UP News: उत्तर प्रदेश के Varanasi में डॉ. अंबेडकर के पोस्टर और झंडे जलाने के विवाद ने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया। दलित समाज के लोगों के विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम, लाठीचार्ज और पथराव की घटनाएं हुईं, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पोस्टर-झंडे जलाने से शुरू हुआ विवाद
मामला चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव का है, जहां अंबेडकर जयंती के मौके पर दलित समाज ने पोस्टर और झंडे लगाए थे।
आरोप है कि कुछ लोगों ने इन पोस्टरों और झंडों को फाड़कर जला दिया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
पुलिस कार्रवाई से भड़का गुस्सा
दलित समाज का आरोप है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए दूसरे पक्ष की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली।
इसी से नाराज होकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
गुस्साए लोगों ने शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे बाबतपुर-चौबेपुर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया।
जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने।
लाठीचार्ज के बाद पथराव
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाने की कोशिश की।
इससे नाराज लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
कई पुलिसकर्मी घायल
पथराव में सारनाथ के एसीपी विदुष सक्सेना का सिर फट गया।
इसके अलावा चोलापुर थाने के दो दरोगा भी घायल हो गए हैं।
भारी पुलिस फोर्स तैनात
स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
- 4 आईपीएस अधिकारी
- 2 एसीपी
- 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद हैं
पुलिस का बयान
डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार के अनुसार,
चक्का जाम और धरना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
अंबेडकर जयंती से पहले बढ़ा तनाव
बताया जा रहा है कि 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती मनाने की तैयारी चल रही थी।
इसी दौरान झंडा लगाने को लेकर विवाद हुआ, जो धीरे-धीरे हिंसा में बदल गया।