Pilibhit:भ्रष्टाचार पर प्रशासन की कार्रवाई-नांद और पसगंवा पंचायतों में उजागर हुई लापरवाही, एक सचिव निलंबित, दूसरे पर भी गिर सकती है गाज
पीलीभीत ज़िले के बिलसंडा विकासखंड की ग्राम पंचायतों में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार की पोल खुलने लगी है। नांद और पसगंवा पंचायतों में सामने आए मामलों ने यह साबित कर दिया है कि कुछ अधिकारी और कर्मचारी सरकार की मंशा के अनुरूप काम करने के बजाय योजनाओं में गड़बड़ी कर ग्रामीणों के हक पर डाका डाल रहे हैं। लेकिन इस बार प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कठोर कार्रवाई की जायेगी। इस दोनों ग्राम पंचायतों की जाँच में नांद ग्राम पंचायत की शिकायत सही पायी गयी लिहाज उस ग्राम पंचायत के सचिव को निलंबित कर दिया गया है। वहीँ पसगवां की शकायत पर जाँच कमिटी गठित कर दी गयी है।
Pilibhit:नंद ग्राम पंचायत में लाइटें सिर्फ कागज़ों पर, लाखों रुपये हज़म
ग्राम पंचायत नांद में सौर ऊर्जा लाइटें लगाने के नाम पर पंचायत सचिव रोहित भारती ने लाखों रुपये का भुगतान कर दिया, जबकि गांव में लाइटें लगाई ही नहीं गईं। ग्रामीणों ने जब विरोध प्रदर्शन कर आवाज़ उठाई और जिलाधिकारी को शिकायत सौंपी, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति गठित की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि सचिव ने न तो जैम पोर्टल से खरीद की और न ही तकनीकी सत्यापन कराया। इस लापरवाही और अनियमितता के चलते सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
Pilibhit:पसगंवा ग्राम पंचायत भी संदेह के घेरे में
इसी तरह ग्राम पंचायत पसगंवा में भी गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। यहां भले ही सौर लाइटें लगाई गई हों, लेकिन रात्रि में मोटरसाइकिल से फॉगिंग कराए जाने जैसी गतिविधियों ने ग्रामीणों को असमंजस में डाल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। इस मामले में जिलाधिकारी ने जांच समिति गठित कर दी है और साफ कहा है कि यदि भ्रष्टाचार या लापरवाही पाई गई, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
Pilibhit:डीएम का सख्त संदेश
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि “ग्राम पंचायत नांद की जांच पूरी हो चुकी है, जिसमें शिकायत सही पाई गई और सचिव रोहित भारती को निलंबित कर दिया गया है। वहीं ग्राम पंचायत पसगंवा की जांच चल रही है। यदि वहां भी अनियमितता या गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। प्रशासन की नीति साफ है—जनहित की योजनाओं में लापरवाही करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
Pilibhit:प्रशासन की मंशा और ग्रामीणों की उम्मीदें
इन दोनों मामलों ने यह उजागर कर दिया है कि कुछ जिम्मेदार अधिकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुँचाने के बजाय अपनी जेबें भरने में लगे हैं। लेकिन जिलाधिकारी के सख्त रुख ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि अब भ्रष्टाचार और लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं बची है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की इस कार्रवाई से ईमानदार काम करने वालों का मनोबल बढ़ेगा और जनता का विश्वास भी मजबूत होगा। और भ्र्ष्टाचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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