Big News: जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सरकारी स्कूलों के दौरे को लेकर शुक्रवार सुबह जमकर विरोध हुआ। बगरू के रामपुरा कंवरपुरा गांव में राजकीय प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे CJP के को-कन्वीनर और प्रवक्ता आशुतोष रांका व उनके समर्थकों का ग्रामीणों ने विरोध किया। आरोप है कि ग्रामीणों ने उनके साथ हाथापाई की, पथराव किया और उन्हें वहां से भगा दिया। CJP की महिला समर्थकों पर गांव की महिलाओं द्वारा मिट्टी फेंकने की भी बात सामने आई है।
सुबह 8 बजे से शुरू हो गया था CJP का विरोध
रामपुरा गांव में CJP के स्कूल दौरे को लेकर विरोध सुबह करीब 8 बजे ही शुरू हो गया था। CJP के कुछ कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने CJP कार्यकर्ताओं को धक्का देकर गांव से बाहर निकाल दिया। ग्रामीण CJP के विरोध में नारे लगाते हुए सरकारी स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए।
मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर की घेराबंदी
विरोध बढ़ने के बाद ग्रामीणों ने गांव के मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर रास्ता रोक दिया। लोगों और गाड़ियों की चेकिंग भी की जा रही थी। ग्रामीणों का कहना था कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में प्रवेश नहीं करने देंगे। कुछ देर बाद CJP के को-कन्वीनर आशुतोष रांका के गांव पहुंचने की सूचना थी।
आशुतोष रांका और समर्थकों के साथ हाथापाई
आशुतोष रांका अपने समर्थकों के साथ रामपुरा गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया। आरोप है कि ग्रामीणों ने आशुतोष रांका और CJP कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई की और उन्हें पीटकर वहां से भगा दिया। ग्रामीणों की ओर से पथराव किए जाने की भी बात सामने आई है।
What the F is happening in Rajasthan?????
Goons of BJP are after the blood of Ashutosh and other CJP volunteers.
How can @PoliceRajasthan allow this kind of attack? pic.twitter.com/F3kdPwS4kD
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) August 21, 2026
महिला समर्थकों पर गांव की महिलाओं ने मिट्टी फेंकी
CJP की महिला समर्थकों का भी ग्रामीण महिलाओं ने विरोध किया। आरोप है कि गांव की महिलाओं ने CJP की महिला समर्थकों पर मिट्टी फेंकी और उन्हें वहां से जाने के लिए मजबूर कर दिया। इस दौरान मौके पर काफी हंगामे की स्थिति बन गई।
ग्रामीण बोले- स्कूल हम अपने स्तर पर ठीक करवा लेंगे
ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि गांव के सरकारी स्कूल को वे अपने स्तर पर ठीक करवाने के लिए तैयार हैं। उनका दावा है कि सरकार ने स्कूल के लिए 12.50 लाख रुपये स्वीकृत भी कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी बाहरी व्यक्ति को यहां आकर हस्तक्षेप नहीं करने देंगे।
‘CJP यहां आकर गंदगी करना चाहती है’
ग्रामीणों ने CJP के स्कूल दौरे का विरोध करते हुए कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी यहां आकर गंदगी करना चाहती है और वे इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका कहना है कि स्कूल में जो भी मूलभूत सुविधाओं की कमी है, उसे सरकार को दूर करना चाहिए और CJP को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
जर्जर बिल्डिंग के कारण बंद है रामपुरा का स्कूल
रामपुरा गांव का सरकारी स्कूल जर्जर बिल्डिंग की वजह से बच्चों के लिए बंद कर दिया गया है। स्कूल की पट्टियां टूट चुकी हैं और उनके नीचे लोहे के एंगल लगाए गए हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल को करीब 50 मीटर दूर एक बाड़े में शिफ्ट कर दिया गया है।
टीनशेड के नीचे पढ़ रहे बच्चे, पास में भरा है पशुओं का चारा
स्कूल से करीब 50 मीटर दूर जिस जगह बच्चों को पढ़ाया जा रहा है, वहां टीनशेड लगा हुआ है। बच्चों को इसी के नीचे पढ़ाई करनी पड़ रही है। बच्चों के पढ़ने की जगह के पास ही पशुओं का चारा भी भरा हुआ है। वहीं, स्कूल की जर्जर बिल्डिंग की दीवारों की ईंटें भी गिर चुकी हैं।
आज जयपुर के दो सरकारी स्कूलों का दौरा करने का था प्लान
CJP की टीम ने शुक्रवार को जयपुर में दो सरकारी स्कूलों का दौरा करने का प्लान बनाया था। इस दौरान टीम का उद्देश्य स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और छात्रों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी लेना था। इसी अभियान के तहत CJP की टीम रामपुरा के सरकारी स्कूल पहुंची थी।
CJP फाउंडर ने 15 अगस्त को शुरू किया था ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने 15 अगस्त को महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित अपने गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार की अनदेखी के कारण गरीब छात्रों को नुकसान हो रहा है। अभियान के दौरान उन्होंने प्राइवेट स्कूलों की फीस पर सीमा लगाने की भी मांग की थी।
रामपुरा स्कूल को लेकर बढ़ा विवाद
रामपुरा के सरकारी स्कूल की जर्जर हालत और बच्चों को टीनशेड के नीचे पढ़ाए जाने का मुद्दा अब CJP के अभियान के कारण विवाद में आ गया है। एक तरफ CJP सरकारी स्कूलों की स्थिति और छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर अभियान चला रही है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों ने बाहरी लोगों के स्कूल में आने का विरोध किया है। शुक्रवार सुबह हुए हंगामे के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।