पीलीभीत में 7 वर्षीय हिन्दू बच्ची के साथ 66 वर्षीय मुस्लिम युवक ने किया दुष्कर्म, गिरफ्तार, पुलिस फास्ट ट्रैक कोर्ट में सख्त पैरवी की तैयारी जुटी
सुनगढ़ी क्षेत्र की घटना से मचा हड़कंप, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर दरिंदे को गिरफ्तार में लिया
पीलीभीत के थाना सुनगढ़ी क्षेत्र में 7 वर्षीय बच्ची के साथ 66 वर्षीय मुस्लिम युवक द्वारा बंधक बनाकर दो दिन तक दुष्कर्म करने की वारदात सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। वारदात से नाराज मंत्री संजय सिंह गंगवार सहित हनुमान दल के नेता और तमाम हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और दरिंदे को शख्त सजा दिलाने की मांग की, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और त्वरित कार्रवाई करते हुए मोहम्मद उमर को गिरफ्तार कर लिया। मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जल्द सजा दिलाने की बात कह रही है।
बच्ची के घर पहुंचने पर सामने आया पूरा मामला
पुलिस और परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची मंगलवार को किसी तरह अपने घर पहुंची। घर पहुंचकर उसने परिजनों को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। परिजनों द्वारा तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मामला प्रकाश में आया।
सूचना मिलते ही थाना सुनगढ़ी पुलिस सक्रिय हुई और आरोपी की तलाश शुरू कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है ।
पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया
पुलिस अधीक्षक पीलीभीत सुकीर्ति माधव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि 16 जून की रात लगभग 10 बजे पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि एक 66 वर्षीय व्यक्ति द्वारा सात वर्षीय बच्ची के साथ गलत कार्य किए जाने की घटना सामने आई है।
एसपी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के विरुद्ध गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर जांच प्रारंभ कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि पीड़िता से संबंधित सभी आवश्यक कानूनी और चिकित्सीय प्रक्रियाएं पूरी कराई जा रही हैं। पुलिस टीम वैज्ञानिक साक्ष्य, बयान और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के आधार पर विवेचना को आगे बढ़ा रही है ताकि न्यायालय में मजबूत चार्जशीट प्रस्तुत की जा सके।
एसपी सुकीर्ति माधव ने स्पष्ट किया कि पुलिस इस मामले में शीघ्र चार्जशीट दाखिल करेगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में प्रभावी पैरवी करते हुए आरोपी को कठोरतम सजा दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
कैसे दरिंदे के चंगुल में फंसी बच्ची
पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी मोहम्मद उमर अपनी बकरियों की देखभाल के लिए पीड़ित परिवार को दे रखीं थीं। इसी कारण दोनों परिवारों के बीच आपसी आना-जाना भी बना हुआ था। जिस कारण बच्ची मोहम्मद उमर को जानती थी और मासूमियत के विश्वाश में वो दरिंदे के साथ चली गयी।
अपर पुलिस अधीक्षक ने क्या घटना स्थल का निरीक्षण
घटना की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली और घटना स्थल का निरीक्षण किया।
सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया और विरोध
घटना की जानकारी सामने आने के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और स्थानीय लोग थाना सुनगढ़ी पहुंचे। संगठनों ने घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
राष्ट्रीय हनुमान दल सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की अपील की।
राष्ट्रीय हनुमान दल के जिलाध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि यह घटना अत्यंत निंदनीय है और दोषी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि न्याय में देरी होती है तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही पीलीभीत सदर विधायक एवं गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार भी थाना सुनगढ़ी पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली और कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने दोषी के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, मामले में सभी साक्ष्यों को एकत्र कर तेजी से विवेचना पूरी की जा रही है। इसके बाद चार्जशीट दाखिल कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला भेजा जाएगा। पुलिस का कहना है कि अभियोजन पक्ष मजबूत रखा जाएगा ताकि आरोपी को सख्त सजा दिलाई जा सके।