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Education News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS फीस वृद्धि पर लगाई रोक, पढ़िए अब कब है अगली सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स की ट्यूशन फीस बढ़ाने के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब भी मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह ने आन्या परवाल सहित 239 छात्रों की याचिका पर दिया।

हापुड़ के छात्रों ने की थी याचिका  

प्रदेश सरकार ने 5 जुलाई 2024 को एक अधिसूचना जारी कर शैक्षणिक सत्र 2024-25 से एमबीबीएस की ट्यूशन फीस 11,78,892 से बढ़ाकर 14,14,670 करने का निर्णय लिया था। इस पर आपत्ति जताते हुए हापुड़ स्थित जी एस मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने याचिका दाखिल की।

याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता निपुण सिंह ने दलील दी कि यह वृद्धि मनमानी और बिना पर्याप्त कारण के की गई है। उन्होंने बताया कि इस सत्र के दौरान यह दूसरी बार फीस बढ़ाई गई है, जबकि छात्र पहले ही अन्य विविध शुल्क जमा कर चुके हैं। इस अचानक बदलाव से अभिभावकों पर गंभीर वित्तीय बोझ पड़ा है, क्योंकि प्रवेश के समय कॉलेज ब्रोशर में अलग शुल्क संरचना दी गई थी।

अब सरकार से माँगा गया जवाब 

वहीं, प्रदेश सरकार और निजी संस्थानों की ओर से दलील दी गई कि शुल्क वृद्धि ‘उत्तर प्रदेश प्राइवेट प्रोफेशनल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (रेगुलेशन ऑफ एडमिशन एंड फिक्सेशन ऑफ फीस) एक्ट, 2006’ के प्रावधानों के अनुरूप है।

पढ़िए अब कब होगी अगली सुनवाई 

अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 17 सितंबर तय की है। तब तक फीस वृद्धि पर रोक बरकरार रहेगी।