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क़ासिब पठान उर्फ़ शिव वर्मा का ख़ौफ़नाक प्रेमजाल, 15 से ज़्यादा हिंदू लड़कियों के साथ दुष्कर्म

भारत की बेटियों के साथ हो रहा है खुला मज़ाक, शाहजहाँपुर बना ‘धर्मांतरण का हॉटस्पॉट’!

धर्मांतरण और लव-जिहाद का नंगा नाच!

हिन्दू नाम रखकर किया जा रहा बेटियों का यौन शोषण, धर्मांतरण और मानसिक विनाश | छांगुर बाबा और क़ासिब पठान की ‘राक्षसी जोड़ी’ का बड़ा खुलासा!

शिव वर्मा नहीं, ये है क़ासिब पठान!

शाहजहाँपुर से सामने आया ‘प्रेम जिहाद का शिकारी’ – 15 से अधिक हिंदू युवतियों को जाल में फंसाने वाले शातिर युवक का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड निकला छांगुर बाबा का शिष्य!

जब प्यार के नाम पर रची गई मजहबी साजिश, तब उठी भारत की बेटियों की चीखें!

अजय देव वर्मा | रॉकेट पोस्ट लाइव

वो शिव वर्मा था… कम से कम देखने और नाम से तो यही लगता था। मगर उसकी आंखों में जो चालाकी थी, वो किसी प्रेमी की नहीं, बल्कि शिकारी की थी। वो शिकार करता था – भावनाओं का, भरोसे का और फिर… धर्म का।

 असली नाम – क़ासिब पठान
 शिकार – अब तक 15 से ज़्यादा हिंदू लड़कियां, जिनमें छात्राएं, कॉलेज गर्ल्स, कामकाजी महिलाएं और यहां तक कि एक तलाकशुदा महिला भी शामिल है।

यह मामला केवल एक लड़के की बदनियत नहीं है, बल्कि इसके पीछे है एक सोची-समझी मजहबी साजिश – और इस साजिश का मास्टरमाइंड है – छांगुर बाबा उर्फ़ जलालुद्दीन, जो पहले से ही धर्मांतरण के मामलों में फंसा है।

शाहजहाँपुर इन दिनों जल रहा है – न केवल चुपचाप अंदर ही अंदर, बल्कि सड़कों पर आक्रोश बनकर फूट पड़ा है। और ये गुस्सा फूटा है उन दरिंदों के खिलाफ जिन्होंने ‘मोहब्बत’ के नाम पर ‘मजहबी साजिश’ को अंजाम दिया।

मुख्य किरदार – क़ासिब पठान उर्फ़ शिव वर्मा – एक ऐसा शातिर युवक जिसने हिंदू नाम का नकाब पहनकर सैकड़ों लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद कर दी।
और उसके पीछे खड़ा था – छांगुर बाबा उर्फ़ जलालुद्दीन, जो इस पूरे धर्मांतरण सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

कैसे पकड़ा गया नकली शिव वर्मा?

क़ासिब पठान उर्फ़ शिव वर्मा को पुलिस ने तब पकड़ा, जब एक युवती की बहन ने हिम्मत दिखाकर FIR दर्ज कराई। युवती को महीनों से ब्लैकमेल किया जा रहा था – उसके मोबाइल से अश्लील तस्वीरें खींच ली गई थीं।

पीड़िता ने बताया कि –

“शिव वर्मा” कहकर वह मेरे घर आता-जाता रहा, मां-बाप से मिला और फिर मुझसे शारीरिक संबंध बनाए। बाद में धमकी दी –
“अब मुसलमान बन जाओ, नहीं तो तुम्हारी न्यूड फोटो सोशल मीडिया पर डाल दूंगा!”

आरोपी की पूरी प्रोफ़ाइल – कैसे चलता था ‘प्यार का जाल’

 विवरण जानकारी
असली नाम क़ासिब उर्फ़ नावेद पठान
नकली नाम शिव वर्मा
उम्र 28 वर्ष
लोकेशन थाना सदर बाजार, शाहजहाँपुर
मकान किराए पर अलग, असली पता छुपाया गया
गैजेट्स महंगे मोबाइल, कैमरा, दो फर्जी आधार कार्ड
शिकार 15 से ज़्यादा लड़कियां

 उसने फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म पर हिंदू नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर पहले लड़कियों से दोस्ती की। फिर ‘सच्चा प्रेमी’ बनकर मुलाकातें की, गिफ्ट्स दिए, भरोसा जीता। जब लड़की पूरी तरह झुक गई, तब उसे ‘इस्लाम कबूलने’ का दबाव बनाया।

पीड़िताओं की आपबीती – टूटे सपने, घुटते रिश्ते

 पीड़िता-1:

“उसने मुझे मंदिर में साथ बैठकर कसम खिलाई कि वो मुझसे शादी करेगा… फिर मुझे एक होटल ले गया। मेरे साथ दुष्कर्म किया, वीडियो बनाया और कहा कि अब मेरा ‘निकाह’ होगा।”

पीड़िता-2:

“मेरे पूरे परिवार को मेरी वजह से शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। अब मैं किसी पर भरोसा नहीं कर पाती…”

इनमें से कई लड़कियां अब मनोवैज्ञानिक इलाज ले रही हैं। कुछ ने कॉलेज छोड़ दिया, कुछ ने तो आत्महत्या का प्रयास तक किया।

 छांगुर बाबा कनेक्शन – अकेला नहीं था क़ासिब

क़ासिब केवल मोहरा था। मुख्य खिलाड़ी है छांगुर बाबा उर्फ़ जलालुद्दीन, जो पहले बलरामपुर में ईसाई धर्मांतरण रैकेट चला रहा था।
पता चला है कि:

क़ासिब उसी नेटवर्क से जुड़ा था

हर लड़की के धर्मांतरण पर पैसे मिलते थे

छांगुर बाबा के माध्यम से कुछ NGO और मौलवियों से विदेशी फंडिंग मिल रही थी

लखनऊ और शाहजहाँपुर में एक टीम काम कर रही थी, जो लड़कियों को चिन्हित करती थी

प्रशासन पर गंभीर सवाल – आरोपी को ‘चुपचाप जेल’ क्यों भेजा?

पूरे शहर में हंगामा है, लेकिन प्रशासन मौन है।

न कोई प्रेस नोट

न कोई प्रेस वार्ता

आरोपी की तस्वीर तक जारी नहीं की गई

क्यों? क्या किसी बड़ी साजिश पर पर्दा डाला जा रहा है?

 हिन्दू संगठनों का फूटा गुस्सा – NIA जांच की मांग

बजरंग दल, VHP और अन्य संगठनों ने सड़कों पर उतरकर मांगा:

“NIA इस मामले की जांच करे। ये कोई प्रेम प्रसंग नहीं, एक संगठित धर्मांतरण नेटवर्क है।”

प्रदर्शनकारियों ने कहा:

“शाहजहाँपुर को धीरे-धीरे मजहबी युद्ध का मैदान बनाया जा रहा है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो हालात बेकाबू हो जाएंगे।”

पीड़ितों की पहचान छुपाकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल!

कई पीड़िताओं के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर पाए गए हैं। माना जा रहा है कि आरोपी ने पहले ही Telegram और Instagram पर backup बना रखा था।

इससे महिलाओं की साइबर सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा होता है।

अब ये सवाल देश पूछ रहा है:

क्या शाहजहाँपुर, बलरामपुर और लखनऊ एक ही धर्मांतरण रैकेट से जुड़े हैं?

क्या इस नेटवर्क को विदेशी फंडिंग मिल रही थी?

क़ासिब और छांगुर बाबा के पीछे कौन है?

क्या NIA और ATS को जानबूझकर दूर रखा गया?

अब वक्त है – भारत की बेटियों की हिफाजत के लिए निर्णायक युद्ध का!

शाहजहाँपुर की ये सनसनीखेज घटना सिर्फ एक जिले की कहानी नहीं है, बल्कि ये उस साजिश का पर्दाफाश है जो पूरे देश में सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने, बेटियों के जीवन से खिलवाड़ करने और धार्मिक परिवर्तन की सुनियोजित साजिश रचने में लगी है। क़ासिब पठान और छांगुर बाबा जैसे दरिंदों को अगर सख्त सज़ा नहीं मिली, तो ऐसे राक्षसों को नया हौसला मिलेगा। अब सिर्फ पुलिस की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि NIA, ATS और कोर्ट के स्तर पर तेज़, निष्पक्ष और राष्ट्रहित में कार्रवाई की ज़रूरत है। भारत की बेटियां अब चुप नहीं बैठेंगी, और समाज भी अब इस अंधकार को बर्दाश्त नहीं करेगा। वक्त है जागने का, आवाज़ उठाने का – ताकि अगली लड़की शिकार बनने से पहले, शिकारी खुद सलाखों के पीछे हो।

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