Richest Man: एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति की रेस में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब Gautam Adani ने Mukesh Ambani को पीछे छोड़ दिया है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अडाणी की नेटवर्थ अब अंबानी से ज्यादा हो गई है।
ब्लूमबर्ग इंडेक्स में अडाणी आगे, अंबानी पीछे
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के अनुसार, गौतम अडाणी की कुल संपत्ति 92.6 अरब डॉलर (करीब 8.59 लाख करोड़ रुपए) पहुंच गई है। वहीं मुकेश अंबानी की नेटवर्थ 90.8 अरब डॉलर (करीब 8.42 लाख करोड़ रुपए) रह गई है।
इस तरह अडाणी अब एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं।
ग्लोबल रैंकिंग में कौन कहां?
दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में Elon Musk अभी भी पहले नंबर पर हैं।
वहीं गौतम अडाणी 19वें स्थान पर और मुकेश अंबानी 20वें स्थान पर हैं।
2026 में किसकी संपत्ति बढ़ी, किसकी घटी?
साल 2026 की शुरुआत से अब तक दोनों उद्योगपतियों की संपत्ति में अलग-अलग रुझान देखने को मिले हैं:
गौतम अडाणी की संपत्ति में 8.1 अरब डॉलर (करीब 75.11 हजार करोड़ रुपए) का इजाफा हुआ है।
मुकेश अंबानी की संपत्ति में 16.9 अरब डॉलर (करीब 1.57 लाख करोड़ रुपए) की गिरावट आई है।
अडाणी ग्रुप के शेयरों में तेजी ने उनकी नेटवर्थ को मजबूत किया, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में उतार-चढ़ाव का असर अंबानी की संपत्ति पर पड़ा।
एक दिन में अडाणी की दौलत में बड़ा उछाल
हाल ही के कारोबारी सत्र में जहां सेंसेक्स 123 अंक गिरा, वहीं अडाणी ग्रुप के शेयरों में तेजी देखने को मिली।
महज एक दिन में गौतम अडाणी की संपत्ति 3.56 अरब डॉलर (करीब 33.01 हजार करोड़ रुपए) बढ़ गई।
वहीं, उसी दिन मुकेश अंबानी की संपत्ति में भी 7.67 करोड़ डॉलर (करीब 71.14 हजार करोड़ रुपए) की बढ़ोतरी हुई, लेकिन यह अडाणी की तेजी के मुकाबले कम रही।
टॉप 3 अमीरों में कौन-कौन शामिल?
दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में टॉप 3 इस प्रकार हैं:
- एलन मस्क – 656 अरब डॉलर
- लैरी पेज – 286 अरब डॉलर
- जेफ बेजोस – 269 अरब डॉलर
इसके अलावा इस साल कई बड़े अरबपतियों जैसे बर्नार्ड अर्नाल्ट, बिल गेट्स और वॉरेन बफेट की संपत्ति में गिरावट दर्ज की गई है।
भारत के लिए क्या मायने रखती है ये रैंकिंग?
ग्लोबल टॉप-20 में भारत के दो उद्योगपतियों का शामिल होना देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।
अडाणी और अंबानी के बीच नंबर-1 की यह रेस लंबे समय से जारी है और शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ इसमें बदलाव होता रहता है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और पोर्ट सेक्टर में अडाणी ग्रुप के तेजी से विस्तार ने उनकी रैंकिंग सुधारने में अहम भूमिका निभाई है।