Breaking News: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi के खिलाफ FIR दर्ज करने के अपने ही आदेश पर रोक लगा दी है। यह मामला कथित दोहरी नागरिकता से जुड़ा है। कोर्ट के इस यू-टर्न के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है।
कोर्ट ने क्यों रोका अपना ही आदेश?
Allahabad High Court ने बताया कि:
- 17 अप्रैल को सुनवाई के बाद FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया था
- लेकिन आदेश टाइप होने से पहले जज ने दोबारा फैसला परखा
जस्टिस Subhash Vidyarthi ने पाया कि:
- 2014 के एक फैसले के मुताबिक
- ऐसे मामलों में प्रस्तावित आरोपी को नोटिस देना जरूरी है
इसलिए बिना नोटिस FIR का आदेश देना उचित नहीं माना गया
अब आगे क्या होगा?
- कोर्ट ने राहुल गांधी को नोटिस जारी करने की बात कही
- अगली सुनवाई की तारीख: 20 अप्रैल
यानी फिलहाल FIR दर्ज करने की प्रक्रिया पर रोक है
क्या है पूरा मामला?
यह याचिका कर्नाटक निवासी S Vignesh Shishir ने दायर की है।
उन्होंने आरोप लगाया:
- राहुल गांधी के पास कथित रूप से दोहरी नागरिकता है
- UK में वोटर होने के दस्तावेज मौजूद हैं
आरोप किन कानूनों के तहत:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS)
- आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम
- विदेशी अधिनियम
- पासपोर्ट अधिनियम
पहले क्या हुआ था?
- 28 जनवरी 2026: MP-MLA कोर्ट ने याचिका खारिज की
- कोर्ट ने कहा:
कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया
इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा
हाईकोर्ट का पहले आदेश क्या था?
17 अप्रैल को कोर्ट ने:
- FIR दर्ज करने का आदेश दिया
- मामले को CBI को सौंपने की बात कही
लेकिन अब उसी आदेश पर रोक लगा दी गई है
‘टॉप सीक्रेट’ फाइलें भी मांगी गई थीं
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने
Ministry of Home Affairs से:
- फॉरेनर्स डिवीजन की फाइलें मांगी थीं
- मंत्रालय ने दस्तावेज कोर्ट में पेश किए
सुप्रीम कोर्ट क्या कह चुका है?
2019 में Supreme Court of India ने इसी तरह की याचिका खारिज कर दी थी।
उस समय चीफ जस्टिस Ranjan Gogoi की बेंच ने कहा था:
“अगर किसी कंपनी के फॉर्म में किसी को ब्रिटिश नागरिक लिख दिया जाए, तो क्या वह नागरिक हो जाता है?”
कोर्ट ने साफ कहा था कि याचिका में कोई ठोस आधार नहीं है
अभी मामला खत्म नहीं
- FIR पर फिलहाल रोक है
- राहुल गांधी को नोटिस दिया जाएगा
- 20 अप्रैल को अगली सुनवाई
यानी मामला अभी खुला है और आगे की सुनवाई में बड़ा फैसला आ सकता है।