Sambhal Jama Masjid: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में रविवार को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी। इस हिंसा में तीन युवकों की जान चली गई, जबकि 15 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। शहर में तनावपूर्ण माहौल है, और पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
हिंसा में तीन युवकों की मौत
मुरादाबाद के कमिश्नर ऑन्जनेय सिंह ने पुष्टि की है कि हिंसा के दौरान सरायतरीन निवासी नोमान, हयातनगर के बिलाल और कोट गर्वी के नईम की मौत हुई। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि उनकी मौत पुलिस की गोली से हुई।
जबकि कमिश्नर ऑन्जनेय सिंह का कहना है कि हमलावर एक सुनियोजित योजना के तहत सर्वे टीम को टारगेट करना चाहते थे। बड़े पैमाने पर युवकों की जेब से चाकू और अवैध असलहे मिले हैं। मृतक नईम की जेब में भी चाकू था। हमलावरों ने पहले छतों से पुलिस टीम पर फायरिंग और पथराव किया। इसके बाद सामने से भी गोली चलाई। मरने वाले तीनों युवक हमलावर भीड़ की फायरिंग में ही घायल हुए। पुलिस फायरिंग में एक भी मौत नहीं हुई है।
कैसे भड़की हिंसा?
रविवार सुबह 6:30 बजे डीएम और एसपी की अगुवाई में कोर्ट के आदेशानुसार जामा मस्जिद का सर्वे किया जा रहा था। यह सर्वे हरिहर मंदिर होने के दावे की पुष्टि के लिए हो रहा था। सर्वे टीम के पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के बाहर इकट्ठा हो गए। भीड़ ने पथराव और फायरिंग शुरू कर दी। हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।
पुलिस की गाड़ियां बनीं निशाना
हिंसा में भीड़ ने चुन-चुनकर पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाया और 3 चौपहिया वाहन तथा पांच बाइकों को आग के हवाले कर दिया। एसपी संभल कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिए की जा रही है और उनके खिलाफ एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई होगी।
प्रशासन और नेताओं की प्रतिक्रिया
- कमिश्नर ऑन्जनेय सिंह: उन्होंने हिंसा को एक सुनियोजित साजिश बताया। उनका कहना है कि महिलाएं और बच्चे सामने कर दिए गए थे, जबकि पीछे से युवकों ने पथराव और फायरिंग की।
- सपा प्रमुख अखिलेश यादव: उन्होंने घटना को सरकार की साजिश करार दिया। उनका आरोप है कि सर्वे पहले ही हो चुका था, फिर इसे दोबारा कराने का उद्देश्य माहौल बिगाड़ना था।
- आचार्य प्रमोद कृष्णम: उन्होंने हिंसा के पीछे समाजवादी पार्टी का हाथ बताया और कहा कि सरकार को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी: उन्होंने मुस्लिम समुदाय से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि कानूनी लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी।
मौजूदा स्थिति
हिंसा के बाद से संभल में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल है। जामा मस्जिद की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। शहर में भारी पुलिस बल तैनात है, और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मामला क्या है?
हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि जामा मस्जिद एक प्राचीन हरिहर मंदिर थी। इस दावे की पुष्टि के लिए न्यायालय ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया था। इसी क्रम में रविवार को सर्वे हो रहा था, जो हिंसा की वजह बन गया। कोर्ट कमिश्नर अपनी रिपोर्ट 29 नवंबर को पेश करेंगे।
एसपी का संदेश
हिंसा के दौरान एसपी कृष्ण बिश्नोई ने उपद्रवियों को समझाते हुए कहा, “बेटा, अपना भविष्य मत बर्बाद करो। नेताओं के बहकावे में न आएं।”
निष्कर्ष
घटना के बाद से संभल का माहौल तनावपूर्ण है, लेकिन प्रशासन और पुलिस हालात पर काबू पाने में जुटी हुई है। मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है।