Iran War: जब अमेरिका पहले से ही मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव से जूझ रहा है, उसी बीच North Korea की नई सैन्य गतिविधि ने अमेरिका की चिंताएँ और बढ़ा दी हैं। उत्तर कोरिया ने शनिवार को अपने पूर्वी तट से 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसकी पुष्टि South Korea और Japan ने की है।
इस घटना को ऐसे समय में हुआ कदम माना जा रहा है जब United States पहले से ही मिडिल-ईस्ट में चल रहे संघर्ष, खासकर Iran से जुड़े तनाव से जूझ रहा है। ऐसे में Kim Jong Un की सक्रियता अमेरिका के लिए बड़ा सर दर्द माना जा रहा है।
10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की पुष्टि
दक्षिण कोरिया की सेना और जापान सरकार ने पुष्टि की है कि उत्तर कोरिया ने कुल 10 बैलिस्टिक मिसाइलें समुद्र की दिशा में दागी हैं।
बताया गया है कि ये मिसाइलें पहले ही समुद्र में गिर चुकी हैं। हालांकि इस कदम को उत्तर कोरिया द्वारा अपनी सैन्य ताकत दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
इससे पहले भी उत्तर कोरिया 27 जनवरी को पूर्वी सागर की दिशा में कई छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर चुका है।
सुनसान इलाके से लॉन्च का पता चला
दक्षिण कोरिया के सैन्य संगठन Joint Chiefs of Staff (JCS) ने बताया कि शनिवार दोपहर लगभग 1:20 बजे मिसाइल लॉन्च का पता चला।
जेसीएस के अनुसार ये मिसाइलें उत्तर कोरिया के एक सुनसान इलाके से दागी गई थीं।
यह इस साल उत्तर कोरिया की ओर से किया गया तीसरा बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण बताया जा रहा है।
साउथ कोरिया और अमेरिका अलर्ट मोड में
दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा है कि वह पूरी तरह से सतर्क है और मिसाइल से जुड़ी जानकारी अमेरिका और जापान के साथ साझा कर रही है।
सैन्य अधिकारियों के मुताबिक किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए अतिरिक्त मिसाइल लॉन्च की संभावना पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
जापान सरकार भी सतर्क
जापान सरकार ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है।
जापान के कोस्ट गार्ड के मुताबिक उत्तर कोरिया द्वारा दागी गई संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइलें समुद्र में गिर चुकी हैं, लेकिन सरकार पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
‘फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास से जुड़ा तनाव
यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब South Korea और United States अपना वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास Freedom Shield कर रहे हैं।
उत्तर कोरिया लंबे समय से इन अभ्यासों का विरोध करता रहा है और उन्हें युद्ध की तैयारी करार देता है। इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल लॉन्च उसी के जवाब में सैन्य ताकत का प्रदर्शन हो सकता है।
अमेरिका के लिए क्यों बढ़ रहा खतरा?
अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच तनाव की जड़ें 1950 के दशक के Korean War से जुड़ी हैं। युद्ध में अमेरिका ने दक्षिण कोरिया का साथ दिया। उत्तर कोरिया को चीन और सोवियत संघ का समर्थन मिला।
1953 में युद्धविराम तो हो गया, लेकिन शांति समझौता कभी नहीं हुआ, इसलिए तकनीकी रूप से दोनों देश आज भी युद्ध की स्थिति में माने जाते हैं।
परमाणु हथियार बना सबसे बड़ा विवाद
अमेरिका और उत्तर कोरिया के रिश्तों में सबसे बड़ा मुद्दा न्यूक्लियर प्रोग्राम है।
उत्तर कोरिया ने कई बार परमाणु परीक्षण और बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण किए हैं। इससे अमेरिका को डर रहता है कि उत्तर कोरिया की मिसाइलें उसके सहयोगी देशों या भविष्य में अमेरिका तक भी पहुंच सकती हैं। ऊपर से दुनिया ये समझती है कि उत्तर कोरिया का मौजूदा तानाशाह Kim Jong Un परमाणु बम इस्तेमाल करने में जरा भी नहीं कतराएगा, जो की एक हद्द तक सही भी है।
इसी वजह से अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं।
अमेरिका के लिए बड़ी मुसीबत
कुल मिलाकर अमेरिका फिलहाल कई फ्रंट पर लड़ाइयों में जूझ रहा है। चाहे वो हमास और इजराइल की लड़ाई हो, रूस – यूक्रेन की लड़ाई हो, या फिर मिडिल ईस्ट में ईरान से चल रहा युद्ध हो, ऐसे में उत्तर कोरिया जैसे खतरे से निपटने में अमेरिका को भी लेने के देने पड़ सकते हैं। खास बात ये है कि अभी तक अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा माने जाने वाले देश जैसे चीन अभी तक किसी भी युद्ध में सीधे तौर पर शामिल नहीं हुए हैं। लेकिन उत्तर कोरिया से जंग हुई तो कुछ कहा नहीं जा सकता।
Iran War: अब इस स्तिथि के लिए अमेरिका कितना तैयार है, ये तो भविष्य ही बताएगा !