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Accidents: कहीं ट्रक ने कुचला, कहीं कार ने रौंदा, कहीं भगदड़! नवरात्री पर 38 मौतें; जानिए देशभर में कहां कैसे हुए हादसे?

Accidents: कहीं ट्रक ने कुचला, कहीं कार ने रौंदा, कहीं भगदड़! नवरात्री पर 38 मौतें; जानिए देशभर में कहां कैसे हुए हादसे?

Accidents: नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना, मंदिरों में दर्शन और पंडालों में उत्सव के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी खबरें आईं, जिन्होंने खुशियों को मातम में बदल दिया। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को ट्रक ने कुचला, उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में दुर्गा पंडाल के बाहर लोगों को कार ने रौंद दिया और तेलंगाना में डांडिया कार्यक्रम के दौरान रोशनी लगाने वाला भारी ढांचा गिर गया।

इन चार हादसों में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई लोग घायल हुए। शुरुआती रिपोर्टों के आधार पर कुल मौतों का आंकड़ा 38 बताया जा रहा है। हालांकि, ग्वालियर हादसे में मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है। इसलिए कुल आंकड़े को अंतिम मानने से पहले ताजा आधिकारिक अपडेट देखना जरूरी है।

कोलकाता: दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 19 लोगों की मौत

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम बड़ा हादसा हुआ। सप्तमी के मौके पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच तेज बारिश के दौरान पंडाल में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

रिपोर्टों के मुताबिक, बारिश से बचने के लिए लोग पंडाल की ओर बढ़ने लगे। पहले से मौजूद भीड़ के बीच अचानक हुई धक्का-मुक्की में कई लोग गिर पड़े। इसी दौरान पंडाल के किसी हिस्से के ढहने की आशंका भी जताई गई, लेकिन हादसे की पूरी वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

इस घटना में 19 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई। घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मृतकों में महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल हैं।

मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों और प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को ग्रुप-डी की सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। घायलों को 5 लाख रुपये की सहायता और उनके इलाज का पूरा खर्च सरकार की ओर से उठाने की बात कही गई।

घटना के बाद पंडाल को बंद कर दिया गया और पुलिस ने आयोजकों सहित कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। हादसे के कारणों और सुरक्षा इंतजामों की जांच की जा रही है।

ग्वालियर: शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को ट्रक ने कुचला

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ। चीनोर रोड पर शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए पैदल जा रहे श्रद्धालुओं को धान से लदे एक ट्रक ने कुचल दिया। हादसा रात करीब 1:30 बजे हुआ, जब नवरात्रि के कारण मंदिर की ओर बड़ी संख्या में लोग जा रहे थे।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रक ढलान वाले रास्ते से आ रहा था। यह मार्ग श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही के कारण भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित बताया गया है। ट्रक कथित तौर पर पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ा और श्रद्धालुओं को टक्कर मारने के बाद मंदिर के प्रवेश द्वार तथा बाहरी दीवार से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि गेट और दीवार का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया।

इस हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत हुई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। दो पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की खबर है। घायलों को ग्वालियर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में 12, 13, 14 और 15 तक के आंकड़े सामने आए हैं। इसलिए इस हादसे का अंतिम आंकड़ा प्रशासन की नवीनतम पुष्टि के अनुसार अपडेट किया जाना चाहिए।

कैसे बेकाबू हुआ ट्रक?

पुलिस की शुरुआती जांच में वाहन पर नियंत्रण खोने और संभावित तकनीकी खराबी की आशंका जताई गई है। हालांकि, ट्रक प्रतिबंधित मार्ग पर कैसे पहुंचा और बैरिकेड पार करने की परिस्थितियां क्या थीं, इसकी जांच की जा रही है। वाहन की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। शुरुआती सरकारी घोषणाओं के अनुसार, मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 2 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जानी है।

उत्तर प्रदेश: बलरामपुर में दुर्गा पंडाल के बाहर लोगों को कार ने रौंदा

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में भी शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। चिरगहियां बेलहा गांव में दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर कुछ लोग पर्दे पर वीडियो देख रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार भीड़ में घुस गई और वहां मौजूद लोगों को रौंद दिया।

हादसे में तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। घायलों में दो की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए बहराइच रेफर किए जाने की खबर है।

पुलिस के मुताबिक, हादसा शनिवार रात करीब 10:30 बजे हुआ। घटना के बाद कार और उसके चालक को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कार अनियंत्रित होकर भीड़ में कैसे पहुंची।

दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर लोग धार्मिक कार्यक्रम से जुड़े वीडियो देख रहे थे। ऐसे में अचानक कार के भीड़ में घुसने से वहां अफरा-तफरी मच गई। इस घटना ने धार्मिक आयोजनों के आसपास यातायात और लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

तेलंगाना: कॉलेज में डांडिया के दौरान लाइटिंग ढांचा गिरा, छात्रा की मौत

तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में स्थित एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज के नादरगुल परिसर में शनिवार शाम डांडिया कार्यक्रम के दौरान हादसा हुआ। नवरात्रि के मौके पर कॉलेज में छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जुटे थे। इसी दौरान रोशनी लगाने के लिए खड़ा किया गया धातु का बड़ा ढांचा अचानक गिर गया।

इस हादसे में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की प्रथम वर्ष की छात्रा सोना नारायण दास गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उनकी बहन मीना नारायण दास भी हादसे में घायल हुईं और उन्हें नादरगुल के पास प्रत्युषा अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना के बाद घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आईं। कुछ रिपोर्टों में 12, जबकि अन्य में 14 से 17 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि ढांचा तेज हवा के कारण गिरा। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने छात्रा की मौत पर शोक जताया और अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज तथा हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस घटना ने कॉलेज परिसर में बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए लगाए जाने वाले अस्थायी ढांचों की मजबूती, सुरक्षा जांच और आयोजन प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं।

चार हादसे, एक बड़ा सवाल: धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा कितनी पुख्ता?

नवरात्रि के दौरान हुए इन हादसों में घटनाओं की परिस्थितियां अलग-अलग थीं। कोलकाता में भारी बारिश और भीड़ के दबाव के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बनी। ग्वालियर में मंदिर जा रहे श्रद्धालु बेकाबू ट्रक की चपेट में आ गए। बलरामपुर में पंडाल के बाहर मौजूद लोगों को कार ने कुचल दिया, जबकि तेलंगाना में डांडिया कार्यक्रम के दौरान लाइटिंग का ढांचा गिरने से एक छात्रा की मौत हो गई।

इन घटनाओं के बाद भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, अस्थायी ढांचों की सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत सामने आई है। धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रवेश और निकास के रास्तों, वाहनों की आवाजाही तथा मंच और लाइटिंग संरचनाओं की सुरक्षा की पहले से जांच जरूरी है।

फिलहाल, चारों घटनाओं की जांच और घायलों के इलाज से जुड़ी प्रक्रिया जारी है। मृतकों की संख्या और हादसों की जिम्मेदारी को लेकर प्रशासन की ओर से आने वाले आधिकारिक अपडेट अहम होंगे।

नोट: इस रिपोर्ट में 38 मौतों का कुल आंकड़ा शुरुआती रिपोर्टों के आधार पर है। ग्वालियर हादसे में अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अलग बताई गई है, इसलिए अंतिम प्रकाशन से पहले संबंधित प्रशासन का नवीनतम आंकड़ा जरूर जोड़ें।