Mahakumbh 2025: महाकुंभ मेले के दौरान इस बार भारतीय रेलवे ने रिकॉर्ड संख्या में स्पेशल ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भेजकर इस बारे में जानकारी दी है। इस बार करीब 3000 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यात्रा को और भी सुविधाजनक बनाएंगी।
रेलवे की तैयारियां और विकास कार्य
महाकुंभ 2025 के सफल आयोजन के लिए रेलवे ने व्यापक तैयारियां की हैं। 19 नवंबर को भेजे गए पत्र में रेलमंत्री ने जानकारी दी कि प्रयागराज क्षेत्र में रेलवे द्वारा 4500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं चल रही हैं, जिसमें फ्लाईओवर, अंडरपास और स्टेशन के विकास कार्य शामिल हैं। इसके अलावा, यात्रा की सुविधा बढ़ाने के लिए यात्री सुविधाओं पर भी ध्यान दिया गया है।
महाकुंभ के दौरान 3000 स्पेशल ट्रेनें
अश्विनी वैष्णव ने पत्र में उल्लेख किया है कि महाकुंभ के दौरान करीब 10,000 नियमित ट्रेनों के अलावा लगभग 3000 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इन स्पेशल ट्रेनों में कुल 13,017 ट्रेनें शामिल होंगी, जो 2019 के कुंभ में चलाए गए 5,694 ट्रेनों से कहीं अधिक हैं। इस बार लंबी दूरी की ट्रेनें भी ज्यादा संख्या में चलाई जाएंगी, जो पहले के कुंभ मेले के मुकाबले यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होंगी।
लंबी दूरी की स्पेशल ट्रेनें
रेलमंत्री ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि इस बार 700 से ज्यादा लंबी दूरी की स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। ये ट्रेनें विभिन्न शहरों से महाकुंभ के लिए यात्रियों को लेकर आएंगी, जिनमें गुवाहाटी, मुंबई, पुणे, सिकंदराबाद, विशाखापट्टनम, चेन्नई, अहमदाबाद, पटना, रांची समेत कई अन्य प्रमुख शहरों के नाम शामिल हैं। इससे श्रद्धालुओं को महाकुंभ मेले में भाग लेने के लिए दूर-दूर से आने में सुविधा मिलेगी।
मौनी अमावस्या पर विशेष ट्रेनें
महाकुंभ के दौरान विशेष ध्यान मौनी अमावस्या के दिन दिया जाएगा। रेलमंत्री ने बताया कि इस दिन कुल 348 मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के कुंभ में आ-जा सकें।
रेलवे की बढ़ी हुई भूमिका
रेलवे की इस पहल से न केवल यात्री सुविधाओं में वृद्धि होगी, बल्कि महाकुंभ के सफल आयोजन में भी यह अहम भूमिका निभाएगा। विशेषकर उन श्रद्धालुओं के लिए यह एक बड़ी राहत है, जो विभिन्न हिस्सों से लंबी यात्रा पर आ रहे हैं।
गौरतलब है कि महाकुंभ 2025 के लिए रेलवे की तैयारियों के साथ-साथ अन्य आवश्यक विकास कार्यों की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की भीड़ या यात्री समस्याओं से निपटा जा सके।