पीलीभीत रेल कनेक्टिविटी को मिली नई रफ्तार: कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस से बदलेगी तराई की तस्वीर
पीलीभीत। वर्षों से जिस रेल सेवा का इंतजार पीलीभीत, पूरनपुर, मैलानी और आसपास के लाखों यात्री कर रहे थे, वह आखिरकार पूरा हो गया। 26 जुलाई 2026 से 15312/15311 कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस का नियमित संचालन शुरू हो रहा है। नई ट्रेन का शुभारंभ केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री एवं पीलीभीत सांसद जितिन प्रसाद पूरनपुर रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर करेंगे। इस नई रेल सेवा को पूरे पीलीभीत संसदीय क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
नई ट्रेन शुरू होने से न केवल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा और पर्यटन के क्षेत्र में भी नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। लंबे समय से क्षेत्र की जनता, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों द्वारा इस रेल सेवा की मांग की जा रही थी, जिसे अब रेल मंत्रालय ने मंजूरी देकर धरातल पर उतार दिया है।
वर्षों का इंतजार हुआ खत्म
ब्रॉडगेज लाइन बनने के बाद से ही पीलीभीत और पूरनपुर क्षेत्र के लोग लखनऊ के लिए एक सुविधाजनक ट्रेन सेवा की मांग कर रहे थे। वर्तमान में यात्रियों को सीमित विकल्पों के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस शुरू होने से पीलीभीत, पूरनपुर, मैलानी, सीतापुर और लखनऊ के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।
26 जुलाई को होगा ऐतिहासिक शुभारंभ
26 जुलाई को पूरनपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद जितिन प्रसाद नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। रेलवे अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, रेलवे अधिकारियों और आम लोगों के मौजूद रहने की संभावना है।
जितिन प्रसाद ने दी क्षेत्रवासियों को बधाई
नई रेल सेवा की जानकारी देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि रेल मंत्रालय द्वारा स्वीकृत यह ट्रेन पीलीभीत और पूरनपुर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात है। उन्होंने कहा कि यह सेवा क्षेत्र के व्यापारियों, छात्रों, किसानों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। इससे प्रदेश की राजधानी तक आवागमन पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक बनेगा।
उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का भी आभार व्यक्त किया तथा कहा कि केंद्र सरकार लगातार उत्तर प्रदेश के रेल नेटवर्क को मजबूत करने का कार्य कर रही है।
रेल विकास का नया अध्याय
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यह केवल एक नई ट्रेन की शुरुआत नहीं, बल्कि पूरे पीलीभीत संसदीय क्षेत्र के रेल विकास का नया अध्याय है। नई सेवा से स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी, छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी तथा मरीजों को लखनऊ सहित बड़े शहरों तक पहुंचने में आसानी होगी।
रेल विशेषज्ञों का भी मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास की आधारशिला होती है। नई ट्रेन से तराई क्षेत्र के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
अफवाहों पर भी लगा विराम
नई ट्रेन के संचालन को लेकर पिछले कुछ समय से विभिन्न तरह की चर्चाएं चल रही थीं। हालांकि रेल मंत्रालय की स्वीकृति के बाद अब सभी संशय समाप्त हो गए हैं। 26 जुलाई से ट्रेन का नियमित संचालन शुरू होने के साथ ही क्षेत्रवासियों का वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने बताया ऐतिहासिक कदम
सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े कई लोगों ने इसे पीलीभीत के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि जनता ने जिस विश्वास के साथ अपने प्रतिनिधियों को चुना था, यह उपलब्धि उसी विश्वास पर खरा उतरने का उदाहरण है। लोगों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में पीलीभीत–बीसलपुर–शाहजहांपुर रेलखंड सहित अन्य रेल परियोजनाओं को भी गति मिलेगी।
नई ट्रेन का समय (प्रमुख स्टेशन)
15312 कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस
- कासगंज प्रस्थान – 04:20 बजे
- बदायूं – 05:20/05:25 बजे
- बरेली – 06:13/06:15 बजे
- इज्जतनगर – 06:35/06:37 बजे
- पीलीभीत – 07:35/07:40 बजे
- पूरनपुर – व्यावसायिक ठहराव
- मैलानी – 09:25/09:30 बजे
- सीतापुर – 10:50/10:52 बजे
- ऐशबाग आगमन – 13:00 बजे
15311 ऐशबाग–कासगंज एक्सप्रेस
- ऐशबाग प्रस्थान – 14:00 बजे
- सीतापुर – 15:18/15:20 बजे
- मैलानी – 17:15/17:25 बजे
- पूरनपुर – व्यावसायिक ठहराव
- पीलीभीत – 18:40/18:45 बजे
- इज्जतनगर – 19:33/19:35 बजे
- बरेली – 20:08/20:10 बजे
- बदायूं – 21:05/21:10 बजे
- कासगंज आगमन – 22:40 बजे
यात्रियों को होंगे कई बड़े लाभ
नई ट्रेन शुरू होने से पीलीभीत, पूरनपुर, मैलानी और आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को प्रतिदिन बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ आने-जाने में आसानी होगी। व्यापारियों के लिए व्यापारिक संपर्क मजबूत होंगे, जबकि मरीजों को राजधानी के बड़े अस्पतालों तक पहुंचने का बेहतर विकल्प मिलेगा। साथ ही धार्मिक, सामाजिक और पर्यटन यात्राओं को भी नई गति मिलेगी।
कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस का शुभारंभ केवल एक नई ट्रेन का संचालन नहीं, बल्कि तराई क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने का प्रतीक है। इससे पीलीभीत, पूरनपुर और आसपास के जिलों की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी और आम यात्रियों का सफर अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनेगा। 26 जुलाई 2026 का दिन क्षेत्र के रेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में याद किया जाएगा।