Ram Mandir CEO: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तीसरी बैठक हो रही है। बैठक में तीन नए ट्रस्टियों के नाम घोषित कर दिए गए हैं। वहीं, आज राम मंदिर के पहले CEO यानी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के नाम का ऐलान होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक रिटायर्ड IPS अधिकारी राजेश पांडेय इस पद की रेस में सबसे चर्चित नामों में हैं। बैठक में ट्रस्ट के प्रवक्ता, प्रसाद और परिक्रमा समितियों समेत कई अहम फैसले भी हो सकते हैं।
ट्रस्ट में 3 नए ट्रस्टियों की घोषणा
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में तीन नए ट्रस्टियों को शामिल किया गया है। इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं।
महेश भागचंदका का अशोक सिंघल से क्या संबंध?
नए ट्रस्टी बनाए गए महेश भागचंदका दिल्ली के रहने वाले हैं। वह विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के रिश्तेदार बताए जाते हैं। उनके ट्रस्ट में शामिल होने को भी बैठक के अहम फैसलों में माना जा रहा है।
आज हो सकता है राम मंदिर के पहले CEO का ऐलान
राम मंदिर के प्रशासनिक कामकाज को और व्यवस्थित करने के लिए ट्रस्ट के पहले CEO (Chief Executive Officer) की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही थी। अब आज बैठक में CEO के नाम का ऐलान होने की संभावना है।
रिटायर्ड IPS राजेश पांडेय का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के चर्चित रिटायर्ड IPS अधिकारी राजेश पांडेय को राम मंदिर का CEO बनाया जा सकता है। हालांकि, अंतिम घोषणा ट्रस्ट की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगी।
कौन हैं राजेश पांडेय?
राजेश पांडेय की उम्र 65 साल है। वह 2005 बैच के IPS अधिकारी हैं और PPS से प्रमोट होकर IPS बने थे। उन्होंने एमए तक पढ़ाई की है और उनका जन्म प्रयागराज में हुआ है।
80 से ज्यादा एनकाउंटर में रहे शामिल
राजेश पांडेय को यूपी पुलिस के तेज-तर्रार अधिकारियों में गिना जाता रहा है। अपने पुलिस करियर के दौरान वह 80 से ज्यादा एनकाउंटर में शामिल रहे हैं। उनकी पहचान एक सख्त और तेज कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारी के तौर पर रही है।
कई बड़े जिलों के SSP रह चुके हैं
राजेश पांडेय ने उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में SSP के तौर पर जिम्मेदारी संभाली है। वह लखनऊ, अलीगढ़, मेरठ और सहारनपुर जैसे बड़े जिलों के SSP रह चुके हैं।
UP STF और ATS के संस्थापक सदस्यों में शामिल
राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश पुलिस की दो अहम यूनिटों स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं। पुलिस में मोबाइल फोन ट्रैकिंग प्रणाली की शुरुआत में भी उनकी भूमिका बताई जाती है।
श्रीप्रकाश शुक्ला को ढेर करने वाली टीम में थे शामिल
राजेश पांडेय 1990 के दशक में यूपी के कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला को ढेर करने वाली पुलिस टीम का हिस्सा रहे थे। इस वजह से भी उन्हें यूपी पुलिस के चर्चित अधिकारियों में गिना जाता है।
बड़े आतंकी मामलों की जांच का भी अनुभव
राजेश पांडेय को कई बड़े आतंकी मामलों की जांच का अनुभव भी रहा है। उन्होंने 2005 के अयोध्या आतंकी हमले, 2006 के वाराणसी दशाश्वमेध घाट धमाके और लखनऊ-फैजाबाद कोर्ट ब्लास्ट जैसे मामलों की जांच का नेतृत्व किया था।
UN के कोसोवो पीसकीपिंग मिशन में भी किया काम
राजेश पांडेय को पुलिसिंग के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का भी अनुभव है। वह यूनाइटेड नेशंस के कोसोवो पीसकीपिंग मिशन में काम कर चुके हैं। यही प्रशासनिक और सुरक्षा अनुभव उन्हें राम मंदिर CEO पद के लिए मजबूत दावेदारों में शामिल करता है।
शरद शर्मा बन सकते हैं ट्रस्ट के प्रवक्ता
बैठक में ट्रस्ट के प्रवक्ता के नाम का भी ऐलान हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक विश्व हिंदू परिषद के पूर्व मीडिया प्रभारी शरद शर्मा को ट्रस्ट का प्रवक्ता बनाया जा सकता है।
प्रसाद समिति और परिक्रमा समिति के गठन की भी तैयारी
बैठक में प्रसाद समिति और परिक्रमा समिति के गठन की घोषणा भी हो सकती है। इन दोनों समितियों का उद्देश्य राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाओं को बेहतर और व्यवस्थित करना होगा।
परिक्रमा समिति क्या काम करेगी?
राम मंदिर के चारों ओर साधु-संत और श्रद्धालु परिक्रमा करते हैं। परिक्रमा समिति यह तय करने में मदद करेगी कि परिक्रमा की व्यवस्था को कैसे बेहतर और ज्यादा व्यवस्थित बनाया जाए।
प्रसाद समिति की क्या जिम्मेदारी होगी?
रामलला के भक्तों को रोज प्रसाद दिया जाता है। इसके अलावा त्योहारों और खास मौकों पर किस तरह का विशेष प्रसाद दिया जाए, इसकी व्यवस्था और निर्णय में प्रसाद समिति की भूमिका होगी।
स्थायी महासचिव की घोषणा की संभावना कम
बैठक में कई बड़े फैसलों की उम्मीद है, लेकिन ट्रस्ट के स्थायी महासचिव की घोषणा होने की संभावना फिलहाल कम बताई जा रही है। इससे पहले रिटायर्ड IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था।
गर्भगृह में 2 AC लगाने के प्रस्ताव पर भी फैसला संभव
रामलला की सेवा और गर्भगृह की व्यवस्था को लेकर भी बैठक में बड़ा फैसला हो सकता है। गर्भगृह में दो AC लगाने का प्रस्ताव ट्रस्ट के सामने रखा गया है।
एक AC 1 टन और दूसरा 3 टन का
रामलला की सेवा के लिए दो AC मंगाए गए हैं। इनमें से एक AC 1 टन और दूसरा 3 टन का है। दोनों को गर्भगृह में लगाया जाना प्रस्तावित है।
AC लगाने के लिए दीवारों में करना पड़ेगा छेद
गर्भगृह में AC लगाने के लिए मंदिर की दीवारों में छेद करने की जरूरत पड़ेगी। इसी को लेकर धार्मिक समिति ने अपना प्रस्ताव ट्रस्ट को सौंप रखा है। बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है।
चढ़ावा चोरी के बाद 2 जुलाई की बैठक में क्या हुआ?
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की पिछली बैठकों में भी कई अहम फैसले लिए गए। 2 जुलाई की बैठक में ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया था।
कृष्ण मोहन को बनाया गया था कार्यवाहक महासचिव
चंपत राय के इस्तीफे के बाद रिटायर्ड IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को ट्रस्ट का कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था।
सोने-चांदी की 4 वस्तुओं की चोरी का दावा
ट्रस्ट ने चार सोने-चांदी की वस्तुओं को दिखाते हुए उनकी चोरी का दावा भी किया था। इसी बैठक में ट्रस्ट की आर्थिक स्थिति को लेकर भी जानकारी सामने आई थी।
ट्रस्ट को मिले थे 3,264 करोड़ रुपये
ट्रस्ट के मुताबिक उसे दान के जरिए कुल 3,264 करोड़ रुपये मिले थे। इनमें से 2,370 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण और अन्य कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं।
22 जुलाई को 9 संतों की धार्मिक समिति बनाई गई
इसके बाद 22 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में दो बड़े फैसले लिए गए। पहला, 9 संतों की धार्मिक समिति बनाई गई। इसमें 5 संत अयोध्या से और 4 संत मंदिर ट्रस्ट से शामिल किए गए।
स्वामी गोविंद देव गिरि बने समिति के अध्यक्ष
धार्मिक समिति का अध्यक्ष ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि को बनाया गया। यह समिति मंदिर से जुड़े धार्मिक मामलों और व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ट्रस्ट में प्रवक्ता और सचिव बनाने का फैसला
22 जुलाई की बैठक में ट्रस्ट ने यह भी तय किया था कि ट्रस्ट के लिए एक प्रवक्ता और एक सचिव बनाया जाएगा। अब तीसरी बैठक में प्रवक्ता के नाम की घोषणा होने की संभावना है।
ट्रस्ट ने कहा था- श्रद्धालुओं की संख्या में कमी नहीं आई
ट्रस्ट ने पिछली बैठक के बाद कहा था कि कई आरोपों और दुष्प्रचार के बावजूद राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।
CEO पद के लिए 5,585 लोगों ने किया था आवेदन
राम मंदिर CEO पद की नियुक्ति के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आए थे। जानकारी के मुताबिक 5,585 लोगों ने CEO पद के लिए आवेदन किया था। इनमें से 16 लोगों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था।
16 उम्मीदवारों के हुए इंटरव्यू
इन 16 उम्मीदवारों का 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में इंटरव्यू हुआ था। इसके बाद सर्च कमेटी ने तीन लोगों के नाम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास को सौंपे।
इंटरव्यू पैनल में कौन-कौन शामिल था?
CEO पद के लिए बने इंटरव्यू पैनल में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल रहे।
40 से 50 मिनट तक चला हर उम्मीदवार का इंटरव्यू
हर उम्मीदवार का इंटरव्यू करीब 40 से 50 मिनट तक चला। इस दौरान उनसे प्रशासनिक अनुभव, जिम्मेदारियों को संभालने की क्षमता, धार्मिक क्षेत्र में काम करने के अनुभव और भगवान राम के प्रति आस्था से जुड़े सवाल पूछे गए।
उम्मीदवारों से आस्था और जीवनशैली से जुड़े सवाल भी पूछे गए
सूत्रों के मुताबिक उम्मीदवारों से यह भी पूछा गया कि वे शिखा रखते हैं या नहीं, जनेऊ पहनते हैं या नहीं, शुद्ध शाकाहारी हैं या मांसाहारी, शराब का सेवन करते हैं या नहीं और वे कट्टर हिंदू हैं या सामान्य आस्थावान।
अब तीसरी बैठक पर टिकी निगाहें
राम मंदिर ट्रस्ट की तीसरी बैठक ऐसे समय हो रही है जब चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट के प्रशासनिक और धार्मिक ढांचे में कई बदलाव किए जा रहे हैं। नए ट्रस्टियों की घोषणा हो चुकी है। अब CEO, प्रवक्ता, प्रसाद समिति, परिक्रमा समिति और गर्भगृह में AC लगाने जैसे प्रस्तावों पर फैसले का इंतजार है। वहीं, राजेश पांडेय के नाम पर भी अंतिम मुहर लगती है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
नोट: राजेश पांडेय की CEO नियुक्ति, शरद शर्मा को प्रवक्ता बनाने और अन्य प्रस्तावित फैसलों को इस खबर में उपलब्ध जानकारी के अनुसार संभावित/सूत्रों के हवाले से लिखा गया है। अंतिम निर्णय ट्रस्ट की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट माना जाएगा।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).