Jharkhand Protest: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में छात्रों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया। हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा के करीब पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग, वाटर कैनन, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके जवाब में छात्रों ने पानी की बोतलें और चप्पलें फेंकीं। इस बीच JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते की गिरफ्तारी और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल ने आंदोलन को और चर्चा में ला दिया है।
विधानसभा के करीब पहुंचे हजारों छात्र, शुरू किया धरना
JPSC-JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन के तहत हजारों छात्र रांची में विधानसभा के करीब पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर धरना शुरू कर दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज, छात्रों ने फेंकी बोतलें और चप्पलें
प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने छात्रों को रोकने की कोशिश की। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके बाद कुछ छात्रों ने विरोध स्वरूप पानी की बोतलें और चप्पलें फेंकीं। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जिसके चलते सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती करनी पड़ी।
▶️ #WATCH | Tear gas shells were fired at protesting students in Ranchi, the capital of Jharkhand, following a lathi charge and the use of water cannons over issues related to JPSC and JSSC exams…
The students are holding their ground just 200 meters away from the Jharkhand… pic.twitter.com/yAs6Eu1CFY
— HNP NEWS (@hnpnewz) August 10, 2026
कंटीले तार की बैरिकेडिंग पर चढ़े छात्र, वीडियो हुए वायरल
विधानसभा की ओर बढ़ रहे छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने कंटीले तारों वाली बैरिकेडिंग लगाई थी। हालांकि कई छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और वहां नाचते हुए भी दिखाई दिए। इस दौरान के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले भी दागे गए
जब प्रदर्शनकारियों की भीड़ आगे बढ़ने लगी तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक तनाव बना रहा।
विधानसभा की सुरक्षा के लिए बनाई गई 6 लेयर सुरक्षा व्यवस्था
छात्रों के विधानसभा मार्च को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। विधानसभा को चारों ओर से छह लेयर की सुरक्षा व्यवस्था से घेरा गया। पूरे इलाके में CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
9 दिन की भूख हड़ताल के बाद एंबुलेंस से पहुंचे देवेंद्र नाथ महतो
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। खराब स्वास्थ्य के बावजूद वे एंबुलेंस से विधानसभा मार्च में शामिल होने पहुंचे। उन्हें स्ट्रेचर पर लाकर प्रदर्शन स्थल तक ले जाया गया।
देवेंद्र नाथ महतो बोले- यह आंदोलन अब जन आंदोलन बन चुका है
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह आंदोलन अब सिर्फ छात्रों का नहीं बल्कि जन आंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा, “युवा शब्द को उल्टा करने पर वायु बनता है और वायु को कोई नहीं रोक सकता।”
उन्होंने कहा कि 9 दिन की भूख हड़ताल के बावजूद वह छात्रों की लड़ाई के लिए मैदान में हैं। उनके मुताबिक सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल कर रही है।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार डरी हुई है और छात्रों की मांगों को अनदेखा कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ तीन दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक सभी मांगों पर फैसला नहीं हुआ है।
महतो ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज होगा तथा इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।
JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते गिरफ्तार
इसी बीच इस मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। CID ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि 21 जुलाई को JPSC कार्यालय में हुई छापेमारी के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
CID लगातार उनसे पूछताछ कर रही थी और अब गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
छात्रों के समर्थन में उतरे भाजपा विधायक
छात्र आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। भाजपा विधायक छात्रों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठ गए। हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया।
17 दिनों से जारी है छात्रों का आंदोलन
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्र पिछले 17 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान कई बार सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन सभी मांगों पर सहमति नहीं बन सकी।
6 छात्र अब भी भूख हड़ताल पर
आंदोलन के दौरान छह छात्र लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक लंबित मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
छात्रों की कौन-कौन सी मांगें पूरी हुईं?
छात्रों की छह प्रमुख मांगों में से चार पर सरकार ने कार्रवाई की है या सहमति जताई है, जबकि कुछ महत्वपूर्ण मांगें अभी भी लंबित हैं।
पूरी हुई मांगें
- 14वीं JPSC PT परीक्षा रद्द करने की मांग पूरी हुई।
- TDPL एजेंसी से आयोजित परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।
- परीक्षा घोटाले की 90 दिनों में जांच कराने पर सहमति बनी।
- JPSC की बैकलॉग परीक्षा को लेकर छात्रों की मांग पर कार्रवाई की गई।
अभी लंबित मांगें
- परीक्षा घोटाले की CBI जांच की मांग पर अभी फैसला नहीं हुआ है। सरकार CID और ED जांच के लिए तैयार है।
- CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर सरकार ने रिटायर्ड जज से जांच कराने की बात कही है, लेकिन परीक्षा रद्द करने पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
छात्रों का साफ संदेश- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी लड़ाई पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और निष्पक्ष परीक्षाओं के लिए है। छात्र नेताओं का दावा है कि जब तक सभी लंबित मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विधानसभा मार्च, भूख हड़ताल और बड़े स्तर पर जुटी भीड़ ने झारखंड सरकार की चुनौती बढ़ा दी है।