Hindi News: जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए छात्र साहिल के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी ने साहिल की शिकायत पर FIR दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक FIR दर्ज नहीं होगी, वे वहां से नहीं हटेंगे। इस दौरान उनके साथ प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं। राहुल ने मीडिया को साहिल के शरीर से निकले पैलेट गन के छर्रे भी दिखाए।
राहुल गांधी बोले- FIR दर्ज होने तक नहीं हटेंगे
राहुल गांधी ने कहा कि साहिल 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए थे। उनका आरोप है कि 14 अगस्त को दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत देने के बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई। राहुल के मुताबिक, शिकायत की रिसीविंग भी नहीं दी गई। इसके बाद 17 अगस्त को ईमेल और फोन के जरिए भी कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शुक्रवार को राहुल गांधी साहिल के साथ DCP कार्यालय पहुंचे और FIR दर्ज करने की मांग की। इसके बाद वे संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। राहुल ने कहा कि पुलिस की ओर से बताया जा रहा है कि ऊपर से FIR दर्ज नहीं करने के निर्देश हैं।
राहुल ने दिखाए पैलेट गन के छर्रे
धरने के दौरान राहुल गांधी ने मीडिया को साहिल के शरीर से निकले पैलेट गन के छर्रे दिखाए। राहुल ने दावा किया कि साहिल के शरीर में 200 से ज्यादा छर्रे हैं और इनमें से तीन आंख में हैं। उन्होंने कहा कि एम्स की रिपोर्ट में भी शरीर में 200 से ज्यादा छर्रे होने की बात दर्ज है।
राहुल ने दावा किया कि साहिल की आंख में मौजूद तीन छर्रों की वजह से उसकी आंख की रोशनी चली गई है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ छर्रे दिल के पास हैं, जिन्हें निकाला नहीं जा सकता।
20 जुलाई को मुझ पर कनॉट प्लेस के पास पैलेट गन से हमला हुआ।
इस घटना के बाद मुझे लेडी हार्डिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया और वहां से AIIMS रेफर कर दिया गया, जहां मेरी दो सर्जरी हुई।
सर्जरी के बाद भी मुझे आंख से साफ दिखाई नहीं दे रहा है।
मैंने 14 अगस्त को 7 पेज की शिकायत लिखकर… pic.twitter.com/ZqtWi2W2z9
— Congress (@INCIndia) August 21, 2026
राहुल बोले- सिर्फ FIR की मांग है
राहुल गांधी ने कहा कि उनकी सिर्फ एक मांग है कि FIR दर्ज की जाए और जांच अधिकारी का नाम बताया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक यह नहीं होता, वे थाने के बाहर से नहीं हटेंगे। राहुल के मुताबिक, उनके साथ साहिल के माता-पिता भी मौजूद हैं।
पुलिस का पक्ष- सभी मामले क्राइम ब्रांच के पास
दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिकायत साहिल ने खुद दी है। पुलिस का कहना है कि 20 जुलाई को दर्ज सभी मामलों की जांच पहले से क्राइम ब्रांच कर रही है। शिकायतकर्ता को बताया गया है कि उसकी शिकायत भी क्राइम ब्रांच को भेजी जाएगी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा राहुल गांधी के लगातार संपर्क में हैं।
थाने के बाहर कांग्रेस नेताओं ने की नारेबाजी
राहुल गांधी के धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए थाने की सुरक्षा बढ़ा दी गई। थाने के अंदर रैपिड एक्शन फोर्स की मौजूदगी भी रही।
राहुल के 3 बड़े आरोप, भाजपा ने दिया जवाब
राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन और संसद में इस मुद्दे को उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है। दोनों पक्षों के दावों को लेकर विवाद लगातार बना हुआ है।
1. छात्रों पर फायरिंग और पैलेट गन चलाने का आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों पर फायरिंग और पैलेट गन चलाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि एक छात्र की आंख की रोशनी चली गई है।
वहीं, भाजपा ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि संसद मार्ग में गोली नहीं चली। भाजपा का कहना है कि मंत्री फायरिंग का आदेश नहीं दे सकता और फायरिंग की अनुमति देने का अधिकार मजिस्ट्रेट के पास होता है।
2. छात्रों से बर्बरता के आरोप पर भी आमने-सामने कांग्रेस और भाजपा
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों को नुकीली यानी कील लगी लाठियों से पीटा गया। उन्होंने इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। भाजपा का कहना है कि राहुल ने बिना सबूत गंभीर आरोप लगाए हैं और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
3. संसद में बोलने से रोकने के आरोप पर भी विवाद
राहुल गांधी ने संसद में आरोप लगाया कि उन्हें पहले माफी मांगने के लिए कहा गया और कई बार टोका गया। उन्होंने दावा किया कि उनका माइक बंद किया गया और उन्हें अपना भाषण पूरा नहीं करने दिया गया। राहुल ने कहा कि जब भी वे छात्रों का मुद्दा उठाते हैं, उन्हें चुप करा दिया जाता है।
भाजपा की ओर से कहा गया कि राहुल के कुछ आरोपों पर आपत्ति थी, इसलिए उनसे माफी मांगने को कहा गया। राजनाथ सिंह ने सत्ता पक्ष से राहुल गांधी की बात सुनने की अपील की थी। वहीं, स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि राहुल का माइक चालू था और उन्हें बोलने से नहीं रोका गया।
संसद में राहुल के बयान पर भी हुआ विवाद
राहुल गांधी ने संसद में अपनी स्पीच के दौरान आरोप लगाया था कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गृह मंत्री ने गोली और पैलेट गन चलाने की अनुमति दी। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इसे गंभीर और निराधार आरोप बताते हुए राहुल गांधी से माफी की मांग की।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में छात्रों से बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने खास तौर पर लवली नाम की 18 वर्षीय छात्रा से हुई बातचीत का हवाला दिया। राहुल ने बातचीत के संदर्भ में ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ जैसे शब्दों का उदाहरण दिया, जिसे सत्ता पक्ष ने असंसदीय बताया। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने इन शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया।
राहुल बोले- अगर पुलिस ने पैलेट नहीं चलाई तो किसने चलाई?
राहुल गांधी ने कहा कि 20 जुलाई को पैलेट गन के इस्तेमाल का सबूत साहिल के शरीर से मिले छर्रे हैं। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसने पैलेट नहीं चलाई, तो फिर यह पता लगाया जाना चाहिए कि पैलेट चलाने को किसने कहा।
राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में सिर्फ FIR दर्ज करने की मांग की जा रही है, ताकि पूरे मामले की जांच हो सके।
अब FIR और जांच को लेकर बढ़ा विवाद
राहुल गांधी के धरने के बाद साहिल की शिकायत पर FIR दर्ज करने का मुद्दा एक बार फिर सामने आ गया है। कांग्रेस इसे पीड़ित छात्र को न्याय दिलाने का मामला बता रही है, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि 20 जुलाई से जुड़े मामलों की जांच पहले से क्राइम ब्रांच कर रही है और साहिल की शिकायत भी क्राइम ब्रांच को भेजी जाएगी। फिलहाल FIR दर्ज करने की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर कांग्रेस का विरोध जारी है।