Nepal Wild Elephant Alert: नेपाल से पीलीभीत तक का जंगली सफर
नेपाल और पीलीभीत के जंगल आपस में सटे होने के कारण यहां से जंगली जीवों का आना-जाना आम है। हाथी, गैंडा और कई दुर्लभ प्रजातियां इस क्षेत्र में अक्सर दिखाई देती हैं। अतीत में कई बार नेपाली हाथियों ने पीलीभीत में घुसकर फसलों को नष्ट किया है और ग्रामीणों पर हमला भी बोला है।
कुछ साल पहले कटकवारा गांव में हाथियों के हमले में दो ग्रामीणों की जान चली गई थी। 2022 में लगभग 24 हाथियों का एक झुंड डेढ़ महीने तक टाइगर रिजर्व में डेरा डालकर जमकर उत्पात मचाता रहा था।
Nepal Wild Elephant Alert: माला गेस्ट हाउस के पास हाथी की दस्तक
नवीनतम घटना में, नेपाल से आया यह नर हाथी माला गेस्ट हाउस के पास टाइगर रिजर्व में मौजूद चार पालतू हाथियों के करीब पहुंच गया। चूंकि आकार और ताकत में यह ज्यादा शक्तिशाली है, इसलिए वन विभाग को आशंका हुई कि यह रिजर्व हाथियों के लिए खतरा बन सकता है।
तुरंत कार्रवाई करते हुए, वनकर्मियों ने सभी चारों हाथियों को माला गेस्ट हाउस से हटाकर गढ़ा जंगल में भेज दिया।
ग्रामीणों में खौफ, टीमें मुस्तैद
फिलहाल यह हाथी माला गेस्ट हाउस और मरौरी के जंगलों में घूम रहा है। वन विभाग की कई टीमें जीपीएस और ट्रैकिंग के जरिए इसकी लोकेशन पर निगरानी रख रही हैं।
गांव वालों को चेतावनी दी गई है कि वे जंगल के पास न जाएं और फसलों की निगरानी सतर्कता से करें, क्योंकि यह हाथी खेतों में भी प्रवेश कर सकता है।
बाघ ने भी बढ़ाई टेंशन
इसी बीच, मथना जप्ती गांव में देर रात एक बाघ ने गोवंश का शिकार कर ग्रामीणों की चिंता दोगुनी कर दी। सोमवार सुबह यह बाघ पुरैनी दीप नगर के खेतों में टहलता हुआ देखा गया। किसानों के शोर मचाने पर वह जंगल की ओर लौट गया। वन विभाग की टीम फिलहाल बाघ की हर गतिविधि पर नजर रख रही है।
डीएफओ टाइगर रिजर्व मनीष सिंह की माने तो
डीएफओ मनीष सिंह ने जानकारी दी कि नेपाल से आया एक नर हाथी जंगल के रास्ते होते हुए माला गेस्ट हाउस के पास पहुंच गया है और फिलहाल आसपास के क्षेत्र में विचरण कर रहा है। वन विभाग की टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रख रही है। स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है, साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे हाथी के नजदीक जाने का प्रयास न करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
मानव-वन्यजीव टकराव की बढ़ती चुनौती
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में नेपाल से आने वाले हाथी और बाघ जैसे बड़े वन्यजीव वन विभाग के लिए लगातार चुनौती बने हुए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत-नेपाल के जंगलों को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर वन्यजीव संरक्षण के लिए तो अहम है, लेकिन साथ ही यह ग्रामीणों की जान-माल पर खतरा भी बढ़ा रहा है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए दोनों देशों के वन विभागों को मिलकर ठोस रणनीति बनानी होगी।
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