खेत तालाब योजना: जल संरक्षण के साथ किसानों की आय बढ़ाने का सुनहरा अवसर
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी है। कृषि विभाग द्वारा संचालित खेत तालाब योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। यह योजना न केवल वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा दे रही है, बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय अर्जित करने का बेहतरीन अवसर भी प्रदान कर रही है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना से किसान सिंचाई की समस्या से राहत पाने के साथ-साथ मत्स्य पालन और अन्य व्यवसायों के जरिए अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
” ड्रॉप मोर क्रॉप” के तहत संचालित हो रही योजना
भूमि संरक्षण अधिकारी ने बताया कि कृषि विभाग के भूमि संरक्षण अनुभाग द्वारा भारत सरकार की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” घटक के अंतर्गत “अदर इंटरवेंशन” उपघटक में खेत तालाब योजना संचालित की जा रही है। योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना तथा भूगर्भ जल स्तर में सुधार लाना है।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर ऑनलाइन टोकन के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय ₹1000 की टोकन मनी जमा करना अनिवार्य होगा। साथ ही, किसान का फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण होना भी आवश्यक है।
वर्षा जल संचयन से मिलेगा बड़ा लाभ
खेत तालाब योजना वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देती है। इससे न केवल खेतों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध रहेगा, बल्कि भूगर्भ जल स्तर को भी सुधारने में मदद मिलेगी। बदलते मौसम और जल संकट के दौर में यह योजना किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है।
तालाब से होगी बहुआयामी आय
किसान खेत तालाब का उपयोग केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रखेंगे। इसके माध्यम से वे—
- मछली पालन
- सिंघाड़ा उत्पादन
- मखाना की खेती
- कमल गट्टा उत्पादन
- मोती की खेती
जैसे लाभकारी व्यवसाय कर अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
तालाब का मानक आकार और लागत
योजनान्तर्गत प्रत्येक खेत तालाब का मानक आकार निर्धारित किया गया है—
- लंबाई: 22 मीटर
- चौड़ाई: 20 मीटर
- गहराई: 3 मीटर
एक तालाब की कुल लागत ₹1.05 लाख निर्धारित की गई है।
किसानों को मिलेगा ₹52,500 का अनुदान
सरकार किसानों को कुल लागत का 50 प्रतिशत यानी ₹52,500 अनुदान के रूप में डीबीटी के माध्यम से प्रदान करेगी। यह राशि दो किस्तों में दी जाएगी—
प्रथम किस्त
तालाब की खुदाई पूर्ण होने पर ₹39,375
द्वितीय किस्त
इनलेट एवं डिस्प्ले बोर्ड की स्थापना के बाद ₹13,125
पम्पसेट पर भी मिलेगा अनुदान
योजना के तहत किसान वाटर लिफ्टिंग डिवाइस (पम्पसेट) खरीदने पर भी 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम ₹15,000 तक का अतिरिक्त अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। शेष राशि किसान को स्वयं वहन करनी होगी।
चयन होगा “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर
किसानों का चयन पूरी तरह “पहले आओ, पहले पाओ” के सिद्धांत पर किया जाएगा। ऐसे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने पिछले सात वर्षों में कृषि या उद्यान विभाग से सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित कराई हो और वह वर्तमान में संचालित हो।
दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य
टोकन कन्फर्म होने के बाद किसानों को 10 दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। इनमें शामिल हैं—
- खतौनी
- शपथ पत्र
- खेत की फोटो
- अन्य आवश्यक अभिलेख
निर्धारित समयावधि में दस्तावेज अपलोड न करने पर आवेदन स्वतः निरस्त हो जाएगा।
पीलीभीत को मिला 12 तालाबों का लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद पीलीभीत को कुल 12 खेत तालाबों का लक्ष्य आवंटित किया गया है। इनमें—
- 10 तालाब सामान्य वर्ग के लिए
- 02 तालाब अनुसूचित जाति वर्ग के लिए
निर्धारित किए गए हैं।
अधिक जानकारी के लिए यहां करें संपर्क
योजना से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए किसान भूमि संरक्षण अधिकारी, पीलीभीत से संपर्क कर सकते हैं।
- इं. कौशल किशोर
- मोबाइल नंबर: 7839882620
इसके अलावा किसान कार्यालय भूमि संरक्षण अधिकारी, पीलीभीत में भी संपर्क कर सकते हैं।
किसानों के लिए सुनहरा अवसर
खेत तालाब योजना जल संरक्षण, सिंचाई सुविधा और अतिरिक्त आय का बेहतरीन संगम है। यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इच्छुक किसान समय रहते आवेदन कर इस लाभकारी योजना का लाभ उठाएं।