UP News: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कोहड़ौर क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई। यहां स्तिथ मदाफरपुर बाजार में एक सिरफिरे आशिक ने नवविवाहिता को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मारकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि 4 दिन पहले ही युवती की शादी हुई थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।
चार दिन पहले हुई थी शादी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोहड़ौर के चंदुआडीह निवासी पप्पू वर्मा की 22 वर्षीय बेटी ज्योति वर्मा की शादी 15 नवंबर को अमेठी के पीपरपुर क्षेत्र के रेवणा निवासी जितेंद्र प्रताप पटेल से हुई थी। शादी के बाद सोमवार को ज्योति अपने मायके मदाफरपुर बाजार आई थी, जहां इस वारदात को अंजाम दिया गया।
सुबह शौच के दौरान हुआ हमला
मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे ज्योति शौच के लिए घर के पीछे मोबाइल टावर की ओर गई। थोड़ी देर बाद फायरिंग की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तो हक्के-बक्के रह गए। लोगों ने देखा कि खून से लथपथ हालत में ज्योति वहां पड़ी हुई है। स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

नहर के पास मिला युवक का शव
वहीं, दूसरी ओर घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की, तो घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर नहर के पास खेत में एक युवक का शव भी बरामद हुआ। जिसकी पहचान उदयराज वर्मा (23) के रूप में हुई। जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि उदयराज, ज्योति का पुराना परिचित था और दोनों के बीच कई वर्षों से नजदीकी रिश्ते थे।
सात साल का रिश्ता और शादी का दबाव
स्थानीय लोगों और परिवारवालों के अनुसार, उदयराज और ज्योति का 7 साल का रिश्ता था। उदयराज ने कई बार ज्योति पर शादी का दबाव बनाया था। यहां तक कि उसने धमकी दी थी कि अगर वह उससे शादी नहीं करेगी, तो वह उसे किसी और की भी नहीं होने देगा।
उधर, बीते 15 नवंबर को ज्योति की शादी हो गई, जिससे उदयराज काफी तमतमाया हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, उदयराज पहले ही इस घटना को अंजाम देने की योजना बना चुका था। शादी के बाद भी उसने परिवारवालों को मनाने की कोशिश की थी, लेकिन असफल रहा। उदयराज की मां ने बताया कि दोनों के बीच की नजदीकियों की जानकारी पहले से ही थी, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया।
घटनास्थल पर मिले सबूत
पुलिस के अनुसार, उदयराज ने ज्योति को बेहद करीब से गोली मारी, जिससे उसके सिर, कमर और हाथ में गहरे घाव हो गए। घटनास्थल पर ज्योति का मोबाइल भी मिला। जांच के दौरान यह पाया गया कि गोली लगने के बाद ज्योति का खून उदयराज के कपड़ों पर भी लगा था।
टूटे परिवारों की दुर्दशा
इस दर्दनाक घटना से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ज्योति के पिता पप्पू वर्मा एक ट्रक चालक हैं, लेकिन दुर्घटना के बाद मनोरोगी हो गए। परिवार का गुजारा ज्योति की मां गीता मजदूरी करके करती थीं। वहीं, उदयराज का परिवार भी इस घटना से सदमे में है।
पुलिस की जांच जारी
प्रतापगढ़ के एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि यह मामला एकतरफा प्रेम और असफल संबंधों से जुड़ा है। हालांकि, घटना के अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। वहीं घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर परिवार और स्थानीय प्रशासन ने समय रहते उचित कदम उठाए होते, तो इस घटना को रोका जा सकता था।
बहरहाल, यह खौफनाक घटना एक बार फिर से समाज में प्रेम और रिश्तों को लेकर गंभीर सोच और समझदारी की आवश्यकता को रेखांकित करती है।