बड़ी खबर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक हाईप्रोफाइल मामला सामने आया है। शहर के चर्चित कारोबारी अतुल श्रीवास्तव के बेटे अम्बरीश श्रीवास्तव (40) की गोली लगने से मौत हो गई। शुरुआती जानकारी में इसे सुसाइड बताया जा रहा है, हालांकि परिवार इसे हादसा बता रहा है। पुलिस दोनों एंगल से जांच कर रही है।
फार्महाउस में खुद को मारी गोली
अम्बरीश शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे अपनी फॉर्च्यूनर कार से अकेले फार्महाउस पहुंचे। वहां मोबाइल पर किसी से बात करते हुए तीसरी मंजिल पर गए और सुबह 8:30 से 9 बजे के बीच खुद को गोली मार ली। गोली मुंह से बाहर निकली और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
परिवार का दावा: पिस्टल साफ करते वक्त चली गोली
जहां पुलिस इसे सुसाइड मानकर जांच कर रही है, वहीं परिवार का कहना है कि अम्बरीश अपनी लाइसेंसी पिस्टल साफ कर रहे थे, तभी गलती से गोली चल गई और यह हादसा हो गया।
CCTV में कैद हुई आखिरी मूवमेंट
पुलिस के अनुसार, फार्महाउस में लगे CCTV कैमरों में अम्बरीश अपनी गाड़ी से आते और छत की ओर जाते दिखाई दिए हैं। इसके बाद गोली चलने की आवाज आई।
पुलिस को भाई ने दी सूचना
एसपी सिटी निमिष पाटिल के मुताबिक, सुबह 9:30 बजे अम्बरीश के छोटे भाई नितिन श्रीवास्तव ने फोन कर घटना की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है।
घर से 10 किमी दूर जंगल में है फार्महाउस
अम्बरीश का घर सिविल लाइंस इलाके में है, जबकि उनका तीन मंजिला फार्महाउस कुसमी जंगल में करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है। घटना के वक्त वहां 3-4 कर्मचारी मौजूद थे, जिन्होंने गोली की आवाज सुनकर ऊपर पहुंचकर उन्हें खून से लथपथ पाया।
परिवार और कारोबार
अम्बरीश के पिता अतुल श्रीवास्तव शहर के बड़े कारोबारी हैं। उनका टेंट हाउस का बड़ा कारोबार है और वे श्री चित्रगुप्त मंदिर सभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
अम्बरीश खुद भी हाल ही में इसी सभा के महामंत्री चुने गए थे।
उन्होंने 2012 में दीपाली श्रीवास्तव से शादी की थी और उनके दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 10 और 8 साल है।
होटल और ठेकेदारी का भी काम
अम्बरीश टेंट हाउस के साथ-साथ ठेकेदारी का काम भी करते थे। गोरखपुर के तारामंडल रोड पर उनका “फाइव सेंसस” नाम से होटल, बैंक्वेट और रेस्टोरेंट भी है, जहां बड़े कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
ड्राइवर नहीं आया, खुद गाड़ी चलाकर पहुंचे
गुरुवार रात घर पर सोने के बाद शुक्रवार सुबह उन्होंने ड्राइवर को बुलाया था, लेकिन ड्राइवर नहीं आया। करीब एक घंटे घर में टहलने के बाद वह खुद ही फॉर्च्यूनर चलाकर फार्महाउस चले गए।
पोस्टमॉर्टम हाउस पर जुटे नेता और VVIP
घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। वहां कई नेता और वीआईपी पहुंचे, जिनमें भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह और विधायक प्रदीप शुक्ला भी शामिल रहे।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
पोस्टमॉर्टम के बाद जब शव घर लाया गया, तो अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों लोग पहुंचे। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).