Moradabad: ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही से महिला गंभीर रूप से घायल, दो सिपाही निलंबित
मुरादाबाद ज़िले के बिलारी थाना क्षेत्र में घटी एक दर्दनाक घटना ने पुलिस व्यवस्था और उनके आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यातायात पुलिसकर्मियों की कथित लापरवाही और अनुचित कार्यप्रणाली की वजह से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। मामला सामने आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और जिम्मेदार सिपाहियों पर तुरंत निलंबन की कार्रवाई की गई।
Moradabad:घटना का सिलसिलेवार ब्यौरा
घटना बिलारी तहसील क्षेत्र के कस्बा बिलारी की है, जहाँ सड़क पर नियमित चेकिंग के दौरान यह हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक, महिला ललिता सैनी अपने पति के साथ बाइक पर सवार होकर जा रही थीं। तभी ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी शनि कुमार और आकाश तोमर ने वाहन रोकने के प्रयास में महिला का दुपट्टा पकड़ लिया। अचानक खींचे गए दुपट्टे से महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह बाइक से गिर पड़ी। गिरते ही उसके सिर में गंभीर चोट आई और पैर टूट गया।
घटना के बाद मौजूद लोग महिला को आनन-फानन में जिला अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे गंभीर स्थिति में भर्ती कर लिया। फिलहाल उसका इलाज जारी है और परिवारजन अस्पताल में उसकी देखभाल में जुटे हुए हैं।
Moradabad:पुलिस की कार्रवाई और जाँच
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और पुलिस पर सवाल उठने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुरादाबाद पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों सिपाहियों—शनि कुमार और आकाश तोमर—को ड्यूटी में लापरवाही और अनधिकृत वाहन चेकिंग के लिए निलंबित कर दिया।
इस संबंध में एसपी क्राइम सुभाष गंगवार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि—
“तहसील बिलारी के कस्बा बिलारी में यह घटना घटी है। दोनों सिपाही ड्यूटी पर थे और वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक दंपत्ति साइकिल/बाइक पर जा रहा था। महिला गिरकर घायल हो गई है जिसका इलाज चल रहा है। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों पर गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
Moradabad:सवालों के घेरे में ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली
इस घटना ने एक बार फिर ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। नियमों के मुताबिक किसी भी पुलिसकर्मी को महिला का दुपट्टा या कपड़े पकड़कर रोकने का अधिकार नहीं है। यह न केवल असंवेदनशीलता दर्शाता है बल्कि महिलाओं की गरिमा पर भी आघात करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस अक्सर सड़क पर मनमाने ढंग से चेकिंग करती है और कई बार नियमों की आड़ में आम नागरिकों को परेशान करती है। इस घटना ने इस धारणा को और मजबूत किया है कि कई बार पुलिस की लापरवाही ही हादसों का कारण बन जाती है।
Moradabad:पीड़िता और परिवार की स्थिति
ललिता सैनी के परिजन इस घटना से बेहद आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों की लापरवाही और गैरकानूनी तरीके से वाहन रोकने की वजह से यह गंभीर हादसा हुआ है। परिवार के अनुसार, ललिता पहले से ही कमजोर स्वास्थ्य में थीं और अब गंभीर चोटों से जूझ रही हैं।
प्रशासनिक सख्ती और भविष्य की चुनौती
हालाँकि दोनों पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या मात्र निलंबन से समस्या का समाधान होगा? प्रशासन के सामने यह चुनौती है कि ट्रैफिक पुलिस को संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण के साथ प्रशिक्षित किया जाए।
यह घटना साफ दर्शाती है कि ज़मीनी स्तर पर पुलिस सुधारों की कितनी सख्त ज़रूरत है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी सिपाहियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई होना तय है।
बिलारी में घटी यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं है, बल्कि यह पुलिसकर्मियों की असंवेदनशीलता और अनुचित कार्यप्रणाली का प्रतीक है। यह मामला एक गहरी चेतावनी है कि यदि ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो आम जनता का भरोसा पुलिस से और कमज़ोर होगा। फिलहाल पूरा इलाका इस घटना से स्तब्ध है और सभी की निगाहें प्रशासन की अंतिम कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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