Delhi Crime: दिल्ली पुलिस एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला किसी आम अपराधी का नहीं बल्कि खुद पुलिस विभाग में तैनात एक कांस्टेबल का है। दिल्ली पुलिस की 5वीं बटालियन में तैनात कांस्टेबल समय सिंह मीणा को 50 लाख रुपये की लूट के मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पहले भी कई संगीन मामलों में शामिल रह चुका है। उसके खिलाफ पहले से आपराधिक केस दर्ज होने के बावजूद वह नौकरी में बना रहा, जिस पर अब सवाल उठ रहे हैं।
50 लाख की लूट में गिरफ्तार हुआ कांस्टेबल
आरोपी कांस्टेबल का नाम समय सिंह मीणा बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 31 मार्च 2026 को 50 लाख रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
घटना के बाद उसके साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे, लेकिन समय सिंह फरार चल रहा था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और CCTV फुटेज की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस की और आखिरकार राजस्थान के दौसा से उसे गिरफ्तार कर लिया।
पहले भी 25 लाख की लूट में हो चुका गिरफ्तार
सूत्रों के अनुसार समय सिंह मीणा का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। वह इससे पहले 25 लाख रुपये की लूट के मामले में भी गिरफ्तार हो चुका था।
इसके अलावा उसके खिलाफ सराय रोहिल्ला और चांदनी महल थाना क्षेत्रों में भी गंभीर मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। बावजूद इसके वह दिल्ली पुलिस में सक्रिय ड्यूटी कर रहा था।
कैसे दिया गया वारदात को अंजाम?
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से बड़ी रकम को निशाना बनाता था।
31 मार्च की शाम करीब 5:45 बजे उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए और पुलिस को लंबे समय तक चकमा देते रहे।
गुजरात के कारोबारी से छीना था पैसों से भरा बैग
शिकायतकर्ता राणा महेपाल सिंह गुजरात के महेसाणा का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि वह अपने साथी मोहन लाल के साथ चांदनी चौक इलाके से लौट रहा था।
उनके पास एक बैग था जिसमें लाखों रुपये नकद, कपड़े और अन्य सामान रखा हुआ था।
पीड़ित के अनुसार जैसे ही वे आजाद मार्केट चौक के पास रेलवे अंडरपास पहुंचे, तभी बाइक सवार दो युवकों ने उनकी स्कूटी रोक ली।
हेलमेट पहनकर आए थे आरोपी
पीड़ित ने बताया कि बाइक से उतरे एक आरोपी ने धक्का-मुक्की करते हुए बैग छीन लिया। दोनों आरोपियों ने हेलमेट पहन रखा था, जिससे उनका चेहरा साफ दिखाई नहीं दिया।
वारदात के बाद आरोपी तेजी से मौके से फरार हो गए।
CCTV और सर्विलांस से पकड़ा गया आरोपी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। CCTV फुटेज खंगाले गए और तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपियों की पहचान की गई।
धीरे-धीरे पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और आखिर में मुख्य आरोपी कांस्टेबल समय सिंह मीणा भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
दिल्ली पुलिस की साख पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि जब पहले से आरोपी के खिलाफ कई केस दर्ज थे, तो उसके खिलाफ समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
हाल ही में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल में तैनात एक हेड कांस्टेबल पर मजदूर की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगा था। अब इस नए मामले ने विभाग की छवि को और नुकसान पहुंचाया है।