Court Justice: मुजफ्फरनगर के चर्चित शेखर हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। उधार के 70 हजार रुपये मांगने पर किसान की बेरहमी से हत्या करने के मामले में दोषी महिला मुकेश उर्फ बिट्टो और उसके तीन बेटों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के इस फैसले के साथ ही जज की सख्त टिप्पणियां भी चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने समाज में गिरते मूल्यों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कोर्ट का फैसला: “फांसी पर तब तक लटकाया जाए…”
फैसला रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने सुनाया।
कोर्ट ने आदेश दिया कि दोषियों को “फांसी के फंदे पर तब तक लटकाया जाए, जब तक उनकी मृत्यु न हो जाए।”
साथ ही सभी दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
जज की टिप्पणी बनी चर्चा का केंद्र
फैसले में जज ने लिखा:
“आज की दुनिया में सबसे बड़ा अपराध किसी को पैसा उधार देना और फिर उसे वापस मांगना है।”
उन्होंने आगे कहा कि:
- पैसा मांगते ही व्यक्ति दुश्मन बन जाता है
- समाज में रिश्तों और भरोसे का पतन हो रहा है
यह टिप्पणी अब सोशल मीडिया और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।
क्या था पूरा मामला?
घटना 17 जून 2019 की है, जब:
- शेखर (49) अपने परिवार के साथ खेड़ी सूंडियान गांव पहुंचे
- वह रामकुमार उर्फ रामू से उधार दिए 70 हजार रुपये मांगने गए थे
पैसे मांगने पर विवाद बढ़ गया और:
- आरोपियों ने ईंट से हमला किया
- शेखर को घेरकर ईंटों और लाठी-डंडों से कूच-कूचकर हत्या कर दी
किन-किन को मिली सजा?
अदालत ने जिन लोगों को दोषी ठहराया:
- मुकेश उर्फ बिट्टो (मां)
- प्रदीप
- संदीप
- सोनू
एक अन्य आरोपी रामकुमार उर्फ रामू की पहले ही जेल में मौत हो चुकी है।
पहली बार महिला को फांसी की सजा
इस मामले में खास बात यह भी है कि:
मुजफ्फरनगर जिला अदालत से पहली बार किसी महिला को मृत्युदंड दिया गया है।
148 सुनवाई के बाद आया फैसला
इस केस में लंबी सुनवाई चली:
- कुल 148 तारीखें
- 7 गवाह
- 15 दस्तावेजी साक्ष्य
- 13 वस्तु साक्ष्य
इसके बाद 22 अप्रैल को दोष सिद्ध हुआ और अब सजा सुनाई गई।
पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया
वादी राजबाला वर्मा ने कहा:
“हमें अदालत पर भरोसा था, आज इंसाफ मिल गया।”
परिजनों का कहना है कि:
- बेटे की निर्मम हत्या हुई थी
- लंबी कानूनी लड़ाई के बाद न्याय मिला
कोर्ट का कड़ा संदेश
जज ने अपने फैसले में साफ कहा:
“दूसरों का जीवन लेने वालों को जीने का अधिकार नहीं।”
साथ ही चेतावनी दी कि:
- अगर ऐसे मामलों में कड़ी सजा नहीं दी गई
- तो अपराधियों के हौसले बढ़ेंगे