3

Recent News

Pilibhit में सेवा संकल्प अभियान से बदल रही शहर की तस्वीर, गन्ना तिराहा पर भव्य कलश ने बदली चौराहे की पहचान..

Pilibhit शहर की पहचान अब सिर्फ सड़कों और बाजारों से नहीं, बल्कि बदलते स्वरूप और बढ़ती खूबसूरती से भी होने…

Virat Kohli को 5 करोड़ देकर बुलाते थे प्रेमानंद महाराज? मिला जवाब; क्रिकेट के किंग ने बताई पूरी सच्चाई..

Virat Kohli के प्रेमानंद महाराज से मिलने को लेकर किए गए एक बड़े दावे पर अब उनके प्रवक्ता की तरफ…

Delhi Protest: बसों से राहुल समेत INDI नेता जंतर-मंतर रवाना, प्रदर्शन! दिल्ली पुलिस ने कहा - "इन नियमों का पालन हो, वरना.."

Delhi Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक के सांसद आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे…

Accident News: यूपी में दर्दनाक हादसा! मैच खेलकर आ रहे 4 क्रिकेटरों की मौत; झपकी आने से ट्रक में घुसी अर्टिगा..

सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बुधवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में चार क्रिकेटरों की मौत हो गई, जबकि दो लोग…

New Bhojpuri Song: ‘बाढ़ में बिहार, छठी मइया खेवनहार’ रिलीज, अक्षरा सिंह की आवाज और मनोज भावुक के शब्दों में दर्द-उम्मीद

New Bhojpuri Song: बिहार में बाढ़ की त्रासदी के बीच लोगों की पीड़ा, आस्था और उम्मीद को आवाज देने वाला…

3

Recent News

Pilibhit शहर की पहचान अब सिर्फ सड़कों और बाजारों से नहीं, बल्कि बदलते स्वरूप और बढ़ती खूबसूरती से भी होने…

Virat Kohli के प्रेमानंद महाराज से मिलने को लेकर किए गए एक बड़े दावे पर अब उनके प्रवक्ता की तरफ…

Delhi Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक के सांसद आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे…

सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बुधवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में चार क्रिकेटरों की मौत हो गई, जबकि दो लोग…

New Bhojpuri Song: बिहार में बाढ़ की त्रासदी के बीच लोगों की पीड़ा, आस्था और उम्मीद को आवाज देने वाला…

Breaking News

देखिए तीन दशक बाद मिला मेहनत का हक, DM की पहल से सुदामा प्रसाद को मिला जीपीएफ भुगतान प्राप्त

कानपुर: लगभग तीन दशक की लगातार कोशिशों और धैर्य के बाद सेवानिवृत्त संग्रह सेवक सुदामा प्रसाद को अंततः अपनी मेहनत की कमाई मिल गई। वर्ष 1996 से लंबित सामान्य भविष्य निधि (GPF) भुगतान को लेकर वे लगातार विभिन्न विभागों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन समाधान नहीं हो सका।

हालांकि जब इस मामले की जानकारी जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को हुई, तो उन्होंने तुरंत गंभीरता से संज्ञान लेते हुए फाइलों की जांच और रिकॉर्ड तलब किए। इसके बाद लगातार की गई निगरानी और निर्देशों के परिणामस्वरूप 18 अगस्त को ब्याज सहित 3,07,000 रुपये की राशि सुदामा प्रसाद के खाते में भेज दी गई।

जनता दर्शन में रखी अपनी व्यथा

फरवरी की एक सुबह जनता दर्शन में 89 वर्षीय सुदामा प्रसाद ने जिलाधिकारी के सामने अपनी पूरी बात रखी। साधारण पैंट-शर्ट में, हाथों में पुरानी फाइल थामे उन्होंने बताया कि वे वर्ष 1996 से अपनी GPF प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

अभिलेखों में छूटा एक तथ्य बना देरी का कारण

जांच के दौरान पाया गया कि परिवार न्यायालय, बांदा के एक आदेश का उल्लेख अभिलेखों में दर्ज नहीं था। आदेश के अनुसार, सुदामा को अपनी पत्नी को गुजारा भत्ता देना था, किंतु 1995 में उनकी पत्नी का निधन हो चुका था। यह तथ्य रिकॉर्ड में न जुड़ पाने से भुगतान वर्षों तक स्थगित रहा।

डीएम की सक्रिय पहल लाई समाधान

जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित रिकॉर्ड मंगाए गए और कोषाधिकारी ने यह रिपोर्ट दी कि ब्याज सहित पूरा भुगतान अनुमन्य है। सामान्य भविष्य निधि नियमावली 1985 के तहत आदेश जारी किए गए और डीएम स्वयं प्रगति की निगरानी करते रहे। परिणामस्वरूप, लगभग तीस वर्षों बाद सुदामा प्रसाद को उनकी मेहनत की राशि मिल सकी।

आँखे हो गईं थी नम 

राशि खाते में आने की सूचना मिलते ही उनकी आंखें नम हो गईं और उन्होंने कहा, *“देर है पर अंधेर नहीं”।* उनके अनुसार, यह रकम केवल पैसा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और विश्वास की वापसी है।