3

Recent News

UP Rajya Sabha Election: सभी 10 सीटों पर बिना वोटिंग जीते उम्मीदवार, जानिए क्यों नहीं हुआ मतदान?

UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। भारतीय जनता…

Delhi Protest: दिल्ली की गलियों में पुलिस का लाउडस्पीकर से ऐलान - "अपने बच्चों और पड़ोसियों को समझा दें, वरना.."

Delhi Protest: दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलग-अलग इलाकों में लाउडस्पीकर से ऐलान कर…

UP Crime: 15 साल की किशोरी के साथ शफीक-भूरा ने किया गैंगरेप! फिर नहर में फेंका, 2 घंटे जिंदगी और मौत से लड़ी..

UP Crime: बुलंदशहर में 15 साल की एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसे नहर में धकेलने का गंभीर…

India Israel Friendship: भारतीय पायलट 'Smit Machchhar' को मिलेगा इजरायल का नागरिक वीरता पुरस्कार..

India Israel Friendship: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को इजरायल नागरिक वीरता पुरस्कार से सम्मानित करेगा। 30 सितंबर 2026 को…

Pilibhit News: पीलीभीत विकास भवन में फिर खुली अफसरों की पोल, DM आलोक कुमार के छापे में 5 बड़े अधिकारी नदारद..

Pilibhit News: पीलीभीत के विकास भवन में अफसरों की गैरहाजिरी का मामला एक बार फिर सामने आया है। गुरुवार सुबह…

3

Recent News

UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। भारतीय जनता…

Delhi Protest: दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलग-अलग इलाकों में लाउडस्पीकर से ऐलान कर…

UP Crime: बुलंदशहर में 15 साल की एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसे नहर में धकेलने का गंभीर…

India Israel Friendship: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को इजरायल नागरिक वीरता पुरस्कार से सम्मानित करेगा। 30 सितंबर 2026 को…

Pilibhit News: पीलीभीत के विकास भवन में अफसरों की गैरहाजिरी का मामला एक बार फिर सामने आया है। गुरुवार सुबह…

Breaking News

मेरठ LLRM मेडिकल कॉलेज: डॉक्टरों की नींद ने ली युवक की जान, तीन सस्पेंड

मेरठ: LLRM मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की लापरवाही से युवक की मौत – दो जूनियर डॉक्टर सस्पेंड, जांच समिति गठित

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्थित एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज एक बार फिर लापरवाही और बदइंतजामी का प्रतीक बन गया। एक सड़क हादसे में घायल युवक को इमरजेंसी वार्ड में घंटों इलाज नहीं मिला, क्योंकि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर एसी में आराम से सोते रहे। इलाज के इंतजार में खून से लथपथ युवक ने वहीं दम तोड़ दिया।

घटना ने पूरे शहर में गुस्से की लहर दौड़ा दी है और अस्पताल की लापरवाही पर प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी गई है।

मेरठ LLRM मेडिकल कॉलेज:  आधी रात की त्रासदी – जब जिंदगी को मिला इंतजार और मौत को मौका

मामला मंगलवार की रात का है। 30 वर्षीय सुनील, जो सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ, को परिजन आधी रात करीब 12 बजे LLRM मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। खून से लथपथ हालत में परिजन डॉक्टरों से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन वहां ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टर कुर्सी पर सोता मिला।

किसी ने न खून रोका, न ऑक्सीजन दी, न तत्काल सर्जरी की तैयारी की गई। लगातार खून बहते रहने से सुनील ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टर को जगाने और इलाज की मांग की, तो उन्हें बदसलूकी का सामना करना पड़ा और स्टाफ ने कोई सहायता नहीं दी।

मेरठ LLRM मेडिकल कॉलेज: निलंबन और जांच – क्या मिल पाएगा इंसाफ?

घटना का वीडियो वायरल होने और मामला मीडिया में आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दो जूनियर डॉक्टरों को तत्काल निलंबित कर दिया है।

कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आर.सी. गुप्ता ने बताया कि

“इस मामले की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति को तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”

मेरठ LLRM मेडिकल कॉलेज: अस्पताल की पुरानी लापरवाहियों का इतिहास

यह पहली बार नहीं है जब मेरठ का LLRM मेडिकल कॉलेज विवादों में आया हो।

हाल ही में तीन जूनियर डॉक्टरों को निलंबित किया गया था, जब उन्होंने मरीज के परिजनों की बेरहमी से पिटाई की थी।

वर्ष 2019 में भी इसी कॉलेज में दो डॉक्टरों को सस्पेंड किया गया, जब उन्होंने मृत मरीज पर 10 बार एक्स-रे करवाया, पोस्टमार्टम की बजाय।

इन घटनाओं से साफ है कि यह संस्थान बार-बार मानवता और मेडिकल आचार संहिता की धज्जियां उड़ाता रहा है।

समाज के लिए बड़ा सवाल – क्या सरकारी अस्पतालों में इंसानी जान की कीमत इतनी सस्ती है?

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है –
क्या सरकारी अस्पतालों में मरीज की जिंदगी इतनी सस्ती हो गई है कि डॉक्टरों की लापरवाही और बदइंतजामी के चलते बचाई जा सकने वाली जिंदगियां खत्म होती रहें?
क्या सिर्फ निलंबन से समस्या का समाधान हो जाएगा, या डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही तय करना अब जरूरी हो गया है?

समाज और सरकार दोनों को यह समझना होगा कि जब तक आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सख्त निगरानी और पारदर्शी जवाबदेही के दायरे में नहीं लाया जाएगा, तब तक ऐसी घटनाएं बार-बार होती रहेंगी।
यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज की चेतावनी है कि आज सुनील की जान गई, कल कोई और हो सकता है।

गजरौला में ‘चोर’ को भीड़ ने पीटा: सड़क पर घंटों जाम – पुलिस ने किया हैरान कर देने वाला खुलासा!