Accident News: वाराणसी में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार दोस्तों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी आठ दोस्त विंध्याचल धाम में दर्शन करने के बाद काशी लौट रहे थे। प्रयागराज-वाराणसी हाईवे (NH-19) पर रूपापुर गांव के पास ओवरब्रिज पर उन्होंने स्कॉर्पियो रोक दी और बाहर निकलकर सेल्फी लेने लगे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आए ट्रक ने स्कॉर्पियो को टक्कर मार दी और वहां खड़े दोस्तों को कुचलता हुआ निकल गया। हादसे से कुछ मिनट पहले ली गई एक तस्वीर अब सामने आई है, जिसे दोस्तों की आखिरी तस्वीर बताया जा रहा है।
वाराणसी में कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?
सोमवार सुबह करीब 6 बजे मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के रूपापुर गांव के पास यह हादसा हुआ। यह जगह जिला मुख्यालय से करीब 27 किलोमीटर दूर है। आठों दोस्त स्कॉर्पियो (UP 65 EB 2199) से विंध्याचल धाम में दर्शन करने के बाद वाराणसी लौट रहे थे।
रास्ते में उन्होंने प्रयागराज-वाराणसी हाईवे के ओवरब्रिज पर गाड़ी रोक दी। सभी दोस्त गाड़ी से बाहर निकल आए और ओवरब्रिज पर खड़े होकर तस्वीरें लेने लगे। इसी दौरान पीछे से प्रयागराज की तरफ से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक वहां पहुंच गया।
टक्कर इतनी भीषण कि दूर तक बिखर गए शव
ट्रक की टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो करीब 30 से 40 मीटर तक घिसटती चली गई। हादसे में चार दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद स्कॉर्पियो का आधा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में तीन दोस्तों के शव ओवरब्रिज पर मिले, जबकि एक का शव करीब 30 फीट नीचे गिर गया। एक घायल युवक भी ओवरब्रिज के नीचे तड़पता मिला। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सभी घायलों को वाराणसी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
हादसे से कुछ मिनट पहले ली गई थी आखिरी तस्वीर
इस हादसे से कुछ मिनट पहले की एक तस्वीर सामने आई है। इसमें सात दोस्त स्कॉर्पियो के आगे खड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि आठवां दोस्त उनकी तस्वीर खींच रहा था। इसके कुछ ही मिनट बाद तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
जिस तस्वीर में सभी दोस्त साथ दिखाई दे रहे थे, वही अब उनकी आखिरी तस्वीर बन गई। दोस्त निखिल के जन्मदिन पर सभी विंध्याचल धाम दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद उन्होंने साथ में फोटो खिंचवाई थी और फिर काशी लौट रहे थे।
हादसे में इन चार दोस्तों की हुई मौत
इस दर्दनाक हादसे में आनंद यादव (25), आलोक मिश्रा (30), प्रदीप सिंह (36) और विद्वांशु यादव (30) की मौत हो गई। चारों की मौत की खबर से परिवारों में मातम छा गया।
आलोक मिश्रा पांच दिन बाद करने वाले थे नई नौकरी जॉइन
आलोक मिश्रा शिवपुर के पिसौर इलाके के रहने वाले थे। उनके पिता अजय किसान हैं, जबकि मां उर्मिला गृहिणी हैं। तीन भाई-बहनों में आलोक दूसरे नंबर पर थे और उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की थी। उनके पिता के मुताबिक, आलोक पांच दिन बाद जियो कंपनी में नौकरी जॉइन करने वाले थे।
विद्वांशु यादव पर थी परिवार की जिम्मेदारी
विद्वांशु यादव वीडीए कॉलोनी, शिवपुर के रहने वाले थे और ठेकेदारी करते थे। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। उनकी मां मृदुला देवी गृहिणी हैं।
प्रदीप सिंह मीशो में थे मैनेजर
प्रदीप सिंह चोलापुर के रहने वाले थे और ई-कॉमर्स कंपनी मीशो में मैनेजर के पद पर काम करते थे। उनके परिवार में पत्नी सोना और एक बेटा है। प्रदीप की मौत की खबर मिलते ही पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
आनंद यादव शिवपुर के रहने वाले थे
आनंद यादव की उम्र 25 साल थी। वह शिवपुर के रहने वाले थे। हादसे में उनकी भी जान चली गई।
चारों घायलों का ट्रामा सेंटर में चल रहा इलाज
हादसे में सावन यादव (26), किशन यादव (35), राजकुमार यादव (35) और निखिल (32) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। चारों को इलाज के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
निखिल के जन्मदिन पर ही सभी दोस्त विंध्याचल धाम दर्शन करने गए थे। इसी यात्रा के दौरान हुए हादसे ने जन्मदिन की खुशी को मातम में बदल दिया।
80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रहा था ट्रक
पुलिस के मुताबिक, ट्रक प्रयागराज से वाराणसी की तरफ आ रहा था और उसमें सेब लदे हुए थे। बताया गया है कि ट्रक की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच थी। ओवरब्रिज पर अचानक स्कॉर्पियो खड़ी देखकर ड्राइवर ट्रक को संभाल नहीं पाया और पीछे से टक्कर मार दी।
टक्कर के समय सभी आठ दोस्त गाड़ी के आसपास खड़े थे। ट्रक ने चार दोस्तों को कुचल दिया, जबकि बाकी चार भी उसकी चपेट में आकर घायल हो गए।
हादसे के बाद ट्रक छोड़कर भागा ड्राइवर
हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर करीब 200 मीटर दूर वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस अब CCTV फुटेज की मदद से उसकी पहचान और तलाश में जुटी है।
स्कॉर्पियो की तलाशी के दौरान पुलिस को गाड़ी के अंदर प्रसाद के डिब्बे, नारियल और चुनरी मिली। इससे पता चला कि दोस्त दर्शन करने के बाद लौट रहे थे।
सांसद वीरेंद्र सिंह पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे
चार लोगों की मौत की सूचना मिलने के बाद चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इससे पहले समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ भी घटनास्थल पर पहुंचे थे।
पुलिस बोली- जांच के बाद ही पता चलेगी हादसे की असली वजह
मिर्जामुराद के इंस्पेक्टर गोपालजी कुशवाह ने बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ में जानकारी मिली है कि कार सवार लोग ओवरब्रिज पर खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
पुलिस फरार ट्रक ड्राइवर की तलाश के साथ ही हादसे से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).