से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
चार मिनट तक मुकाबला बराबरी पर रहा, लेकिन अंतिम मिनट में हर्ष ने शानदार दांव लगाकर निर्णायक बढ़त बनाई और गोल्ड अपने नाम कर लिया।
जूडो में भारत का सुनहरा वार! 🥋🇮🇳
🥇 हर्ष सिंह ने पुरुष 60 किलोग्राम जूडो स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
उनका यह गोल्ड मेडल न सिर्फ भारत का गौरव बढ़ाता है, बल्कि लाखों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने की प्रेरणा भी देता है।
हर्ष… pic.twitter.com/nWoDhoLqPU
— MyGov Hindi (@MyGovHindi) August 1, 2026
यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल जीता
महिला 57 किलोग्राम वर्ग में यामिनी मौर्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता।
फाइनल में उनका मुकाबला इंग्लैंड की एसेल्या टोपराक से था। करीब सात मिनट तक दोनों खिलाड़ी कोई अंक नहीं बना सकीं। मुकाबला गोल्डन स्कोर तक पहुंचा, जहां दोनों पर दो-दो शिडो थे। तीसरी वार्निंग मिलने के कारण यामिनी मुकाबला हार गईं और उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा।
कॉमनवेल्थ गेम्स २०२६ मध्ये यामिनी मौर्य यांनी शानदार खेळाचे प्रदर्शन करत रौप्यपदक जिंकून भारताच्या पदकसंचयात मोलाची भर घातली आहे.
त्यांच्या या उल्लेखनीय यशाबद्दल हार्दिक अभिनंदन! तुमची मेहनत, संघर्ष आणि सातत्य देशातील प्रत्येक युवा खेळाडूला नवी प्रेरणा देणारे आहे.#YaminiMaurya… pic.twitter.com/Bq9CLQBgLD
— Ashok Chavan (@AshokChavan1958) August 1, 2026
नीरज चोपड़ा गोल्ड से चूके, सिल्वर पर किया कब्जा
भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता।
हालांकि वह गोल्ड से चूक गए।
श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर का शानदार थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
A HISTORIC DAY FOR INDIA AT CWG 2026! 🇮🇳
DOUBLE PODIUM IN MEN’S JAVELIN THROW !🥈🥉
NEERAJ CHOPRA – SILVER 🥈 85.83m &
YASHVIR SINGH – BRONZE 🥉 85.41m
India shines in Javelin ! Proud moment ! 💪#CWG2026 #TeamIndia pic.twitter.com/P7V9yIysGs
— Dinesh Sharma (@sdineshaa) August 1, 2026
यशवीर सिंह ने पर्सनल बेस्ट के साथ जीता ब्रॉन्ज
भारत के यशवीर सिंह इस प्रतियोगिता के सबसे बड़े सरप्राइज साबित हुए।
उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 85.41 मीटर का थ्रो किया और ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया।
इस तरह जेवलिन थ्रो में भारत ने एक साथ सिल्वर और ब्रॉन्ज दोनों मेडल जीते।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम रोशन करने वाले यशवीर सिंह को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
आपकी लगन, संघर्ष और शानदार प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है।
आपकी यह उपलब्धि देश के युवाओं को नए सपने देखने और… pic.twitter.com/F0dUnh0oFv
— Ramesh Pandey Sonbhadra (@RameshDeoINC) August 1, 2026
पाकिस्तान के अरशद नदीम टॉप-8 में भी नहीं पहुंचे
पाकिस्तान के ओलिंपिक चैंपियन अरशद नदीम इस प्रतियोगिता में उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।
वे पहले तीन राउंड के बाद ही बाहर हो गए और टॉप-8 में भी जगह नहीं बना पाए।
तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में रचा इतिहास
भारत के तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में 7976 अंक हासिल कर ब्रॉन्ज मेडल जीता।
इसके साथ ही वे कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में डेकाथलॉन में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए।
इससे पहले तेजस्विन 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में हाई जंप का ब्रॉन्ज भी जीत चुके हैं।
इस स्पर्धा में:
- ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर (8096 अंक) ने गोल्ड जीता।
- डेमियन वार्नर (8036 अंक) ने सिल्वर मेडल हासिल किया।
कॉमनवेल्थ खेल ग्लासगो 2026 की पुरुष डेकाथलॉन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर श्री तेजस्विन शंकर जी को हार्दिक बधाई।
चोट के बावजूद आपके अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प ने भारत को गौरवान्वित किया है। डेकाथलॉन में राष्ट्रमंडल खेलों का पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बनकर आपने इतिहास रच… pic.twitter.com/tMbzeCIm58
— Gautam Dak (@DakMla) August 1, 2026
डेकाथलॉन क्या होता है?
डेकाथलॉन एथलेटिक्स की सबसे कठिन प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है। इसमें खिलाड़ियों को 10 अलग-अलग इवेंट्स में हिस्सा लेना पड़ता है और प्रत्येक इवेंट में मिले अंकों के आधार पर कुल रैंकिंग तय होती है।
डेकाथलॉन के 10 इवेंट:
- 100 मीटर दौड़
- लॉन्ग जंप
- शॉटपुट
- हाई जंप
- 400 मीटर दौड़
- 110 मीटर हर्डल
- डिस्कस थ्रो
- पोल वॉल्ट
- जेवलिन थ्रो
- 1500 मीटर दौड़
बॉक्सिंग में भारत के सभी 10 खिलाड़ी फाइनल में
भारत के लिए बॉक्सिंग से भी शानदार खबर आई है। भारतीय टीम के सभी 10 बॉक्सर फाइनल में पहुंच गए हैं।
महिला वर्ग
- प्रीति पवार (54 किग्रा)
- साक्षी चौधरी (51 किग्रा)
- जैस्मीन लम्बोरिया (57 किग्रा)
- अरुंधति चौधरी (70 किग्रा)
- प्रिया घंघास (60 किग्रा)
- लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा)
पुरुष वर्ग
- अंकुश पंघाल (80 किग्रा)
- जादुमणि सिंह (55 किग्रा)
- सचिन सिवाच (60 किग्रा)
- नरेंद्र बेरवाल (90+ किग्रा)
अब इन सभी खिलाड़ियों के पास भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने का मौका होगा।