3

Recent News

Foldable iPhone का पूरा डिजाइन लीक - ऐसे फीचर्स जो आपके होश दें, सितंबर में इस प्राइस पर हो सकता है लॉन्च
पीलीभीत में बड़ा खाद घोटाला: बिना मांग यूरिया-डीएपी की भारी बिक्री, एक किसान को 30-33 बैग तक खाद, प्रशासन ने लाइसेंस निलंबित

पीलीभीत में  बड़े खाद घोटाले की अशंका! नियमों को ताक पर रखकर यूरिया-डीएपी की जमकर बिक्री, प्रशासन सख्त जनपद पीलीभीत…

BLA Attack Video: बलोचों ने अपनाया ईरानी तरीका! पाकिस्तान को समुद्र में घेरकर मारना शुरू, खुद डाला वीडियो

BLA Attack Video: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात और ज्यादा बिगड़ते नजर आ रहे हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA)…

महोबा में प्यार, धोखा और बदले की खौफनाक कहानी! प्रेमिका की शादी की खबर सुनते ही प्रेमी ने उठाया ऐसा कदम, जिसने हर किसी को हिला दिया…

 मोहब्बत का खौफनाक अंत: बेवफाई, बर्बादी और फिर बेरहमी से कत्ल! महोबा की शांत फिजाओं को उस वक्त दहला देने…

Video: हिन्दू एक्ट्रेस को जबरन Beef खिलाने की कोशिश, मना करने पर मुस्लिम एक्टर बोला - "BJP सपोर्टर हो क्या?"
3

Recent News

पीलीभीत में  बड़े खाद घोटाले की अशंका! नियमों को ताक पर रखकर यूरिया-डीएपी की जमकर बिक्री, प्रशासन सख्त जनपद पीलीभीत…

BLA Attack Video: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात और ज्यादा बिगड़ते नजर आ रहे हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA)…

 मोहब्बत का खौफनाक अंत: बेवफाई, बर्बादी और फिर बेरहमी से कत्ल! महोबा की शांत फिजाओं को उस वक्त दहला देने…

Breaking News

पीलीभीत: अब कोई दिव्यांग नहीं रहेगा सुविधा से वंचित, ये है DM का मेगा प्लान

पीलीभीत DM ज्ञानेंद्र सिंह का बड़ा कदम—दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, योजनाओं का लाभ, कम्बल-वितरण और मेगा सुविधा प्लान के साथ अनेकों सुविधा।

पीलीभीत: दिव्यांगजनों के लिए जिला प्रशासन का बड़ा कदम, 30+ लाभार्थियों का चिन्हांकन, कंबल–फल वितरण और योजनाओं का आश्वासन

पीलीभीत।
कड़ाके की सर्दी, शीतलहर का असर और समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग—दिव्यांगजन।
इन परिस्थितियों के बीच पीलीभीत प्रशासन ने मानवीयता का एक उल्लेखनीय उदाहरण पेश किया है, जिसका उद्देश्य है—
“दिव्यांगजनों को किसी भी अधिकार से वंचित न रहने देना।”

आज आदर्श जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र, पीलीभीत में आयोजित कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण चिन्हांकन शिविर ने न केवल राहत पहुँचाई बल्कि यह भी साबित किया कि सरकार और प्रशासन समावेशी समाज की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहे हैं।

30से अधिक  दिव्यांगजन हुए चिन्हित

शिविर में 30 से अधिक दिव्यांगजन विभिन्न श्रेणियों के कृत्रिम अंगों व सहायक उपकरणों के लिए चिन्हित किए गए।
इन उपकरणों में शामिल—
कृत्रिम पैर
व्हीलचेयर
 ट्राइसाइकिल
 बैसाखियाँ
 श्रवण यंत्र
 विशेष सहायक उपकरण
 दृष्टिबाधित उपकरण

प्रशासन का स्पष्ट संदेश था—
“दिव्यांगजन हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं, और उन्हें सशक्त बनाना हमारा पहला दायित्व है।”

कंबल व फल वितरण कर दिया मानवीयता का संदेश

शिविर में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष संजय प्रताप सिंह तथा समाजसेवी महंत स्वामी हनुमानदास शामिल रहे।
तीनों गणमान्यों द्वारा दिव्यांगजनों को—
 गर्म रखने के लिए कंबल
स्वास्थ्य के लिए फल
वितरित किए गए।

इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा—

“जनपद के हर दिव्यांगजन को आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित नहीं रहेगा।”

बुनियादी सुविधाओं का पूरा प्रबंध—सम्मान और सुविधा दोनों का ध्यान

शिविर में पहुँचे दिव्यांगजनों के लिए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की—
शुद्ध पेयजल
 नाश्ता व चाय
 बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था
 व्हीलचेयर/सपोर्ट स्टाफ
ताकि किसी को भी ठंड या असुविधा का सामना न करना पड़े।

यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि कार्यक्रम औपचारिकता नहीं—बल्कि संवेदनशीलता के साथ आयोजित किया गया था।

सरकार की मंशा—दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना

राज्य एवं केंद्र सरकार लगातार इस लक्ष्य पर काम कर रही है कि—
“दिव्यांगजन सिर्फ लाभार्थी नहीं… बल्कि समाज के सक्रिय और सशक्त सदस्य बनें।”

इस शिविर के माध्यम से—
सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई
पात्रता का सत्यापन किया गया
 लाभ जल्द से जल्द पहुंचाने की प्रक्रिया तेज की गई

सशक्त समाज की ओर कदम—पीलीभीत एक मॉडल के रूप में उभरता हुआ

दिव्यांग पुनर्वास से जुड़े अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासन की संयुक्त उपस्थिति ने इस संदेश को और मजबूत किया कि—
पीलीभीत प्रशासन किसी भी जरूरतमंद को अकेला नहीं छोड़ेगा।

कार्यक्रम में—
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी
 अनेक विभागीय अधिकारी
 नगर पालिका प्रतिनिधि
 स्थानीय स्वयंसेवक
भी मौजूद रहे।

यह खबर सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि संदेश है—
पीलीभीत में शासन–प्रशासन ‘समावेशी विकास’ के सिद्धांत पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है।
जहाँ दिव्यांगजन “भुगतानकारी” नहीं, बल्कि “अधिकारधारी” माने जाते हैं।