Bangladesh Hindu Family Murder: बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या का मामला सामने आया है। रिटायर्ड शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, बेटी आगामी चक्रवर्ती उर्फ प्रार्थि और बेटे प्रियम चक्रवर्ती के शव उनके घर से अलग-अलग जगहों पर मिले। पुलिस ने मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पूछताछ में हत्या की बात कबूल की है। हालांकि, परिवार के लोगों को शक है कि इस वारदात के पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है।
रंगपुर में हिंदू परिवार के चार लोगों की हत्या
यह मामला बांग्लादेश के रंगपुर के दासपारा इलाके का है। मृतकों की पहचान गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, बेटी आगामी चक्रवर्ती उर्फ प्रार्थि और बेटे प्रियम चक्रवर्ती के तौर पर हुई है।
गणपति रंगपुर जिला स्कूल में शिक्षक रह चुके थे और 31 दिसंबर 2025 को रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद वह होम्योपैथिक डॉक्टर के तौर पर काम कर रहे थे।
शनिवार रात घर से बरामद हुए चारों शव
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन कोतवाली इंचार्ज अफसर नजमुल कादर के मुताबिक, शनिवार रात करीब 11:30 बजे दासपारा इलाके में गणपति के घर से चारों के शव बरामद किए गए।
परिवार से संपर्क नहीं होने के बाद रिश्तेदारों को शक हुआ था। परिवार के लोगों के मुताबिक, उनका फोन गुरुवार से ही बंद था। शनिवार को परिजन घर पहुंचे तो मेन गेट बंद मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घर के अलग-अलग हिस्सों से चारों शव बरामद किए।
पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में गणपति के कजिन भाई मुग्धो दास और सिद्धार्थ दास को गिरफ्तार किया है। दोनों दासपारा इलाके में ही रहते हैं।
सिद्धार्थ रंगपुर सिटी बाजार में मछली का कारोबार करता है, जबकि मुग्धो एक सुनार के यहां असिस्टेंट के तौर पर काम करता है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या की बात कबूल की है। हालांकि, परिवार के लोगों को इस कहानी पर पूरी तरह भरोसा नहीं है और उन्हें आशंका है कि हत्या के पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है।
घर में लूटपाट के भी मिले सबूत
द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, रंगपुर मेट्रोपॉलिटन CID के इंचार्ज सुबीर चौधरी ने बताया कि घर के अंदर सामान जगह-जगह बिखरा हुआ था और लूटपाट की गई थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा बताई गई जगहों से चोरी किए गए सोने के गहने भी बरामद किए गए हैं।
हत्या वाली रात क्या हुआ था?
डिटेक्टिव ब्रांच के प्रमुख सनातन चक्रवर्ती के मुताबिक, हत्या गुरुवार आधी रात और शुक्रवार सुबह के बीच हुई।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी पड़ोसी की छत से गणपति के घर की छत पर पहुंचे थे। पुलिस का दावा है कि आरोपी वहां एक नशीले पदार्थ का सेवन कर रहे थे। आवाज सुनकर गणपति छत पर पहुंचे, जहां उनका आरोपियों से विवाद हुआ।
जांच के मुताबिक, इसके बाद आरोपियों ने गणपति की ही गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी।
पत्नी ने छत पर पहुंचकर देखा तो उनकी भी हत्या कर दी
गणपति के छत पर जाने के बाद आवाज सुनकर उनकी पत्नी प्रीतिलता भी ऊपर पहुंचीं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने उनकी भी गला घोंटकर हत्या कर दी।
इसके बाद आरोपी नीचे की तरफ गए। वहां उन्हें गणपति की बेटी आगामी चक्रवर्ती उर्फ प्रार्थि दिखाई दी। पुलिस के मुताबिक, उसकी भी हत्या कर दी गई।
बेटे की पहचान सामने आने के डर से हत्या का दावा
पुलिस के अनुसार, नीचे एक कमरे में गणपति का छोटा बेटा प्रियम भी मौजूद था।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों को डर था कि प्रियम उन्हें पहचान सकता है। बताया गया कि प्रियम आरोपियों में से एक के भाई का दोस्त भी था। पहचान सामने आने के डर से आरोपियों ने उसकी भी हत्या कर दी।
हत्या के बाद भी कई घंटे घर में रहे आरोपी
पुलिस के मुताबिक, हत्या करने के बाद दोनों आरोपी तुरंत वहां से नहीं भागे। वे करीब 6-7 घंटे तक घर के अंदर ही रहे।
जांच में सामने आया कि उन्होंने घर में उसी नशीले पदार्थ का सेवन किया, जिसका सेवन वे छत पर कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर सबूत मिटाने की कोशिश की।
आरोपियों ने प्रीतिलता की चूड़ियां जलाने की कोशिश भी की, लेकिन चूड़ियां पूरी तरह नहीं जल पाईं।
फ्रिज से खाना निकाला और फिर नहाया
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने घर के फ्रिज से खाना निकालकर खाया। इसके बाद उन्होंने काफी देर तक नहाया।
बाद में उन्होंने घर की बिजली काट दी और कीमती सामान लेकर वहां से फरार हो गए।
परिवार को पहले से किसी परेशानी का शक था
मृतक परिवार के रिश्तेदारों ने बताया कि गणपति और उनके परिवार का किसी से कोई बड़ा विवाद या दुश्मनी नहीं थी।
हालांकि, गणपति के भतीजे विश्वनाथ चक्रवर्ती ने द डेली स्टार को बताया कि घर बनाने के दौरान गणपति को कुछ लोगों की ओर से परेशानी का सामना करना पड़ा था।
उनके मुताबिक, गणपति ने उन्हें बताया था कि कुछ लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं। विश्वनाथ ने उन्हें कानूनी कार्रवाई करने की सलाह भी दी थी, लेकिन गणपति ने ऐसा नहीं किया। उनका कहना था कि उन्हें उसी इलाके में रहना है और वह ज्यादा परेशानी नहीं बढ़ाना चाहते।
परिजनों को बड़े गिरोह का शक
परिवार के लोगों का कहना है कि इतनी नृशंस हत्या के पीछे किसी बड़े गिरोह की भूमिका हो सकती है।
गणपति के भतीजे विश्वनाथ ने भी इसी तरह की आशंका जताई है। हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है और फिलहाल गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के कबूलनामे और दूसरे सबूतों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
बेटी ने इसी साल अंग्रेजी में मास्टर्स किया था
मृतक परिवार के सदस्यों की जिंदगी की जानकारी भी सामने आई है। गणपति की बेटी प्रार्थना ने इसी साल रंगपुर के कारमाइकल कॉलेज से अंग्रेजी में मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की थी।
वहीं, उनका बेटा प्रियम पांचवीं कक्षा में पढ़ता था।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, परिवार का व्यवहार काफी मिलनसार और विनम्र था। हाल ही में परिवार ने अपना तीन मंजिला मकान भी बनवाया था।
पुलिस जांच में अब किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?
पुलिस के सामने अब कई अहम सवाल हैं—क्या हत्या सिर्फ लूट के इरादे से की गई थी? क्या गिरफ्तार किए गए दोनों लोग ही पूरी वारदात में शामिल थे? क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह था? और क्या गणपति को पहले परेशान करने वाले लोगों का इस हत्या से कोई संबंध है?
इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच, CCTV या दूसरे तकनीकी सबूतों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सामने आएंगे।
फिलहाल दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन परिवार की ओर से जताई गई बड़े गिरोह की आशंका की भी जांच होना इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।