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Pilibhit: हाथ की मेहनत, मिट्टी की खुशबू… और भारत की असली पहचान! आप ही भारत का असली ब्रांड हैं!

Pilibhit में सरकार की आत्मनिर्भर भारत नीति के तहत कारीगरों से खास अपील, हस्तशिल्पियों के लिए नई योजनाएं और अवसरों की पूरी जानकारी जानें।

पीलीभीत में 08 से 15 दिसंबर तक “अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह” —

देश की कला, संस्कृति और कारीगरों का भव्य सम्मान समारोह शुरू होने को तैयार!

रॉकेट पोस्ट भारत | पीलीभीत | 06 दिसंबर 2025

 “हाथ की मेहनत, मिट्टी की खुशबू… और भारत की असली पहचान!”

जब दुनिया मशीनों पर चल रही है, तब भी भारत अपने हाथों की कला से पहचाना जाता है।
इसी कला की चमक, इसी परंपरा की शक्ति और इसी मिट्टी की महक को सम्मान देने के लिए
पीलीभीत में 08 से 15 दिसंबर 2025 तक
अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह का आयोजन होने जा रहा है।

यह सिर्फ आयोजन नहीं…
देश की विरासत, कारीगरों की मेहनत और संस्कृति के संरक्षण का महापर्व है।
प्रशासन की पहल और शासन की मजबूत नीयत यह संदेश देती है कि—

“भारत की पहचान सिर्फ उद्योग नहीं, बल्कि हस्तशिल्प की जड़ों में है।”

कहाँ होगा आयोजन? कौन आयोजित कर रहा है?

अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह का आयोजन
कार्यालय – उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, पीलीभीत
द्वारा भव्य रूप से किया जाएगा।

यह आयोजन 8 दिन तक चलेगा और प्रतिदिन
कारीगरों के लिए अलग-अलग गतिविधियां, योजनाओं की जानकारी,
एग्ज़िबिशन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।

हस्तशिल्प सप्ताह में क्या-क्या मिलेगा?

सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी

इस सप्ताह के दौरान कारीगरों को उन सभी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी जो
हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने,
उत्पादों की मार्केटिंग,
लोन सुविधा,
कौशल विकास,
और राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराने पर केंद्रित हैं।

योजनाओं में शामिल हो सकते हैं:

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

हस्तशिल्प मार्केटिंग सहायता योजना

ओडीओपी (One District One Product) कार्यक्रम

कारीगरों के लिए ट्रेनिंग एंड डिज़ाइन अपग्रेडेशन योजना

डिजिटल प्रमोशन व एक्सपोर्ट सपोर्ट योजना

कारीगरों से अपील — “आप ही भारत का असली ब्रांड हैं!”

जिला उद्योग प्रोत्साहन कार्यालय ने सभी सम्मानित हस्तशिल्पियों से अनुरोध किया है कि
वे इस महत्वपूर्ण सप्ताह में अधिक से अधिक भागीदारी करें।

यह सप्ताह सिर्फ जानकारी पाने का मौका नहीं,
बल्कि अपनी कला को पहचान दिलाने,
नए अवसर लेने और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का
अद्भुत सुनहरा अवसर है।

अधिक जानकारी कहाँ से लें?

किसी भी कार्यदिवस में नीचे दिए गए अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है—

शिवराम सिंह

कनिष्ठ सहायक
जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, पीलीभीत
मोबाइल: 8449133298

हस्तशिल्प सप्ताह क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत की सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण

हर कारीगर अपने हाथों से सिर्फ एक उत्पाद नहीं बनाता,
बल्कि अपनी संस्कृति और परंपरा का एक टुकड़ा गढ़ता है।

रोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम

हस्तशिल्प उद्योग ग्रामीण भारत की रीढ़ है।
यह लाखों परिवारों को रोजगार देता है।

 सरकार की “आत्मनिर्भर भारत” नीति को मजबूत करता है

हैंडमेड उत्पादों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि कारीगरों को
डिजिटल मार्केट, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म,
और बड़े बाजारों से जोड़ा जाए।

 युवाओं को नई दिशा मिलती है

हस्तशिल्प सप्ताह में अक्सर
युवा कलाकारों को डिज़ाइन अपग्रेडेशन, कौशल प्रशिक्षण
और उद्यमिता के प्रति प्रेरित किया जाता है।

पीलीभीत तैयार है… क्या आप तैयार हैं?

8 से 15 दिसंबर तक चलने वाला यह आयोजन
सिर्फ प्रदर्शनी नहीं,
बल्कि कारीगरों के भविष्य का नया अध्याय है।

सरकार और प्रशासन ने मिलकर यह साफ संदेश दिया है कि—
“हस्तशिल्प केवल कला नहीं, बल्कि राष्ट्र की आर्थिक ताकत है।”

इस बार पीलीभीत एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव का गवाह बनेगा।
अब बारी है कारीगरों की—
अपनी कला, अपने हुनर, अपनी मिट्टी के रंग
और अपनी पहचान को एक नई उड़ान देने की!