Crime News: राजस्थान के टोंक जिले में एक पुलिस कॉन्स्टेबल की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया है। कॉन्स्टेबल भागचंद सैनी का शव सुनसान इलाके में खून से लथपथ हालत में मिला। शरीर पर धारदार हथियार से हमले के निशान मिले हैं। परिजनों ने बजरी माफिया पर हत्या का आरोप लगाया है। घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और इलाके में भारी तनाव का माहौल है।
सुनसान इलाके में मिला कॉन्स्टेबल का शव
मामला टोंक जिले के बनेठा थाना क्षेत्र के उनियारा इलाके का है। रविवार सुबह करीब 8 बजे ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी कि एक पुलिसकर्मी का शव सड़क किनारे पड़ा हुआ है।
मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि कॉन्स्टेबल भागचंद सैनी का शव लहूलुहान हालत में पड़ा था। पास में उनकी पुलिस बाइक भी मिली।
चेहरे, गर्दन और सीने पर मिले चोट के निशान
बनेठा थाना प्रभारी भागीरथ चौधरी के मुताबिक कॉन्स्टेबल भागचंद ड्यूटी पर थे और रात करीब 12 बजे गश्त के लिए निकले थे।
सुबह उनका शव मिला, जिस पर चेहरे, गर्दन और सीने पर धारदार हथियार से हमले के निशान पाए गए।
पिता बेटे का शव देखकर बेसुध हुए
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के पिता और पूर्व पार्षद कालू लाल सैनी मौके पर पहुंचे। बेटे का शव देखकर वह बेसुध हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला।
परिजनों ने आरोप लगाया कि भागचंद की हत्या बजरी माफिया ने की है।
“यह साफ हत्या का मामला” – पूर्व विधायक
घटनास्थल पर पहुंचे पूर्व विधायक Ajit Singh Mehta ने कहा कि शरीर पर गंभीर घाव हैं और यह साफ तौर पर हत्या का मामला लगता है।
उन्होंने कहा—
“मर्डर कहीं और किया गया है, इसके बाद शव यहां फेंका गया है। अधिकारियों से बात हुई तो प्रथम दृष्टया बजरी माफिया का कनेक्शन सामने आ रहा है। टोंक में अगर पुलिस ही सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी का क्या होगा।”
मौके पर पहुंचे बड़े अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही टोंक एसपी Rajesh Meena, एएसपी रतनलाल भार्गव और डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा मौके पर पहुंचे। FSL टीम ने भी घटनास्थल से सबूत जुटाए।
एसपी राजेश मीणा ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द खुलासा किया जाएगा।
परिजनों ने शव उठाने से किया इनकार
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सआदत अस्पताल ले जाया गया, जहां परिजन धरने पर बैठ गए।
परिजनों ने एक करोड़ रुपए मुआवजा, सरकारी नौकरी और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। मांगें पूरी होने तक उन्होंने शव लेने से इनकार कर दिया।
प्रशासन से बनी सहमति
काफी देर बातचीत के बाद प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनी।
मृतक परिवार को 1 करोड़ 10 लाख रुपए से ज्यादा की आर्थिक सहायता, एक परिजन को सरकारी नौकरी और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार देने का आश्वासन दिया गया।
इसके बाद परिजन पोस्टमॉर्टम कराने पर राजी हुए।
21 महीने के बेटे के सिर से उठा पिता का साया
कॉन्स्टेबल भागचंद सैनी की उम्र 26 साल थी। उनकी शादी 21 अप्रैल 2022 को टीना के साथ हुई थी।
उनका 21 महीने का बेटा कार्तिक है। भागचंद 2018 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। परिवार में वह सबसे छोटे थे।
अस्पताल के बाहर जुटे कई नेता
घटना के बाद अस्पताल के बाहर कई राजनीतिक और सामाजिक नेता मौजूद रहे। इनमें पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, बीजेपी जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष गणेश माहुर और अन्य नेता शामिल रहे।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).