Punjab Blast: पंजाब के जालंधर और अमृतसर में हुए धमाकों के बाद अब मामला सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सियासी बयानबाजी का केंद्र बन गया है। एक तरफ जहां पंजाब पुलिस के DGP ने पाकिस्तान कनेक्शन की आशंका जताई है, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे चुनावी साजिश बताया। इसी बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला का बयान भी चर्चा में है, जिसने बहस को और तेज कर दिया है।
पूरी घटना विस्तार से
मंगलवार रात पंजाब में 3 घंटे के भीतर दो धमाके हुए:
जालंधर ब्लास्ट
- BSF हेडक्वार्टर के पास स्कूटी के पास धमाका
- IED इस्तेमाल की आशंका
- संदिग्ध युवक पैकेट रखकर फरार हुआ
- कोई हताहत नहीं
अमृतसर हमला
- आर्मी कैंप खासा के बाहर ग्रेनेड अटैक
- 2 नकाबपोश बाइक सवारों ने हमला किया
- दीवार से टकराकर धमाका
- टीन शेड और दीवार को नुकसान
दोनों घटनाओं के बाद पूरे पंजाब में हाई अलर्ट घोषित किया गया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान – चुनावी साजिश या सुरक्षा चूक?
सीएम भगवंत मान ने इन धमाकों को लेकर बड़ा आरोप लगाया:
- “ये छोटे-मोटे ब्लास्ट चुनावी तैयारी का हिस्सा हैं”
- “भाजपा डर का माहौल बनाकर वोट लेना चाहती है”
- “चुनाव वाले राज्यों में इस तरह की घटनाएं करवाई जाती हैं”
उन्होंने अपना जालंधर दौरा भी टाल दिया, जो इस घटना की गंभीरता को दिखाता है।
DGP गौरव यादव का बयान
मुख्यमंत्री भगवंत मान जहां भाजपा पर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं, वहीं उन्ही की पुलिस के DGP ने हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने की आशंका जताई है।
पंजाब पुलिस के DGP ने कहा:
- दोनों घटनाओं में IED/ब्लास्ट की पुष्टि
- टाइमर या रिमोट से धमाका संभव
- पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों का हाथ होने की आशंका
- “ऑपरेशन सिंदूर” की एनिवर्सरी भी एक संभावित कारण
हैरानी की बात यही है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान राज्य की अपनी पुलिस के आधिकारिक रुख से अलग है।
एक ही घटना पर मुख्यमंत्री और पुलिस के अलग-अलग बयान सामने आना कई सवाल खड़े करता है—
- क्या जांच की दिशा और राजनीतिक बयान अलग-अलग चल रहे हैं?
- क्या यह सुरक्षा मुद्दे पर narrative conflict है?
यही अंतर इस पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना देता है।
Punjab CM Bhagwant Mann alleged that the incidents like explosions are part of BJP’s “preparation” ahead of elections in the state.
“Wherever BJP contests elections, they first create unrest through riots, small blasts and division in the name of religion and caste,” he said. pic.twitter.com/2wTA6wosgg
— Akash Sharma (@kaidensharmaa) May 6, 2026
फारूक अब्दुल्ला का बयान – “हिंदुस्तान में धमाके होते रहते हैं”
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने इस मामले पर कहा:
“हिंदुस्तान में धमाके होते रहते हैं, इसमें कौन सी नई बात है?”
यह बयान अमृतसर और जालंधर धमाकों के बाद मीडिया के सवाल पर दिया गया।
इस बयान से क्यों भड़का विवाद?
- बयान को संवेदनशीलता की कमी के तौर पर देखा जा रहा है
- सोशल मीडिया पर यह तेजी से वायरल हुआ
- कई लोग इसे पीड़ितों और सुरक्षा मुद्दों को हल्के में लेने जैसा बता रहे हैं