Women Reservation: बसपा सुप्रीमो Mayawati ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ये पार्टियां सत्ता में रहते हुए SC-ST और OBC समाज के हितों को नजरअंदाज करती रही हैं, लेकिन अब राजनीतिक स्वार्थ के लिए इन वर्गों की महिलाओं की बात कर रही हैं।
कांग्रेस पर “रंग बदलने” का आरोप
मायावती ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से SC, ST और OBC समाज के मामलों में “गिरगिट की तरह रंग बदलती” रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस केंद्र की सत्ता में थी, तब उसने कभी भी इन वर्गों के आरक्षण को पूरी तरह लागू कराने की गंभीर कोशिश नहीं की।
मंडल कमीशन और 27% OBC आरक्षण का जिक्र
मायावती ने कहा कि OBC समाज को सरकारी नौकरी और शिक्षा में 27% आरक्षण देने की बात मंडल कमीशन की रिपोर्ट में थी, लेकिन कांग्रेस ने इसे लागू नहीं किया।
उन्होंने कहा कि आखिरकार यह आरक्षण V. P. Singh की सरकार में लागू हुआ, जिसमें बसपा के प्रयास भी अहम थे।
पिछड़े मुस्लिमों को OBC लाभ पर सपा पर निशाना
मायावती ने सपा पर आरोप लगाया कि यूपी में पिछड़े मुस्लिमों को OBC का लाभ देने के लिए 1994 में आई रिपोर्ट को लागू नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि बाद में बसपा सरकार ने 3 जून 1995 को इसे लागू किया।
“सत्ता में अलग, विपक्ष में अलग रुख”
मायावती ने कहा कि सपा और कांग्रेस दोनों पार्टियां सत्ता में रहते समय और विपक्ष में रहते समय अलग-अलग रवैया अपनाती हैं।
उन्होंने इसे “दोहरे चरित्र” वाली राजनीति बताया और लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
परिसीमन और महिला आरक्षण पर क्या कहा?
मायावती ने कहा कि अगर महिला आरक्षण को जल्दी लागू करना है, तो 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस आज सत्ता में होती, तो वह भी बीजेपी की तरह ही यही कदम उठाती।
“कोई भी पार्टी पूरी तरह गंभीर नहीं”
मायावती ने कहा कि देश में SC, ST, OBC और मुस्लिम समाज के हितों को लेकर कोई भी पार्टी पूरी तरह गंभीर नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि इन वर्गों को किसी भी राजनीतिक बहकावे में नहीं आना चाहिए।
“जो मिल रहा है, उसे स्वीकार करें”
उन्होंने सलाह दी कि महिला आरक्षण के तहत जो भी लाभ फिलहाल मिल रहा है, उसे स्वीकार करना चाहिए और भविष्य में बेहतर व्यवस्था की उम्मीद रखनी चाहिए।
साथ ही उन्होंने कहा कि समाज को खुद मजबूत और आत्मनिर्भर बनना होगा।