उत्तर प्रदेश का तराई क्षेत्र हमेशा से खेती के लिए जाना जाता रहा है और इसी तराई का अहम जिला है पीलीभीत। गन्ना, धान और गेहूं की मजबूत पैदावार के कारण पीलीभीत न सिर्फ प्रदेश बल्कि देश की कृषि अर्थव्यवस्था में भी अहम योगदान देता है। अब इसी जिले से जुड़ी एक अच्छी और बड़ी खबर सामने आई है, जो किसानों की आमदनी बढ़ाने और जिले को नई पहचान दिलाने वाली है।
👉 पीलीभीत में बासमती सीड प्रोसेसिंग फैसेलिटी सेंटर को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
पीलीभीत की खेती क्यों है खास
पीलीभीत जिले का करीब 65 से 70 प्रतिशत क्षेत्र खेती योग्य है। तराई की उपजाऊ मिट्टी और पर्याप्त पानी की उपलब्धता यहां की खेती को मजबूत बनाती है।
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जिले में लगभग 2.5 से 3 लाख किसान खेती से जुड़े हैं
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करीब 1.40 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती होती है
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गन्ना और धान जिले की मुख्य फसलें हैं
गन्ना उत्पादन में पीलीभीत की बड़ी भूमिका
पीलीभीत उत्तर प्रदेश के टॉप गन्ना उत्पादक जिलों में शामिल है।
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यूपी के कुल गन्ना उत्पादन का लगभग 2.5–3 प्रतिशत हिस्सा
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सालाना उत्पादन 180 से 220 लाख क्विंटल के आसपास
यही कारण है कि पीलीभीत को तराई का शुगर बेल्ट भी कहा जाता है।
धान और गेहूं से भी मजबूत पहचान
धान उत्पादन में भी पीलीभीत का नाम आगे है।
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यूपी के कुल धान उत्पादन में 1.5–2 प्रतिशत योगदान
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रबी सीजन में गेहूं की अच्छी पैदावार
खेती जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इससे जुड़े उद्योग भी हजारों लोगों को रोजगार देते हैं।
अब बासमती से महकेगा पीलीभीत
पीलीभीत पहले से ही बासमती जोन घोषित 26 जिलों में शामिल है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में रोग, कीट और सही दाम न मिलने के कारण बासमती की खेती सिमटती चली गई।
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जिले में अभी 5 से 6 हजार हेक्टेयर में ही बासमती की खेती
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जबकि पहले इसका रकबा कहीं अधिक था
इसी समस्या को देखते हुए लंबे समय से बासमती को बढ़ावा देने की मांग उठ रही थी।
कैबिनेट की मंजूरी: बासमती सीड प्रोसेसिंग सेंटर
अब इस दिशा में बड़ी सफलता मिली है।
टांडा बिजैसी (न्यूरिया थाना क्षेत्र) में
👉 बासमती सीड प्रोसेसिंग फैसेलिटी सेंटर को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
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करीब 6 हेक्टेयर क्षेत्र में निर्माण
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राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र में स्थापित होगा
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यहां उन्नत और शुद्ध बासमती बीज तैयार किए जाएंगे
किसानों को क्या होगा फायदा
इस सेंटर के बनने से किसानों को कई तरह के फायदे मिलेंगे—
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उन्नत बीज आसानी से मिलेगा
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बासमती की पैदावार बढ़ेगी
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गुणवत्ता सुधरने से निर्यात के मौके बढ़ेंगे
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किसानों को उचित दाम मिलने की संभावना
इससे पीलीभीत का बासमती चावल देश ही नहीं, विदेशों तक महकेगा।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
कृषि अधिकारी ने बताया कि—
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जमीन चिन्हित कर ली गई है
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जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा
यह परियोजना पीलीभीत के किसानों की आय बढ़ाने और जिले को कृषि के नक्शे पर और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
पीलीभीत की खेती को नई उड़ान
गन्ना और धान से पहले ही मजबूत पीलीभीत अब बासमती चावल के जरिए नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है।
👉 बासमती सीड प्रोसेसिंग सेंटर न सिर्फ खेती को मजबूती देगा, बल्कि जिले के किसानों के भविष्य को भी संवारने वाला साबित होगा।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).