
यूपी के कन्नौज जिले में सदर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अनिल दोहरे का लखनऊ में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह काफी दिनों से बीमार थे‚ हालत गंभीर होने पर उनको पीजीआई हॉस्पिटल लखनऊ में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर सुनते ही सपा कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गयी। वह सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के बहुत करीबी विधायकों में रहे है। उनकी मौत से परिवार के साथ – साथ समाजवादी पार्टी का हर नेता और कार्यकर्ता दुखी है।
कांग्रेस शासन काल में मंत्री रहे बिहारी लाल के बेटे थे अनिल दोहरे
तीन बार लगातार सपा से विधायक रहे अनिल दोहरे
कन्नौज जिले के अनौगी क्षेत्र के रहने वाले पूर्व सपा विधायक अनिल दोहरे ने 2007 में कन्नौज सदर विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव जीत कर विधायक बने थे‚ उसके बाद वह वर्ष 2012 के चुनाव में बसपा प्रत्याशी महेन्द्र निम दोहरे को हराया‚ और फिर 2017 में भाजपा प्रत्याशी बनवारी लाल दोहरे को हराकर जीत हासिल की थी। इस तरह से उन्होनें लगतार तीन बार विधायक के पद पर चुनाव जीतकर समाजवादी पार्टी में अपनी एक अलग जगह बना ली थी।
पूर्व विधायक अनिल दोहरे अपने पीछे छोड़ गये पूरा परिवार
10 फरवरी 1964 को कन्नौज जिले के अनौगी में जन्म लेने वाले सपा के पूर्व विधायक ने आज अंतिम सांस ली। वह अपने पीछे अपनी पत्नी सुनीता दोहरे के साथ एक बेटा और एक बेटी को छोड़ कर इस दुनिया से अंतिम विदाई लेकर चले गये। उनके निधन पर शोकाकुल परिवार बड़ा दुखी है। सपा नेताओं ने जानकारी देते हुए बताया कि लख़नऊ से देर रात तक उनका शव उनके पैतृक गांव पहुँचेगा। वह अखिलेश यादव के बेहद करीबी माने जाते रहे। उन्होंने स्नातकोत्तर,एलएलबी की शिक्षा ग्रहण की थी और राजनीति में एक अच्छी जगह बनाकर अपने जीवन में अपने पिता की तरह साफ–सुथरी छवि की राजनीति की।

गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है