Kannauj News : ʺधार्मिक‘‘ स्त्री की मनोदशा को समझ पाना है बहुत मुश्किल
(गुगरापुर से संतोष तिवारी की रिपोर्ट)
कन्नौज जिले के गुगरापुर ब्लाक में श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आचार्य कृष्णा पाठक के मुखार बिंदु से श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारियों के मध्य कैकेई द्वारा डाले गए व्यवधान की कथा का रसपान कराया गया। कथा को सुनाते हुए व्यास जी ने स्त्री की मनोदशा का वर्णन किया है। कथा का सार सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गये।
गुगरापुर ब्लाक के मरहरिया गांव में आयोजित श्री राम कथा के पांचवे दिन बुधवार को आचार्य कृष्णा पाठक ने श्री राम राज्याभिषेक हेतु चल रही तैयारियों के मध्य कैकेई द्वारा राजा दशरथ से मांगे जाने वाले वचनों के संबंध में वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जब मंथरा के बहकाने पर कैकेई ने राजा दशरथ से अपने पूर्व में मांगे गए बरदानो के अंतर्गत भरत को अयोध्या का राज्य और श्रीराम को वनवास मांगा और समझाने पर भी रानी कैकेई नही मानी तो राजा दशरथ ने कहा कि अपनी परछाई को तो पकड़ा जा सकता किंतु स्त्री की मनोदशा समझ पाना बहुत ही दुष्कर है।अस्तु स्त्री की बात पर एकाएक विश्वास नहीं करना चाहिए।
इस दौरान मिरगांवा निवासी मोहनलाल पाठक ने माल्यार्पण व अंगवस्त्र देकर आचार्य कृष्णा पाठक को सम्मानित किया।कथा के दौरान अभिमन्यु सिंह, मोहनलाल पाठक,पुत्तन सिंह,अनिल सिंह,अरुण सिंह,लल्लन सिंह,बीर भान सिंह सोलंकी,पंकज कुमार दिवाकर,पंडित शशिरतन सहित श्रोतागण मौजूद रहे।
गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है
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